Psalms · chapter 35 · verse 17
Psalm 35:17 in Hindi
हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्हों ने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिहों से मेरे प्राण को बचा ले!
He prabhu too kab tak dekhataa rahegaa? Is vipatti se, jis mem unhom ne mujhe daalaa hai mujh ko chhudaa! Javaan sihom se mere praan ko bachaa le!
Psalm 35:17 in English
- King James Version (KJV)
- Lord, how long wilt thou look on? rescue my soul from their destructions, my darling from the lions.
- World English Bible (WEB)
- Lord, how long will you look on? Rescue my soul from their destruction, my precious life from the lions.
- American Standard Version (ASV)
- Lord, how long wilt thou look on? Rescue my soul from their destructions, My darling from the lions.
- Bible in Basic English (BBE)
- Lord, how long will you be looking on? take my soul from their destruction, my life from the lions.
- Darby Translation (DBY)
- Lord, how long wilt thou look on? Rescue my soul from their destructions, my only one from the young lions.
- Webster's Bible (WBS)
- LORD, how long wilt thou look on? rescue my soul from their destructions, my darling from the lions.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lord, how long dost thou behold? Keep back my soul from their desolations, From young lions my only one.
Read in context
- 15परन्तु जब मैं लंगड़ाने लगा तब वे लोग आनन्दित होकर इकट्ठे हुए, नीच लोग और जिन्हें मैं जानता भी न था वे मेरे विरूद्व इकट्ठे हुए; वे मुझे लगातार फाड़ते रहे;
- 16उन पाखण्डी भांड़ों की नाई जो पेट के लिये उपहास करते हैं, वे भी मुझ पर दांत पीसते हैं।।
- 17हे प्रभु तू कब तक देखता रहेगा? इस विपत्ति से, जिस में उन्हों ने मुझे डाला है मुझ को छुड़ा! जवान सिहों से मेरे प्राण को बचा ले!
- 18मैं बड़ी सभा में तेरा धन्यवाद करूंगा; बहुतेरे लोगों के बीच में तेरी स्तुति करूंगा।।
- 19मेरे झूठ बोलनेवाले शत्रु मेरे विरूद्व आनन्द न करने पाएं, जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे आपस में नैन से सैन न करने पांए।
Cross references
- Habakkuk 1:13 हबक्कूक 1:13तेरी आंखें ऐसी शुद्ध हैं कि तू बुराई को देख ही नहीं सकता, और उत्पात को देखकर चुप नहीं रह सकता; फिर तू विश्वासघातियों को क्यों देखता रहता, और जब दुष्ट निर्दोष को निगल जाता है, तब तू क्यों चुप रहता है?
- Psalm 22:20–21 भजन संहिता 22:20–21मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगती सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।।
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Psalm 74:9–10 भजन संहिता 74:9–10हम को हमारे निशान नहीं देख पड़ते; अब कोई नबी नहीं रहा, न हमारे बीच कोई जानता है कि कब तक यह दशा रहेगी। हे परमेश्वर द्रोही कब तक नामधराई करता रहेगा? क्या शत्रु, तेरे नाम की निन्दा सदा करता रहेगा?
- Psalm 94:3–4 भजन संहिता 94:3–4हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे? वे बकते और ढ़िठाई की बातें बोलते हैं, सब अनर्थकारी बड़ाई मारते हैं।
- Psalm 89:46 भजन संहिता 89:46हे यहोवा तू कब तक लगातार मूंह फेरे रहेगा, तेरी जलजलाहट कब तक आग की नाईं भड़की रहेगी।।
- Psalm 10:14 भजन संहिता 10:14परमेश्वर को दुष्ट क्यों तुच्छ जानता है, और अपने मन में कहता है कि तू लेखा न लेगा?
- Psalm 6:3 भजन संहिता 6:3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?
- Psalm 142:6–7 भजन संहिता 142:6–7मेरी चिल्लाहट को ध्यान देकर सुन, क्योंकि मेरी बड़ी दुर्दशा हो गई है! जो मेरे पीछे पड़े हैं, उन से मुझे बचा ले; क्योंकि वे मुझ से अधिक सामर्थी हैं। मुझ को बन्दीगृह से निकाल कि मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूं! धर्मी लोग मेरे चारों ओर आएंगे; क्योंकि तू मेरा उपकार करेगा।।
- Psalm 69:14–15 भजन संहिता 69:14–15मुझ को दलदल में से उबार, कि मैं धंस न जाऊं; मैं अपने बैरियों से, और गहिरे जल में से बच जाऊं। मैं धारा में डूब न जाऊं, और न मैं गहिरे जल में डूब मरूं, और न पाताल का मुंह मेरे ऊपर बन्द हो।।
- Psalm 13:1–2 भजन संहिता 13:1–2हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?