Psalms · chapter 6 · verse 3
Psalm 6:3 in Hindi
मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?
Meraa praan bhee bahut khedit hai. Aur too, he yahovaa, kab tak?
Psalm 6:3 in English
- King James Version (KJV)
- My soul is also sore vexed: but thou, O LORD, how long?
- World English Bible (WEB)
- My soul is also in great anguish. But you, LORD—how long?
- American Standard Version (ASV)
- My soul also is sore troubled: And thou, O Jehovah, how long?
- Bible in Basic English (BBE)
- My soul is in bitter trouble; and you, O Lord, how long?
- Darby Translation (DBY)
- And my soul trembleth exceedingly: and thou, Jehovah, till how long?
- Webster's Bible (WBS)
- My soul is also greatly disquieted: but thou, O LORD, how long?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And my soul hath been troubled greatly, And Thou, O Jehovah, till when?
Read in context
- 1हे यहोवा, तू मुझे अपने क्रोध में न डांट, और न झुंझलाहट में मुझे ताड़ना दे।
- 2हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूं; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हडि्डयों में बेचैनी है।
- 3मेरा प्राण भी बहुत खेदित है। और तू, हे यहोवा, कब तक?
- 4लौट आ, हे यहोवा, और मेरे प्राण बचा अपनी करूणा के निमित्त मेरा उद्धार कर।
- 5क्योंकि मृत्यु के बाद तेरा स्मरण नहीं होता; अधोलोक में कौन तेरा धन्यवाद करेगा?
Cross references
- Psalm 90:13 भजन संहिता 90:13हे यहोवा लौट आ! कब तक? और अपने दासों पर तरस खा!
- John 12:27 यूहन्ना 12:27जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
- Luke 18:7 लूका 18:7सो क्या परमेश्र अपने चुने हुओं का न्याय न चुकाएगा, जो रात- दिन उस की दुहाई देते रहते; और क्या वह उन के विषय में देन करेगा?
- Psalm 42:5 भजन संहिता 42:5हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 13:1–2 भजन संहिता 13:1–2हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?
- Psalm 42:11 भजन संहिता 42:11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 77:2–3 भजन संहिता 77:2–3संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं। मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
- Proverbs 18:14 नीतिवचन 18:14रोग में मनुष्य अपनी आत्मा से सम्भलता है; परन्तु जब आत्मा हार जाती है तब इसे कौन सह सकता है?
- Psalm 77:7 भजन संहिता 77:7क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
- Psalm 22:14 भजन संहिता 22:14मैं जल की नाईं बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया।
- Matthew 26:38 मत्ती 26:38तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।
- Psalm 31:9–10 भजन संहिता 31:9–10हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गई।।