Psalms · chapter 77 · verse 1
Psalm 77:1 in Hindi
मैं परमेश्वर की दोहाई चिल्ला चिल्लाकर दूंगा, मैं परमेश्वर की दोहाई दूंगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा।
Maim parameshvar kee dohaaee chillaa chillaakar doongaa, maim parameshvar kee dohaaee doongaa, aur vah meree or kaan lagaaegaa.
Psalm 77:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, to Jeduthun, A Psalm of Asaph. I cried unto God with my voice, [even] unto God with my voice; and he gave ear unto me.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. To Jeduthun. A Psalm by Asaph. My cry goes to God! Indeed, I cry to God for help, and for him to listen to me.
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician; after the manner of Jeduthun. A Psalm of Asaph. I will cry unto God with my voice, Even unto God with my voice; and he will give ear unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. After Jeduthun. Of Asaph. A Psalm. I was crying to God with my voice; even to God with my voice, and he gave ear to me.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. On Jeduthun. Of Asaph. A Psalm. My voice is unto God, and I will cry; my voice is unto God, and he will give ear unto me.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, to Jeduthun, A Psalm of Asaph. I cried to God with my voice, [even] to God with my voice; and he gave ear to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer, for Jeduthun. — A Psalm of Asaph. My voice [is] to God, and I cry, my voice [is] to God, And He hath given ear unto me.
Read in context
- 1मैं परमेश्वर की दोहाई चिल्ला चिल्लाकर दूंगा, मैं परमेश्वर की दोहाई दूंगा, और वह मेरी ओर कान लगाएगा।
- 2संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं।
- 3मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
Cross references
- Psalm 3:4 भजन संहिता 3:4मैं ऊंचे शब्द से यहोवा को पुकारता हूं, और वह अपने पवित्रा पर्वत पर से मुझे उत्तर देता है।
- Psalm 50:1 भजन संहिता 50:1ईश्वर परमेश्वर यहोवा ने कहा है, और उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक पृथ्वी के लोगों को बुलाया है।
- Psalm 142:1–3 भजन संहिता 142:1–3मैं यहोवा की दोहाई देता, मैं यहोवा से गिड़गिड़ाता हूं, मैं अपने शोक की बातें उस से खोलकर कहता, मैं अपना संकट उसके आगे प्रगट करता हूं। जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जानेवाला था, उसी में उन्हों ने मेरे लिये फन्दा लगाया।
- Psalm 39:1 भजन संहिता 39:1मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
- Psalm 62:1 भजन संहिता 62:1सचमुच मैं चुपचाप होकर परमेरश्वर की ओर मन लगाए हूं; मेरा उद्धार उसी से होता है।
- Psalm 34:6 भजन संहिता 34:6इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।।
- Psalm 55:16–17 भजन संहिता 55:16–17परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा। सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा।
- Psalm 116:1–2 भजन संहिता 116:1–2मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है। उस ने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिये मैं जीवन भर उसको पुकारा करूंगा।
- 1 Chronicles 25:6 1 इतिहास 25:6थे सब यहोवा के भवन में गाने के लिथे अपके अपके पिता के अधीन रहकर, परमेश्वर के भवन, की सेवकाई में फांफ, सारंगी और वीणा बजाते थे। और आसाप, यदूतून और हेमान राजा के अधीन रहते थे।
- 1 Chronicles 25:3 1 इतिहास 25:3फिर यदूतून के पुत्रोंमें से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, थे ही छ: अपके पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता या, वीणा बजाते थे।