Psalms · chapter 35 · verse 4
Psalm 35:4 in Hindi
जो मेरे प्राण के ग्राहक हैं वे लज्जित और निरादर हों! जो मेरी हाति की कल्पना करते हैं, वह पीछे हटाए जाएं और उनका मुंह काला हो!
Jo mere praan ke graahak haim ve lajjit aur niraadar hom! Jo meree haati kee kalpanaa karate haim, vah peechhe hataae jaaem aur unakaa munh kaalaa ho!
Psalm 35:4 in English
- King James Version (KJV)
- Let them be confounded and put to shame that seek after my soul: let them be turned back and brought to confusion that devise my hurt.
- World English Bible (WEB)
- Let those who seek after my soul be disappointed and brought to dishonor. Let those who plot my ruin be turned back and confounded.
- American Standard Version (ASV)
- Let them be put to shame and brought to dishonor that seek after my soul: Let them be turned back and confounded that devise my hurt.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let them be overcome and put to shame who make attempts to take my soul; let those who would do me damage be turned back and made foolish.
- Darby Translation (DBY)
- Let them be put to shame and confounded that seek after my life; let them be turned backward and brought to confusion that devise my hurt:
- Webster's Bible (WBS)
- Let them be confounded and put to shame that seek after my soul: let them be turned back and brought to confusion that devise my hurt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They are ashamed and blush, those seeking my soul, Turned backward and confounded, Those devising my evil.
Read in context
- 2ढाल और भाला लेकर मेरी सहायता करने को खड़ा हो।
- 3बर्छी को खींच और मेरा पीछा करनेवालों के साम्हने आकर उनको रोक; और मुझ से कह, कि मैं तेरा उद्वार हूं।।
- 4जो मेरे प्राण के ग्राहक हैं वे लज्जित और निरादर हों! जो मेरी हाति की कल्पना करते हैं, वह पीछे हटाए जाएं और उनका मुंह काला हो!
- 5वे वायु से उड़ जानेवाली भूसी के समान हों, और यहोवा का दूत उन्हें हांकता जाए!
- 6उनका मार्ग अन्धियारा और फिसलाहा हो, और यहोवा का दूत उनको खदेड़ता जाए।।
Cross references
- Psalm 70:2–3 भजन संहिता 70:2–3जो मेरे प्राण के खोजी हैं, उनकी आशा टूटे, और मुंह काला हो जाए! जो मेरी हानि से प्रसन्न होते हैं, वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएं। जो कहते हैं, आहा, आहा, वे अपनी लज्जा के मारे उलटे फेरे जाएं।।
- Jeremiah 46:5 यिर्मयाह 46:5मैं क्यों उनको व्साकुल देखता हूँ? वे विस्मित होकर पीछे हट गए। उनके शूरवीर गिराए गए और उतावली करके भाग गए; वे पीछे देखते भी नहीं; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि चारों ओर भय ही भय हे!
- Psalm 35:26 भजन संहिता 35:26जो मेरी हाति से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरूद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं!
- Psalm 38:12 भजन संहिता 38:12मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिये जाल बिछाते हैं, और मेरी हाति के यत्न करनेवाले दुष्टता की बातें बोलते, और दिन भर छल की युक्ति सोचते हैं।
- Psalm 31:17–18 भजन संहिता 31:17–18हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें। जो अंहकार और अपमान से धर्मी की निन्दा करते हैं, उनके झूठ बोलनेवाले मुंह बन्द किए जाएं।।
- Psalm 129:5 भजन संहिता 129:5जितने सिरयोन से बैर रखते हैं, उन सभों की आशा टूटे, ओर उनको पीछे हटना पड़े!
- Psalm 40:14–15 भजन संहिता 40:14–15जो मेरे प्राण की खोज में हैं, वे सब लज्जित हों; और उनके मुंह काले हों और वे पीछे हटाए और निरादर किए जाएं जो मेरी हाति से प्रसन्न होते हैं। जो मुझ से आहा, आहा, कहते हैं, वे अपनी लज्जा के मारे विस्मित हों।।
- Psalm 71:24 भजन संहिता 71:24और मैं तेरे धर्म की चर्चा दिन भर करता रहूंगा; क्योंकि जो मेरी हानि के अभिलाषी थे, उनकी आशा टूट गई और मुंह काले हो गए हैं।।
- 1 Samuel 23:23 1 शमूएल 23:23इसलिये जहां कहीं वह छिपा करता है उन सब स्थानों को देख देखकर पहिचानो, तब निश्चय करके मेरे पास लौट आना। और मैं तुम्हारे साथ चलूंगा, और यदि वह उस देश में कहीं भी हो, तो मैं उसे यहूदा के हजारों में से ढूंढ़ निकालूंगा।
- John 18:6 यूहन्ना 18:6उसके यह कहते ही, कि मैं हूं, वे पीछे हटकर भूमि पर गिर पड़े।
- Isaiah 37:29 यशायाह 37:29इस कारण कि तू मुझ पर अपना क्रोध भड़काता और तेरे अभिमान की बातें मेरे कानों में पड़ी हैं, मैं तेरी नाक में नकेल डालकर और तेरे मुंह में अपनी लगाम लगाकर जिस मार्ग से तू आया है उसी मार्ग से तुझे लौटा दूंगा।।
- Ezekiel 13:19 यहेजकेल 13:19तुम ने तो मुुट्ठी मुट्ठी भर जव और रोटी के टुकड़ों के बदले मुझे मेरी प्रजा की दृष्टि में अपवित्रा ठहराकर, और अपनी उन झूठी बातों के द्वारा, जो मेरी प्रजा के लोग तुम से सुनते हैं, जो नाश के योग्य न थे, उनको मार डाला; और जो बचने के योग्य न थे उन प्राणों को बचा रखा है।