Psalms · chapter 71 · verse 4
Psalm 71:4 in Hindi
हे मेरे परमेश्वर दुष्ट के, और कुटिल और क्रूर मनुष्य के हाथ से मेरी रक्षा कर।
He mere parameshvar dusht ke, aur kutil aur kroor manushy ke haath se meree rakshaa kar.
Psalm 71:4 in English
- King James Version (KJV)
- Deliver me, O my God, out of the hand of the wicked, out of the hand of the unrighteous and cruel man.
- World English Bible (WEB)
- Rescue me, my God, from the hand of the wicked, from the hand of the unrighteous and cruel man.
- American Standard Version (ASV)
- Rescue me, O my God, out of the hand of the wicked, Out of the hand of the unrighteous and cruel man.
- Bible in Basic English (BBE)
- O my God, take me out of the hand of the sinner, out of the hand of the evil and cruel man.
- Darby Translation (DBY)
- My God, rescue me out of the hand of the wicked, out of the hand of the unrighteous and cruel man.
- Webster's Bible (WBS)
- Deliver me, O my God, from the hand of the wicked, from the hand of the unrighteous and cruel man.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O my God, cause me to escape From the hand of the wicked, From the hand of the perverse and violent.
Read in context
- 2तू तो धर्मी है, मुझे छुड़ा और मेरा उद्धार कर; मेरी ओर कान लगा, और मेरा उद्धार कर!
- 3मेरे लिये सनातन काल की चट्टान का धाम बन, जिस में मैं नित्य जा सकूं; तू ने मेरे उद्धार की आज्ञा तो दी है, क्योंकि तू मेरी चट्टान और मेरा गढ़ ठहरा है।।
- 4हे मेरे परमेश्वर दुष्ट के, और कुटिल और क्रूर मनुष्य के हाथ से मेरी रक्षा कर।
- 5क्योंकि हे प्रभु यहोवा, मैं तेरी ही बाट जोहता आया हूं; बचपन से मेरा आधार तू है।
- 6मैं गर्भ से निकलते ही, तुझ से सम्भाला गया; मुझे मां की कोख से तू ही ने निकाला; इसलिये मैं नित्य तेरी स्तुति करता रहूंगा।।
Cross references
- Psalm 59:1–2 भजन संहिता 59:1–2हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा, मुझे ऊंचे स्थान पर रखकर मेरे विरोधियों से बचा, मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्वार कर।।
- Psalm 140:1–4 भजन संहिता 140:1–4हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मन में बुरी कल्पनाएं की हैं; वे लगातार लड़ाइयां मचाते हैं। उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।। हे यहोवा, मुझे दुष्ट के हाथों से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मेरे पैरों के उखाड़ने की युक्ति की है।
- 2 Samuel 17:1–2 2 शमूएल 17:1–2फिर अहीतोपेल ने अबशालोम से कहा, मुझे बारह हजार पुरूष छांटने दे, और मैं उठकर आज ही रात को दाऊद का पीछा करूंगा। और जब वह थकित और निर्बल होगा, तब मैं उसे पकड़ूंगा, और डराऊंगा; और जितने लोग उसके साथ हैं सब भागेंगे। और मैं राजा ही को मारूंगा,
- Psalm 17:13 भजन संहिता 17:13उठ, हे यहोवा उसका सामना कर और उसे पटक दे! अपनी तलवार के बल से मेरे प्राण को दुष्ट से बचा ले।
- Psalm 17:8–9 भजन संहिता 17:8–9अपने आंखो की पुतली की नाई सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख, उन दुष्टों से जो मुझ पर अत्याचार करते हैं, मेरे प्राण के शत्रुओं से जो मुझे घेरे हुए हैं।।
- 2 Samuel 17:21 2 शमूएल 17:21जब वे चले गए, तब ये कुंए में से निकले, और जाकर दाऊद राजा को समाचार दिया; और दाऊद से कहा, तुम लोग चलो, फुत करके नदी के पार हो जाओ; क्योंकि अहीतोपेल ने तुम्हारी हानि की ऐसी ऐसी सम्मति दी है।
- 2 Samuel 16:21–22 2 शमूएल 16:21–22अहीतोपेल ने अबशालोम से कहा, जिन रखेलियों को तेरा पिता भवन की चौकसी करने को छोड़ गया, उनके पास तू जा; और जब सब इस्राएली यह सुनेंगे, कि अबशालोम का पिता उस से घिन करता है, तब तेरे सब संगी हियाव बान्धेंगे। सो उसकेलिये भवन की छत के ऊपर एक तम्बू खड़ा किया गया, और अबशालोम समरूत इस्राएल के देखते अपने पिता की रखेलियों के पास गया।
- 2 Samuel 17:12–14 2 शमूएल 17:12–14और जब हम उसको किसी न किसी स्थान में जहां वह मिले जा पकड़ेंगे, तब जैसे ओस भूमि पर गिरती है वैसे ही हम उस पर टूट पड़ेंगे; तब न तो वह बचेगा, और न उसके संगियों में से कोई बचेगा। और यदि वह किसी नगर में घुसा हो, तो सब इस्राएली उस नगर के पास रस्सियां ले आएंगे, और हम उसे नाले में खींचेंगे, यहां तक कि उसका एक छोटा सा पत्थर भी न रह जाएगा। तब अबशालोम और सब इस्राएली पुरूषों ने कहा, एरेकी हूशै की बम्मति अहीतोपेल की सम्मति से उम्तम है। सहोवा ने तो अहीतोपेल की अच्छी सम्मति को निष्फल करने के लिये ठाना था, कि यह अबशालोम ही पर विपत्ति डाले।