Psalms · chapter 77 · verse 7
Psalm 77:7 in Hindi
क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
Kyaa prabhu yug yug ke liye chhod degaa; aur phir kabhee prasann na hogaa?
Psalm 77:7 in English
- King James Version (KJV)
- Will the Lord cast off for ever? and will he be favourable no more?
- World English Bible (WEB)
- “Will the Lord reject us forever? Will he be favorable no more?
- American Standard Version (ASV)
- Will the Lord cast off for ever? And will he be favorable no more?
- Bible in Basic English (BBE)
- Will the Lord put me away for ever? will he be kind no longer?
- Darby Translation (DBY)
- Will the Lord cast off for ever? and will he be favourable no more?
- Webster's Bible (WBS)
- Will the LORD cast off for ever? and will he be favorable no more?
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the ages doth the Lord cast off? Doth He add to be pleased no more?
Read in context
- 5मैं प्राचीनकाल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है।
- 6मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
- 7क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
- 8क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
- 9क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उस ने क्रोध करके अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला)
Cross references
- Psalm 85:1 भजन संहिता 85:1हे यहोवा, तू अपने देश पर प्रसन्न हुआ, याकूब को बन्धुआई से लौटा ले आया है।
- Lamentations 3:31–32 विलापगीत 3:31–32क्योंकि प्रभु मन से सर्वदा उतारे नहीं रहता, चाहे वह दु:ख भी दे, तौभी अपनी करूणा की बहुतायत के कारण वह दया भी करता है;
- Romans 11:1–2 रोमियों 11:1–2इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्रा में से हूं। परमेश्वर ने अपनी उस प्रजा को नहीं त्यागा, जिसे उस ने पहिले ही से जाना: क्या तुम नहीं जानते, कि पवित्रा शास्त्रा एलियाह की कथा में क्या कहता है; कि वह इस्त्राएल के विरोध में परमेश्वर से बिनती करता है।
- Psalm 89:46 भजन संहिता 89:46हे यहोवा तू कब तक लगातार मूंह फेरे रहेगा, तेरी जलजलाहट कब तक आग की नाईं भड़की रहेगी।।
- Psalm 85:5 भजन संहिता 85:5क्या तू हम पर सदा कोपित रहेगा? क्या तू पीढ़ी से पीढ़ी तक कोप करता रहेगा?
- Psalm 37:24 भजन संहिता 37:24चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थांभे रहता है।।
- Psalm 89:38 भजन संहिता 89:38तौभी तू ने अपने अभिषिक्त को छोड़ा और उसे तज दिया, और उस पर अति क्रोध किया है।
- Psalm 13:1–2 भजन संहिता 13:1–2हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा? मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?
- Psalm 79:5 भजन संहिता 79:5हे यहोवा, तू कब तक लगातार क्रोध करता रहेगा? तुझ में आग की सी जलन कब तक भड़कती रहेगी?
- Psalm 44:9 भजन संहिता 44:9तौभी तू ने अब हम को त्याग दिया और हमारा अनादर किया है, और हमारे दलों के साथ आगे नहीं जाता।
- Psalm 74:1 भजन संहिता 74:1हे परमेश्वर, तू ने हमें क्यों सदा के लिये छोड़ दिया है? तेरी कोपाग्नि का धुआं तेरी चराई की भेंड़ों के विरूद्ध क्यों उठ रहा है?
- Jeremiah 23:24–26 यिर्मयाह 23:24–26फिर यहोवा की यह वाणी है, क्या कोई ऐसे गुप्त स्थानों में छिप सकता है, कि मैं उसे न देख सकूं? क्या स्वर्ग और पृथ्वी दोनों मुझ से परिपूर्ण नहीं हैं? मैं ने इन भविष्यद्वक्ताओं की बातें भी सुनीं हैं जो मेरे नाम से यह कहकर झूठी भविष्यद्वाणी करते हैं कि मैं ने स्वप्न देखा है, स्वप्न! जो भविष्यद्वक्ता झूठमूठ भविष्यद्वाणी करते और अपने मन ही के छल के भविष्यद्वक्ता हैं, यह बात कब तक उनके मन में समाई रहेगी?