Psalms · chapter 41 · verse 2
Psalm 41:2 in Hindi
यहोवा उसकी रक्षा करके उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़।
Yahovaa usakee rakshaa karake usako jeevit rakhegaa, aur vah pruthvee par bhaagyavaan hogaa. Too usako shatruom kee ichchhaa par na chhod.
Psalm 41:2 in English
- King James Version (KJV)
- The LORD will preserve him, and keep him alive; [and] he shall be blessed upon the earth: and thou wilt not deliver him unto the will of his enemies.
- World English Bible (WEB)
- The LORD will preserve him, and keep him alive. He shall be blessed on the earth, and he will not surrender him to the will of his enemies.
- American Standard Version (ASV)
- Jehovah will preserve him, and keep him alive, And he shall be blessed upon the earth; And deliver not thou him unto the will of his enemies.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord will keep him safe, and give him life; the Lord will let him be a blessing on the earth, and will not give him into the hand of his haters.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah will preserve him, and keep him alive; he shall be made happy in the land; and thou wilt not deliver him to the will of his enemies.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD will preserve him, and keep him alive; [and] he shall be blessed upon the earth: and thou wilt not deliver him to the will of his enemies.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah doth preserve him and revive him, He is happy in the land, And Thou givest him not into the will of his enemies.
Read in context
- 1क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा।
- 2यहोवा उसकी रक्षा करके उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़।
- 3जब वह व्याधि के मारे सेज पर पड़ा हो, तब यहोवा उसे सम्भालेगा; तू रोग में उसके पूरे बिछौने को उलटकर ठीक करेगा।।
- 4मैं ने कहा, हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर; मुझ को चंगा कर, क्योंकि मैं ने तो तेरे विरूद्ध पाप किया है!
Cross references
- Jeremiah 45:4–5 यिर्मयाह 45:4–5तू यों कह, यहोवा यों कहता है, कि देख, इस सारे देश को जिसे मैं ने बनाया था, उसे मैं आप ढा दूंगा, और जिन को मैं ने रोपा था, उन्हें स्वयं उखाड़ फेंकूंगा। इसलिये सुन, क्या तू अपने लिये बड़ाई खोज रहा है? उसे मत खोज; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि मैं सारे मनुष्यों पर विपत्ति डालूंगा; परन्तु जहां कहीं तू जाएगा वहां मैं तेरा प्राण बचाकर तुझे जीवित रखूंगा।
- Psalm 27:12 भजन संहिता 27:12मुझ को मेरे सतानेवालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरूद्ध उठे हैं।।
- 1 Timothy 4:8 1 तीमुथियुस 4:8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
- Psalm 33:19 भजन संहिता 33:19कि वह उनके प्राण को मृत्यु से बचाए, और अकाल के समय उनको जीवित रखे।।
- Psalm 37:32–33 भजन संहिता 37:32–33दुष्ट धर्मी की ताक में रहता है। और उसके मार डालने का यत्न करता है। यहोवा उसको उसके हाथ में न छोड़ेगा, और जब उसका विचार किया जाए तब वह उसे दोषी न ठहराएगा।।
- Psalm 140:8–9 भजन संहिता 140:8–9हे यहोवा दुष्ट की इच्छा को पूरी न होने दे, उसकी बुरी युक्ति को सफल न कर, नहीं तो वह घमण्ड करेगा।। मेरे घेरनेवालों के सिर पर उन्हीं का विचारा हुआ उत्पात पड़े!
- Psalm 128:1–6 भजन संहिता 128:1–6क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है! तू अपनी कमाई को निश्चय खाने पाएगा; तू धन्य होगा, और तेरा भला ही होगा।। तेरे घर के भीतर तेरी स्त्री फलवन्त दाखलता सी होगी; तेरी मेज के चारों ओर तेरे बालक जलपाई के पौधे से होंगे। सुन, जो पुरूष यहोवा का भय मानता हो, वह ऐसी ही आशीष पाएगा।। यहोवा तुझे सिरयोन से आशीष देवे, और तू जीवन भर यरूशलेम का कुशल देखता रहे! वरन तू अपने नाती- पोतों को भी देखने पाए! इस्राएल को शान्ति मिले!
- Psalm 91:3–7 भजन संहिता 91:3–7वह तो मुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा; वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी। तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है, न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।। तेरे निकट हजार, और तेरी दहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।
- Psalm 37:22 भजन संहिता 37:22क्योंकि जो उस से आशीष पाते हैं वे तो पृथ्वी के अधिकारी होंगे, परन्तु जो उस से शापित होते हैं, वे नाश को जाएंगे।।