Psalms · chapter 39 · verse 1
Psalm 39:1 in Hindi
मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
Maim ne kahaa, maim apanee chaalachalan mem chaukasee karoongaa, taaki meree jeebh se paap na ho; jab tak dusht mere saamhane hai, tab tak maim lagaam lagaae apanaa munh band kie rahoongaa.
Psalm 39:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, [even] to Jeduthun, A Psalm of David. I said, I will take heed to my ways, that I sin not with my tongue: I will keep my mouth with a bridle, while the wicked is before me.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. For Jeduthun. A Psalm by David. I said, “I will watch my ways, so that I don’t sin with my tongue. I will keep my mouth with a bridle while the wicked is before me.”
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician, for Jeduthun. A Psalm of David. I said, I will take heed to my ways, That I sin not with my tongue: I will keep my mouth with a bridle, While the wicked is before me.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. Of Jeduthun. A Psalm. Of David. I said, I will give attention to my ways, so that my tongue may do no wrong; I will keep my mouth under control, while the sinner is before me.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician, to Jeduthun. A Psalm of David. I said, I will take heed to my ways, that I sin not with my tongue: I will keep my mouth with a muzzle, while the wicked is before me.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, [even] to Jeduthun, A Psalm of David. I said, I will take heed to my ways, that I sin not with my tongue: I will keep my mouth with a bridle, while the wicked is before me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer, to Jeduthun. — A Psalm of David. I have said, 'I observe my ways, Against sinning with my tongue, I keep for my mouth a curb, while the wicked [is] before me.'
Read in context
- 1मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
- 2मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,
- 3मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;
Cross references
- Proverbs 21:23 नीतिवचन 21:23जो अपने मुंह को वश में रखता है वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है।
- Psalm 141:3 भजन संहिता 141:3हे हयोवा, मेरे मुख का पहरा बैठा, मेरे हाठों के द्वार पर रखवाली कर!
- James 1:26 याकूब 1:26यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
- Psalm 119:9 भजन संहिता 119:9जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।
- Micah 7:5–6 मीका 7:5–6मित्रा पर विश्वास मत करो, परममित्रा पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धागिन से भी संभलकर बोलना। क्योंकि पुत्रा पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरूद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं।
- Psalm 34:13 भजन संहिता 34:13अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले।
- James 3:2–8 याकूब 3:2–8इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है। जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
- Proverbs 18:21 नीतिवचन 18:21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Hebrews 2:1 इब्रानियों 2:1इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं।
- Proverbs 4:26–27 नीतिवचन 4:26–27अपने पांव धरने के लिये मार्ग को समथर कर, और तेरे सब मार्ग ठीक रहें। न तो दहिनी ओर मुढ़ना, और न बाईं ओर; अपने पांव को बुराई के मार्ग पर चलने से हटा ले।।
- 1 Kings 2:4 1 राजा 2:4और यहोवा अपना वह वचन पूरा करे जो उस ने मेरे विषय में कहा था, कि यदि तेरी सन्तान अपनी चाल के विषय में ऐसे सावधान रहें, कि अपने सम्पूर्ण हृदय और सम्पूर्ण प्राण से सच्चाई के साथ नित मेरे सम्मुख चलते रहें तब तो इस्राएल की राजगद्दी पर विराजनेवाले की, तेरे कुल परिवार में घटी कभी न होगी।
- Psalm 12:4 भजन संहिता 12:4वे कहते हैं कि हम अपनी जीभ ही से जीतेंगे, हमारे ओंठ हमारे ही वश में हैं; हमार प्रभु कौन है?