Psalms · chapter 40 · verse 10
Psalm 40:10 in Hindi
मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी।।
Maim ne teraa dharm man hee mem naheem rakhaa; maim ne teree sachchaaee aur tere kie hue udhaar kee charchaa kee hai; maim ne teree karoonaa aur satyataa badee sabhaa se gupt naheem rakhee..
Psalm 40:10 in English
- King James Version (KJV)
- I have not hid thy righteousness within my heart; I have declared thy faithfulness and thy salvation: I have not concealed thy lovingkindness and thy truth from the great congregation.
- World English Bible (WEB)
- I have not hidden your righteousness within my heart. I have declared your faithfulness and your salvation. I have not concealed your loving kindness and your truth from the great assembly.
- American Standard Version (ASV)
- I have not hid thy righteousness within my heart; I have declared thy faithfulness and thy salvation; I have not concealed thy lovingkindness and thy truth from the great assembly.
- Bible in Basic English (BBE)
- Your righteousness has not been folded away in my heart; I have made clear your true word and your salvation; I have not kept secret your mercy or your faith from the great meeting.
- Darby Translation (DBY)
- I have not hidden thy righteousness within my heart; I have declared thy faithfulness and thy salvation: I have not concealed thy loving-kindness and thy truth from the great congregation.
- Webster's Bible (WBS)
- I have not hid thy righteousness within my heart; I have declared thy faithfulness and thy salvation: I have not concealed thy loving-kindness and thy truth from the great congregation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thy righteousness I have not concealed In the midst of my heart, Thy faithfulness and Thy salvation I have told, I have not hidden Thy kindness and Thy truth, To the great assembly.
Read in context
- 8हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- 9मैं ने बड़ी सभा में धर्म के शुभ समाचार का प्रचार किया है; देख, मैं ने अपना मुंह बन्द नहीं किया हे यहोवा, तू इसे जानता है।
- 10मैं ने तेरा धर्म मन ही में नहीं रखा; मैं ने तेरी सच्चाई और तेरे किए हुए उधार की चर्चा की है; मैं ने तेरी करूणा और सत्यता बड़ी सभा से गुप्त नहीं रखी।।
- 11हे यहोवा, तू भी अपनी बड़ी दया मुझ पर से न हटा ले, तेरी करूणा और सत्यता से निरन्तर मेरी रक्षा होती रहे!
- 12क्योंकि मैं अनगिनत बुराइयों से घिरा हुआ हूं; मेरे अधर्म के कामों ने मुझे आ पकड़ा और मैं दृष्टि नहीं उठा सकता; वे गिनती में मेरे सिर के बालों से भी अधिक हैं; इसलिये मेरा हृदय टूट गया।।
Cross references
- Romans 1:16–17 रोमियों 1:16–17क्योंकि मैं सुसमाचार से नहीं लजाता, इसलिये कि वह हर एक विश्वास करनेवाले के लिये, पहिले तो यहूदी, फिर यूनानी के लिये उद्धार के निमित्त परमेश्वर की सामर्थ है। क्योंकि उस में परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, कि विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।।
- Acts 20:20–21 प्रेरितों के काम 20:20–21और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका। बरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए।
- 1 Timothy 1:15 1 तीमुथियुस 1:15यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।
- Romans 10:9–10 रोमियों 10:9–10कि यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा। क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है।
- Luke 2:30–32 लूका 2:30–32क्योंकि मेरी आंखो ने तेरे उद्धार को देख लिया है। जिसे तू ने सब देशों के लोगों के साम्हने तैयार किया है। कि वह अन्य जतियों को प्रकाश देने के लिये ज्योति, और तेरे निज लोग इस्राएल की महिमा हो।
- 1 Thessalonians 1:8 1 थिस्सलुनीकियों 1:8क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।
- Acts 20:26–27 प्रेरितों के काम 20:26–27इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं। क्योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका।
- Luke 3:6 लूका 3:6और हर प्राणी परमेश्वर के उद्धार को देखेगा।।
- Micah 7:20 मीका 7:20तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से लेकर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है।।
- Psalm 25:10 भजन संहिता 25:10जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।।
- Psalm 89:1 भजन संहिता 89:1मैं यहोवा की सारी करूणा के विषय सदा गाता रहूंगा; मैं तेरी सच्चाई पीढ़ी पीढ़ी तक जताता रहूंगा।
Original words (Hebrew)
- hid · H3680כָּסָה kâçâh
- righteousness · H6666צְדָקָה tsᵉdâqâh
- within · H8432תָּוֶךְ tâvek
- heart · H3820לֵב lêb
- declared · H559אָמַר ʼâmar
- faithfulness · H530אֱמוּנָה ʼĕmûwnâh
- salvation · H8668תְּשׁוּעָה tᵉshûwʻâh
- concealed · H3582כָּחַד kâchad
- lovingkindness · H2617חֵסֵד chêçêd
- truth · H571אֶמֶת ʼemeth
- great · H7227רַב rab
- congregation · H6951קָהָל qâhâl