Psalms · chapter 77 · verse 6
Psalm 77:6 in Hindi
मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
Maim raat ke samay apane geet ko smaran karataa; aur man mem dhyaan karataa hoom, aur man mem bhalee bhaanti vichaar karataa hoom:
Psalm 77:6 in English
- King James Version (KJV)
- I call to remembrance my song in the night: I commune with mine own heart: and my spirit made diligent search.
- World English Bible (WEB)
- I remember my song in the night. I consider in my own heart; my spirit diligently inquires:
- American Standard Version (ASV)
- I call to remembrance my song in the night: I commune with mine own heart; And my spirit maketh diligent search.
- Bible in Basic English (BBE)
- The memory of my song comes back to me in the night; my thoughts are moving in my heart; my spirit is searching with care.
- Darby Translation (DBY)
- I remember my song in the night; I muse in mine own heart, and my spirit maketh diligent search.
- Webster's Bible (WBS)
- I call to remembrance my song in the night: I commune with my own heart: and my spirit made diligent search.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I remember my music in the night, With my heart I meditate, and my spirit doth search diligently:
Read in context
- 4तू मुझे झपकी लगने नहीं देता; मैं ऐसा घबराया हूं कि मेरे मुंह से बात नहीं निकलती।।
- 5मैं प्राचीनकाल के दिनों को, और युग युग के वर्षों को सोचा है।
- 6मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
- 7क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
- 8क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
Cross references
- Psalm 42:8 भजन संहिता 42:8तौभी दिन को यहोवा अपनी शक्ति और करूणा प्रगट करेगा; और रात को भी मैं उसका गीत गाऊंगा, और अपने जीवनदाता ईश्वर से प्रार्थना करूंगा।।
- Psalm 4:4 भजन संहिता 4:4कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
- Psalm 139:23–24 भजन संहिता 139:23–24हे ईश्वर, मुझे जांचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!
- Lamentations 3:40 विलापगीत 3:40हम अपने चालचलन को ध्यान से परखें, और यहोवा की ओर फिरें!
- Job 35:10 अय्यूब 35:10तौभी कोई यह नहीं कहता, कि मेरा सृजनेवाला ईश्वर कहां है, जो रात में भी गीत गवाता है,
- Acts 16:25 प्रेरितों के काम 16:25आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे, और बन्धुए उन की सुन रहे थे।
- Ecclesiastes 1:16 सभोपदेशक 1:16मैं ने मन में कहा, देख, जितने यरूशलेम में मुझ से पहिले थे, उन सभों से मैं ने बहुत अधिक बुद्धि प्राप्त की है; और मुझ को बहुत बुद्धि और ज्ञान मिल गया है।
- Job 10:2 अय्यूब 10:2मै ईश्वर से कहूंगा, मुझे दोषी न ठहरा; मुझे बता दे, कि तू किस कारण मूझ से मुक़ मा लड़ता है?
- Jonah 1:2 योना 1:2उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरूद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में बढ़ गई है।
- Habakkuk 3:17–18 हबक्कूक 3:17–18क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़- बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।।
- 1 Corinthians 11:28–32 1 कुरिन्थियों 11:28–32इसलिये मनुष्य अपने आप को जांच ले और इसी रीति से इस रोटी में से खाए, और इस कटोरे में से पीए। क्योंकि जो खाते- पीते समय प्रभु की देह को न पहिचाने, वह इस खाने और पीने से अपने ऊपर दण्ड लाता है। इसी कारण तुम में से बहुत से निर्बल और रोगी हैं, और बहुत से सो भी गए। यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्ड न पाते। परन्तु प्रभु हमें दण्ड देकर हमारी ताड़ना करता है इसलिये कि हम संसार के साथ दोषी न ठहरें।