Psalms · chapter 69 · verse 6
Psalm 69:6 in Hindi
हे प्रभु, हे सेनाओं के यहोवा, जो तेरी बाट जोहते हैं, उनकी आशा मेरे कारण न टूटे; हे इस्राएल के परमेश्वर, जो तुझे ढूंढते हैं उनका मुंह मेरे कारण काला न हो।
He prabhu, he senaaom ke yahovaa, jo teree baat johate haim, unakee aashaa mere kaaran na toote; he israael ke parameshvar, jo tujhe dhoondhate haim unakaa munh mere kaaran kaalaa na ho.
Psalm 69:6 in English
- King James Version (KJV)
- Let not them that wait on thee, O Lord GOD of hosts, be ashamed for my sake: let not those that seek thee be confounded for my sake, O God of Israel.
- World English Bible (WEB)
- Don’t let those who wait for you be shamed through me, Lord GOD of Armies. Don’t let those who seek you be brought to dishonor through me, God of Israel.
- American Standard Version (ASV)
- Let not them that wait for thee be put to shame through me, O Lord Jehovah of hosts: Let not those that seek thee be brought to dishonor through me, O God of Israel.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let not those who have hope in you be put to shame because of me, O Lord God of armies: let not those who are waiting for you be made low because of me, O God of Israel.
- Darby Translation (DBY)
- Let not them that wait on thee, Lord, Jehovah of hosts, be ashamed through me; let not those that seek thee be confounded through me, O God of Israel.
- Webster's Bible (WBS)
- Let not them that wait on thee, O LORD God of hosts, be ashamed for my sake: let not those that seek thee be confounded for my sake, O God of Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Let not those waiting on Thee be ashamed because of me, O Lord, Jehovah of Hosts, Let not those seeking Thee Blush because of me, O God of Israel.
Read in context
- 4जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिये जो मैं ने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा है।
- 5हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूढ़ता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं।।
- 6हे प्रभु, हे सेनाओं के यहोवा, जो तेरी बाट जोहते हैं, उनकी आशा मेरे कारण न टूटे; हे इस्राएल के परमेश्वर, जो तुझे ढूंढते हैं उनका मुंह मेरे कारण काला न हो।
- 7तेरे ही कारण मेरी निन्दा हुई है, और मेरा मुंह लज्जा से ढंपा है।
- 8मैं अपने भाइयों के साम्हने अजनबी हुआ, और अपने सगे भाइयों की दृष्टि में परदेशी ठहरा हूं।।
Cross references
- Psalm 25:3 भजन संहिता 25:3वरन जितने तेरी बाट जोहते हैं उन में से कोई लज्जित न होगा; परन्तु जो अकारण विश्वासघाती हैं वे ही लज्जित होंगे।।
- Psalm 35:26 भजन संहिता 35:26जो मेरी हाति से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरूद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं!
- Luke 24:19–21 लूका 24:19–21उस ने उन से पूछा; कौन सी बातें? उन्हों ने उस से कहा; यीशु नासरी के विषय में जो परमेश्वर और सब लोगों के निकट काम और वचन में सामर्थी भविष्यद्वक्ता था। और महायाजकों और हमारे सरदारों ने उसे पकड़वा दिया, कि उस पर मृत्यु की आज्ञा दी जाए; और उसे क्रूस पर चढ़वाया। परन्तु हमें आशा थी, कि यही इस्त्राएल को छुटकारा देगा, और इन सब बातों के सिवाय इस घटना को हुए तीसरा दिन है।
- Psalm 72:18 भजन संहिता 72:18धन्य है, यहोवा परमेश्वर जो इस्राएल का परमेश्वर है; आश्चर्य कर्म केवल वही करता है।
- Isaiah 49:23 यशायाह 49:23राजा तेरे बच्चों के निज- सेवक और उनकी रानियां दूध पिलाने के लिये तेरी धाइयों होंगी। वे अपनी नाक भूमि पर रगड़कर तुझे दण्डवत् करेंगे और तेरे पांवों की धूलि चाटेंगे। तब तू यह जान लेगी कि मैं ही यहोवा हूं; मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे।।
- Psalm 7:7 भजन संहिता 7:7देश देश के लोगों की मण्डली तेरे चारों ओर हो; और तू उनके ऊपर से होकर ऊंचे स्थानों पर लौट जा।
- Acts 13:23 प्रेरितों के काम 13:23इसी के वंश में से परमेश्वर ने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार इस्त्राएल के पास एक उद्धारकर्ता, अर्थात् यीशु को भेजा।
- 2 Samuel 23:3 2 शमूएल 23:3इस्राएल के परमेश्वर ने कहा है, इस्राएल की चट्टान ने मुझ से बातें की है, कि मनुष्यों में प्रभुता करनेवाला एक धम होगा, जो परमेश्वर का भय मानता हुआ प्रभुता करेगा,
- Acts 13:17 प्रेरितों के काम 13:17इन इस्त्राएली लोगों के परमेश्वर ने हमारे बापदादों को चुन लिया, और जब ये मिसर देश में परदेशी होकर रहते थे, तो उन की उन्नति की; और बलवन्त भुजा से निकाल लाया।
- Acts 4:7 प्रेरितों के काम 4:7और उन्हें बीच में खड़ा करके पूछने लगे, कि तुम ने यह काम किस सामर्थ से और किस नाम से किया है?