Psalms · chapter 116 · verse 1
Psalm 116:1 in Hindi
मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।
Maim prem rakhataa hoom, isaliye ki yahovaa ne mere gidagidaane ko sunaa hai.
Psalm 116:1 in English
- King James Version (KJV)
- I love the LORD, because he hath heard my voice [and] my supplications.
- World English Bible (WEB)
- I love the LORD, because he listens to my voice, and my cries for mercy.
- American Standard Version (ASV)
- I love Jehovah, because he heareth My voice and my supplications.
- Bible in Basic English (BBE)
- I have given my love to the Lord, because he has given ear to the voice of my cry and my prayer.
- Darby Translation (DBY)
- I love Jehovah, for he hath heard my voice [and] my supplications;
- Webster's Bible (WBS)
- I love the LORD, because he hath heard my voice [and] my supplications.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have loved, because Jehovah heareth My voice, my supplication,
Read in context
- 1मैं प्रेम रखता हूं, इसलिये कि यहोवा ने मेरे गिड़गिड़ाने को सुना है।
- 2उस ने जो मेरी ओर कान लगाया है, इसलिये मैं जीवन भर उसको पुकारा करूंगा।
- 3मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
Cross references
- 1 John 4:19 1 यूहन्ना 4:19हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया।
- Psalm 66:19–20 भजन संहिता 66:19–20परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।। धन्य है परमेश्वर, जिस ने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझ से अपनी करूणा दूर कर दी है!
- 1 John 5:2–3 1 यूहन्ना 5:2–3जब हम परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, और उस की आज्ञाओं को मानते हैं, तो इसी से हम जानते हैं, कि परमेश्वर की सन्तानों से प्रेम रखते हैं। और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं।
- Psalm 34:3–4 भजन संहिता 34:3–4मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें। मैं यहोवा के पास गया, तब उस ने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया।
- John 16:24 यूहन्ना 16:24अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।।
- Mark 12:33 मरकुस 12:33और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है।
- Psalm 69:33 भजन संहिता 69:33क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्धुए हैं तुच्छ नही जानता।।
- Psalm 40:1 भजन संहिता 40:1मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी।
- Genesis 35:2 उत्पत्ति 35:2तब याकूब ने अपने घराने से, और उन सब से भी जो उसके संग थे, कहा, तुम्हारे बीच में जो पराए देवता हैं, उन्हें निकाल फेंको; और अपने अपने को शुद्ध करो, और अपने वस्त्रा बदल डालो;
- Psalm 119:132 भजन संहिता 119:132जैसी तेरी रीति अपने नाम की प्रीति रखनेवालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर।
- Psalm 31:22–23 भजन संहिता 31:22–23मैं ने तो घबराकर कहा था कि मैं यहोवा की दृष्टि से दूर हो गया। तौभी जब मैं ने तेरी दोहाई दी, तब तू ने मेरी गिड़गिड़ाहट को सुन लिया।। हे यहोवा के सब भक्तों उस से प्रेम रखो! यहोवा सच्चे लोगों की तो रक्षा करता है, परन्तु जो अहंकार करता है, उसको वह भली भांति बदला देता है।
- John 21:17 यूहन्ना 21:17उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।