Psalms · chapter 84 · verse 2
Psalm 84:2 in Hindi
मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
Meraa praan yahovaa ke aanganom kee abhilaashaa karate karate moorrchhit ho chalaa; meraa tan man donno jeevate eeshvar ko pukaar rahe..
Psalm 84:2 in English
- King James Version (KJV)
- My soul longeth, yea, even fainteth for the courts of the LORD: my heart and my flesh crieth out for the living God.
- World English Bible (WEB)
- My soul longs, and even faints for the courts of the LORD. My heart and my flesh cry out for the living God.
- American Standard Version (ASV)
- My soul longeth, yea, even fainteth for the courts of Jehovah; My heart and my flesh cry out unto the living God.
- Bible in Basic English (BBE)
- The passion of my soul's desire is for the house of the Lord; my heart and my flesh are crying out for the living God.
- Darby Translation (DBY)
- My soul longeth, yea, even fainteth for the courts of Jehovah; my heart and my flesh cry out for the living God.
- Webster's Bible (WBS)
- My soul longeth, and even fainteth for the courts of the LORD: my heart and my flesh crieth out for the living God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- My soul desired, yea, it hath also been consumed, For the courts of Jehovah, My heart and my flesh cry aloud unto the living God,
Read in context
- 1हे सेनाओं के यहोवा, तेरे निवास क्या ही प्रिय हैं!
- 2मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
- 3हे सेनाओं के यहोवा, हे मेरे राजा, और मेरे परमेश्वर, तेरी वेदियों मे गौरैया ने अपना बसेरा और शूपाबेनी ने घोंसला बना लिया है जिस में वह अपने बच्चे रखे।
- 4क्या ही धन्य हैं वे, जो तेरे भवन में रहते हैं; वे तेरी स्तुति निरन्तर करते रहेंगे।।
Cross references
- Isaiah 26:9 यशायाह 26:9रात के समय मैं जी से तरी लालसा करता हूं, मेरा सम्पूर्ण मन से यत्न के साथ तुझे ढूंढ़ता है। क्योंकि जब तेरे न्याय के काम पृथ्वी पर प्रगट होते हैं, तब जगत के रहनेवाले धर्म की सीखते हैं।
- Psalm 42:1–2 भजन संहिता 42:1–2जैसे हरिणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही, हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूं। जीवते ईश्वर परमेश्वर का मैं प्यासा हूं, मैं कब जाकर परमेश्वर को अपना मुंह दिखाऊंगा?
- Psalm 63:1–2 भजन संहिता 63:1–2हे परमेश्वर, तू मेरा ईश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूंढूंगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है। इस प्रकार से मैं ने पवित्रास्थान में तुझ पर दृष्टि की, कि तेरी सामर्थ्य और महिमा को देखूं।
- Psalm 119:81 भजन संहिता 119:81मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है।
- Psalm 73:26 भजन संहिता 73:26मेरे हृदय और मन दोनों तो हार गए हैं, परन्तु परमेश्वर सर्वदा के लिये मेरा भाग और मेरे हृदय की चट्टान बना है।।
- Psalm 143:6 भजन संहिता 143:6मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।।
- Psalm 119:20 भजन संहिता 119:20मेरा मन तेरे नियमों की अभिलाषा के कारण हर समय खेदित रहता है।
- Song of Solomon 5:8 श्रेष्ठगीत 5:8हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराकर कहती हूं, यदि मेरा प्रेमी तुमको मिल जाए, तो उस से कह देना कि में प्रेम में रोगी हूं।
- Song of Solomon 2:4–5 श्रेष्ठगीत 2:4–5वह मुझे भोज के घर में ले आया, और उसका जो झन्डा मेरे ऊपर फहराता था वह प्रेम था। मुझे सूखी दाखों से संभालो, सेब खिलाकर बल दो: क्योंकि मैं प्रेम में रोगी हूूं।
- Job 23:3 अय्यूब 23:3भला होता, कि मैं जानता कि वह कहां मिल सकता है, तब मैं उसके विराजने के स्थान तक जा सकता!
- Isaiah 64:1 यशायाह 64:1भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे।