Psalms · chapter 140 · verse 1
Psalm 140:1 in Hindi
हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर,
He yahovaa, mujh ko bure manushy se bachaa le; upadravee puroosh se meree rakshaa kar,
Psalm 140:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, A Psalm of David. Deliver me, O LORD, from the evil man: preserve me from the violent man;
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. A Psalm by David. Deliver me, LORD, from evil men. Preserve me from violent men:
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician. A Psalm of David. Deliver me, O Jehovah, from the evil man; Preserve me from the violent man:
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. A Psalm. Of David. O Lord, take me out of the power of the evil man; keep me safe from the violent man:
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. A Psalm of David. Free me, O Jehovah, from the evil man; preserve me from the violent man:
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, A Psalm of David. Deliver me, O LORD, from the evil man: preserve me from the violent man;
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — A Psalm of David. Deliver me, O Jehovah, from an evil man, From one of violence Thou keepest me.
Read in context
- 1हे यहोवा, मुझ को बुरे मनुष्य से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर,
- 2क्योंकि उन्हों ने मन में बुरी कल्पनाएं की हैं; वे लगातार लड़ाइयां मचाते हैं।
- 3उनका बोलना सांप का काटना सा है, उनके मुंह में नाग का सा विष रहता है।।
Cross references
- Psalm 18:48 भजन संहिता 18:48और मुझे मेरे शत्रुओं से छुड़ाया है; तू मुझ को मेरे विरोधियों से ऊंचा करता, और उपद्रवी पुरूष से बचाता है।।
- Psalm 71:4 भजन संहिता 71:4हे मेरे परमेश्वर दुष्ट के, और कुटिल और क्रूर मनुष्य के हाथ से मेरी रक्षा कर।
- Psalm 140:4 भजन संहिता 140:4हे यहोवा, मुझे दुष्ट के हाथों से बचा ले; उपद्रवी पुरूष से मेरी रक्षा कर, क्योंकि उन्हों ने मेरे पैरों के उखाड़ने की युक्ति की है।
- Habakkuk 1:2–3 हबक्कूक 1:2–3हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा? तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट- पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
- Psalm 140:11 भजन संहिता 140:11बकवादी पृथ्वी पर स्थिर नहीं होने का; उपद्रवी पुरूष को गिराने के लिये बुराई उसका पीछा करेगी।।
- Psalm 17:13 भजन संहिता 17:13उठ, हे यहोवा उसका सामना कर और उसे पटक दे! अपनी तलवार के बल से मेरे प्राण को दुष्ट से बचा ले।
- Psalm 43:1 भजन संहिता 43:1हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका और विधर्मी जाति से मेरा मुक मा लड़; मुझ को छली और कुटिल पुरूष से बचा।
- Psalm 59:1–3 भजन संहिता 59:1–3हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा, मुझे ऊंचे स्थान पर रखकर मेरे विरोधियों से बचा, मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्वार कर।। क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।