Psalms · chapter 33 · verse 18
Psalm 33:18 in Hindi
देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करूणा की आशा रखते हैं बनी रहती है,
Dekho, yahovaa kee drushti usake daravaiyom par aur un par jo usakee karoonaa kee aashaa rakhate haim banee rahatee hai,
Psalm 33:18 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, the eye of the LORD [is] upon them that fear him, upon them that hope in his mercy;
- World English Bible (WEB)
- Behold, the LORD’s eye is on those who fear him, on those who hope in his loving kindness,
- American Standard Version (ASV)
- Behold, the eye of Jehovah is upon them that fear him, Upon them that hope in his lovingkindness;
- Bible in Basic English (BBE)
- See, the eye of the Lord is on those in whose hearts is the fear of him, on those whose hope is in his mercy;
- Darby Translation (DBY)
- Behold, the eye of Jehovah is upon them that fear him, upon them that hope in his loving-kindness,
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, the eye of the LORD [is] upon them that fear him, upon them that hope in his mercy;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, the eye of Jehovah [is] to those fearing Him, To those waiting for His kindness,
Read in context
- 16कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता।
- 17बच निकलने के लिये घोड़ा व्यर्थ है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है।।
- 18देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करूणा की आशा रखते हैं बनी रहती है,
- 19कि वह उनके प्राण को मृत्यु से बचाए, और अकाल के समय उनको जीवित रखे।।
- 20हम यहोवा का आसरा देखते आए हैं; वह हमारा सहायक और हमारी ढाल ठहरा है।
Cross references
- 1 Peter 3:12 1 पतरस 3:12क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उस की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करनेवालों के विमुख रहता है।।
- Psalm 147:11 भजन संहिता 147:11यहोवा अपने डरवैयों ही से प्रसन्न होता है, अर्थात् उन से जो उसकी करूणा की आशा लगाए रहते हैं।।
- Job 36:7 अय्यूब 36:7वह धर्मियों से अपनी आंखें नहीं फेरता, वरन उनको राजाओं के संग सदा के लिये सिंहासन पर बैठाता है, और वे ऊंचे पद को प्राप्त करते हैं।
- Psalm 34:15–20 भजन संहिता 34:15–20यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। यहोवा बुराई करनेवालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले। धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको सब विपत्तियों से छुड़ाता है। यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्वार करता है।। धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्त यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है। वह उसकी हड्डी हड्डी की रक्षा करता है; और उन में से एक भी टूटने नहीं पाती।
- Hebrews 6:18 इब्रानियों 6:18ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Psalm 13:5 भजन संहिता 13:5परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा।
- Psalm 52:8 भजन संहिता 52:8परन्तु मैं तो परमेश्वर के भवन में हरे जलपाई के वृक्ष के समान हूं। मैं ने परमेश्वर की करूणा पर सदा सर्वदा के लिये भरोसा रखा है।
- Romans 4:4–8 रोमियों 4:4–8काम करनेवाले की मजदूरी देना दान नहीं, परन्तु हक्क समझा जाता है। परन्तु जो काम नहीं करता बरन भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है। जिसे परमेश्वर बिना कमों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है। कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए। धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।