Psalms · chapter 40 · verse 2
Psalm 40:2 in Hindi
उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
Us ne mujhe satyaanaash ke gadahe aur daladal kee keech mem se ubaaraa, aur mujh ko chattaan par khadaa karake mere pairom ko drudh kiyaa hai.
Psalm 40:2 in English
- King James Version (KJV)
- He brought me up also out of an horrible pit, out of the miry clay, and set my feet upon a rock, [and] established my goings.
- World English Bible (WEB)
- He brought me up also out of a horrible pit, out of the miry clay. He set my feet on a rock, and gave me a firm place to stand.
- American Standard Version (ASV)
- He brought me up also out of a horrible pit, out of the miry clay; And he set my feet upon a rock, and established my goings.
- Bible in Basic English (BBE)
- He took me up out of a deep waste place, out of the soft and sticky earth; he put my feet on a rock, and made my steps certain.
- Darby Translation (DBY)
- And he brought me up out of the pit of destruction, out of the miry clay, and set my feet upon a rock; he hath established my goings:
- Webster's Bible (WBS)
- He brought me up also out of a horrible pit, out of the miry clay, and set my feet upon a rock, [and] established my goings.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He doth cause me to come up From a pit of desolation — from mire of mud, And He raiseth up on a rock my feet, He is establishing my steps.
Read in context
- 1मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी।
- 2उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
- 3और उस ने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।।
- 4क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुंह न फेरता हो।
Cross references
- Psalm 37:23 भजन संहिता 37:23मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है;
- Psalm 119:133 भजन संहिता 119:133मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 61:2 भजन संहिता 61:2मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला;
- Matthew 7:24–25 मत्ती 7:24–25इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्हें मानता है वह उस बुद्विमान मनुष्य की नाई ठहरेगा जिस ने अपना घर चटान पर बनाया। और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्तु वह नहीं गिरा, क्योंकि उस की नेव चटान पर डाली गई थी।
- Psalm 71:20 भजन संहिता 71:20तू ने तो हम को बहुत से कठिन कष्ट दिखाए हैं परन्तु अब तू फिर से हम को जिलाएगा; और पृथ्वी के गहिरे गड़हे में से उबार लेगा।
- Jonah 2:5–6 योना 2:5–6मैं जल से यहां तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहिरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था। मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुंच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने मेरे प्राणों को गड़हे में से उठाया है।
- Psalm 69:14–15 भजन संहिता 69:14–15मुझ को दलदल में से उबार, कि मैं धंस न जाऊं; मैं अपने बैरियों से, और गहिरे जल में से बच जाऊं। मैं धारा में डूब न जाऊं, और न मैं गहिरे जल में डूब मरूं, और न पाताल का मुंह मेरे ऊपर बन्द हो।।
- Psalm 86:13 भजन संहिता 86:13क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।।
- Psalm 69:2 भजन संहिता 69:2मैं बड़े दलदल में धसा जाता हूं, और मेरे पैर कहीं नहीं रूकते; मैं गहिरे जल में आ गया, और धारा में डूबा जाता हूं।
- Zechariah 9:11 जकर्याह 9:11और तू भी सुन, क्योंकि मेरी वाचा के लोहू के कारण, मैं ने तेरे बन्दियों को बिना जल के गड़हे में से उबार लिया है।
- Psalm 18:36 भजन संहिता 18:36तू ने मेरे पैरों के लिये स्थान चौड़ा कर दिया, और मेरे पैर नहीं फिसले।