Psalms · chapter 89 · verse 37
Psalm 89:37 in Hindi
वह चन्द्रमा की नाईं, और आकाशमण्डल के विश्वासयोग्य साक्षी की नाई सदा बना रहेगा।
Vah chandramaa kee naaeem, aur aakaashamandal ke vishvaasayogy saakshee kee naaee sadaa banaa rahegaa.
Psalm 89:37 in English
- King James Version (KJV)
- It shall be established for ever as the moon, and [as] a faithful witness in heaven. Selah.
- World English Bible (WEB)
- It will be established forever like the moon, the faithful witness in the sky.” Selah.
- American Standard Version (ASV)
- It shall be established for ever as the moon, And [as] the faithful witness in the sky. [Selah
- Bible in Basic English (BBE)
- It will be fixed for ever like the moon; and the witness in heaven is true. (Selah.)
- Darby Translation (DBY)
- It shall be established for ever as the moon, and the witness in the sky is firm. Selah.
- Webster's Bible (WBS)
- It shall be established for ever as the moon, and [as] a faithful witness in heaven. Selah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As the moon it is established — to the age, And the witness in the sky is stedfast. Selah.
Read in context
- 35एक बार मैं अपनी पवित्राता की शपथ खा चुका हूं; मैं दाऊद को कभी धोखा न दूंगा।
- 36उसका वंश सर्वदा रहेगा, और उसकी राजगद्दी सूर्य की नाई मेरे सम्मुख ठहरी रहेगी।
- 37वह चन्द्रमा की नाईं, और आकाशमण्डल के विश्वासयोग्य साक्षी की नाई सदा बना रहेगा।
- 38तौभी तू ने अपने अभिषिक्त को छोड़ा और उसे तज दिया, और उस पर अति क्रोध किया है।
- 39तू अपने दास के साथ की वाचा से घिनाया, और उसके मुकुट को भूमि पर गिराकर अशुद्ध किया है।
Cross references
- Jeremiah 31:35–36 यिर्मयाह 31:35–36जिसने दिन को प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात को प्रकाश देने के लिये चन्द्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है, और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है: यदि ये नियम मेरे साम्हने से टल जाएं तब ही यह हो सकेगा कि इस्राएल का वंश मेरी दृष्टि में सदा के लिये एक जाति ठहरने की अपेक्षा मिट सकेगा।
- Genesis 1:14–18 उत्पत्ति 1:14–18फिर परमेश्वर ने कहा, दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियां हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों। और वे ज्योतियां आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें; और वैसा ही हो गया। तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतियां बनाईं; उन में से बड़ी ज्योति को दिन पर प्रभुता करने के लिये, और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिये बनाया: और तारागण को भी बनाया। परमेश्वर ने उनको आकाश के अन्तर में इसलिये रखा कि वे पृथ्वी पर प्रकाश दें, तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अन्धियारे से अलग करें: और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Psalm 104:19 भजन संहिता 104:19उस ने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है।
- Genesis 9:13–16 उत्पत्ति 9:13–16कि मैं ने बादल मे अपना धनुष रखा है वह मेरे और पृथ्वी के बीच में वाचा का चिन्ह होगा। और जब मैं पृथ्वी पर बादल फैलाऊं जब बादल में धनुष देख पड़ेगा। तब मेरी जो वाचा तुम्हारे और सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के साथ बान्धी है; उसको मैं स्मरण करूंगा, तब ऐसा जलप्रलय फिर न होगा जिस से सब प्राणियों का विनाश हो। बादल में जो धनुष होगा मैं उसे देख के यह सदा की वाचा स्मरण करूंगा जो परमेश्वर के और पृथ्वी पर के सब जीवित शरीरधारी प्राणियों के बीच बन्धी है।
- Isaiah 54:9–10 यशायाह 54:9–10यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Psalm 72:7 भजन संहिता 72:7उसके दिनों में धर्मी फूले फलेंगे, और जब तक चन्द्रमा बना रहेगा, तब तक शान्ति बहुत रहेगी।।