Psalms · chapter 77 · verse 8
Psalm 77:8 in Hindi
क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
Kyaa usakee karoonaa sadaa ke liye jaatee rahee? Kyaa usakaa vachan peedhee peedhee ke liye nishphal ho gayaa hai?
Psalm 77:8 in English
- King James Version (KJV)
- Is his mercy clean gone for ever? doth [his] promise fail for evermore?
- World English Bible (WEB)
- Has his loving kindness vanished forever? Does his promise fail for generations?
- American Standard Version (ASV)
- Is his lovingkindness clean gone for ever? Doth his promise fail for evermore?
- Bible in Basic English (BBE)
- Is his mercy quite gone for ever? has his word come to nothing?
- Darby Translation (DBY)
- Hath his loving-kindness ceased for ever? hath [his] word come to an end from generation to generation?
- Webster's Bible (WBS)
- Is his mercy wholly gone for ever? doth [his] promise fail for evermore?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hath His kindness ceased for ever? The saying failed to all generations?
Read in context
- 6मैं रात के समय अपने गीत को स्मरण करता; और मन में ध्यान करता हूं, और मन में भली भांति विचार करता हूं:
- 7क्या प्रभु युग युग के लिये छोड़ देगा; और फिर कभी प्रसन्न न होगा?
- 8क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
- 9क्या ईश्वर अनुग्रह करना भूल गया? क्या उस ने क्रोध करके अपनी सब दया को रोक रखा है? (सेला)
- 10मैने कहा यह तो मेरी दुर्बलता ही है, परन्तु मैं परमप्रधान के दहिने हाथ के वर्षों को विचारता हूं।।
Cross references
- Numbers 23:19 गिनती 23:19ईश्वर मनुष्य नहीं, कि झूठ बोले, और न वह आदमी है, कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उस ने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उस पूरा न करे?
- 2 Peter 3:9 2 पतरस 3:9प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; बरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
- Romans 9:6 रोमियों 9:6परन्तु यह नहीं, कि परमेश्वर का वचन टल गया, इसलिये कि जो इस्त्राएल के वंश हैं, वे सब इस्त्राएली नहीं।
- Jeremiah 15:18 यिर्मयाह 15:18मेरी पीड़ा क्यों लगातार बनी रहती है? मेरी चोट की क्यों कोई औषधि नहीं है? क्या तू सचमुच मेरे लिये धोखा देनेवाली नदी और सूखनेवाले जल के समान होगा?
- Numbers 14:34 गिनती 14:34जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
- Luke 16:25–26 लूका 16:25–26परन्तु इब्राहीम ने कहा; हे पुत्र स्मरण कर, कि तू अपने जीवन में अच्छी वस्तुएं ले चुका है, और वैसे ही लाजर बुरी वस्तुएं: परन्तु अब वह यहां शान्ति पा रहा है, और तू तड़प रहा है। और इन सब बातों को छोड़ हमारे और तुम्हारे बीच एक भारी गड़हा ठहराया गया है कि जो यहां से उस पार तुम्हारे पास जाना चाहें, वे न जा सकें, और न कोई वहां से इस पार हमारे पास आ सके।
- Isaiah 27:11 यशायाह 27:11जब उसकी शाखाएं सूख जाएं तब तोड़ी जाएंगी; और स्त्रियां आकर उनको तोड़कर जला देंगी। क्योंकि ये लोग निर्बुद्धि हैं; इसलिये उनका कर्ता उन पर दया न करेगा, और उनका रचनेवाला उन पर अनुग्रह न करेगा।।