Psalms · chapter 69 · verse 2
Psalm 69:2 in Hindi
मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं।
Maim bade daladal mem dhasaa jaataa hoom, aur mere pair kaheem naheem rookate; maim gahire jal mem aa gayaa, aur dhaaraa mem doobaa jaataa hoon.
Psalm 69:2 in English
- King James Version (KJV)
- I sink in deep mire, where [there is] no standing: I am come into deep waters, where the floods overflow me.
- World English Bible (WEB)
- I sink in deep mire, where there is no foothold. I have come into deep waters, where the floods overflow me.
- American Standard Version (ASV)
- I sink in deep mire, where there is no standing: I am come into deep waters, where the floods overflow me.
- Bible in Basic English (BBE)
- My feet are deep in the soft earth, where there is no support; I have come into deep waters, the waves are flowing over me.
- Darby Translation (DBY)
- I sink in deep mire, where there is no standing; I am come into the depths of waters, and the flood overfloweth me.
- Webster's Bible (WBS)
- I sink in deep mire, where [there is] no standing: I am come into deep waters, where the floods overflow me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have sunk in deep mire, And there is no standing, I have come into the depths of the waters, And a flood hath overflown me.
Read in context
- 1हे परमेश्वर, मेरा उद्धार कर, मैं जल में डूबा जाता हूं।
- 2मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं।
- 3मैं पुकारते पुकारते थक गया, मेरा गला सूख गया है; अपने परमेश्वर की बाट जोहते जोहते, मेरी आंखे रह गई हैं।।
- 4जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिये जो मैं ने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा है।
Cross references
- Psalm 40:2 भजन संहिता 40:2उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
- Matthew 7:25 मत्ती 7:25और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चटान पर डाली गई थी।
- Psalm 88:6–7 भजन संहिता 88:6–7तू ने मुझे गड़हे के तल ही में, अन्धेरे और गहिरे स्थान में रखा है। तेरी जलजलाहट मुझी पर बनी हुई है, और तू ने अपने सब तरंगों से मुझे दु:ख दिया है;
- Psalm 32:6 भजन संहिता 32:6इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है। निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी।
- Jeremiah 38:6 यिर्मयाह 38:6तब उन्हों ने यिर्मयाह को लेकर राजपुत्रा मल्किरयाह के उस गड़हे में जो पहरे के आंगन में था, रस्सियों से उतारकर डाल दिया। और उस गड़हे मे पानी नहीं केवल दलदल था, और यिर्मयाह कीचड़ में धंस गया।
- Jeremiah 38:22 यिर्मयाह 38:22देख, यहूदा के राजा के रनवास में जितनी स्त्रियां रह गई हैं, वे बाबुल के राजा के हाकिमों के पास निकाल कर पहुंचाई जाएंगी, और वे तुझ से कहेंगी, तेरे मित्रों ने तुझे बहकाया, और उनकी इच्छा पूरी हो गई; और जब तेरे पांव कीच में धंस गए तो वे पीछे फिर गए हैं।
- Genesis 7:17–23 उत्पत्ति 7:17–23और पृथ्वी पर चालीस दिन तक प्रलय होता रहा; और पानी बहुत बढ़ता ही गया जिस से जहाज ऊपर को उठने लगा, और वह पृथ्वी पर से ऊंचा उठ गया। और जल बढ़ते बढ़ते पृथ्वी पर बहुत ही बढ़ गया, और जहाज जल के ऊपर ऊपर तैरता रहा। और जल पृथ्वी पर अत्यन्त बढ़ गया, यहां तक कि सारी धरती पर जितने बड़े बड़े पहाड़ थे, सब डूब गए। जल तो पन्द्रह हाथ ऊपर बढ़ गया, और पहाड़ भी डूब गए और क्या पक्षी, क्या घरेलू पशु, क्या बनैले पशु, और पृथ्वी पर सब चलनेवाले प्राणी, और जितने जन्तु पृथ्वी मे बहुतायत से भर गए थे, वे सब, और सब मनुष्य मर गए। जो जो स्थल पर थे उन में से जितनों के नथनों में जीवन का श्वास था, सब मर मिटे। और क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, जो जो भूमि पर थे, सो सब पृथ्वी पर से मिट गए; केवल नूह, और जितने उसके संग जहाज में थे, वे ही बच गए।
- Matthew 26:37–38 मत्ती 26:37–38और वह पतरस और जब्दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा। तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।