Psalms · chapter 104 · verse 19
Psalm 104:19 in Hindi
उस ने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है।
Us ne niyat samayom ke liye chandramaa ko banaayaa hai; soory apane ast hone kaa samay jaanataa hai.
Psalm 104:19 in English
- King James Version (KJV)
- He appointed the moon for seasons: the sun knoweth his going down.
- World English Bible (WEB)
- He appointed the moon for seasons. The sun knows when to set.
- American Standard Version (ASV)
- He appointed the moon for seasons: The sun knoweth his going down.
- Bible in Basic English (BBE)
- He made the moon for a sign of the divisions of the year; teaching the sun the time of its going down.
- Darby Translation (DBY)
- He made the moon for seasons: the sun knoweth its going down.
- Webster's Bible (WBS)
- He appointeth the moon for seasons: the sun knoweth his going down.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He made the moon for seasons, The sun hath known his place of entrance.
Read in context
- 17उन में चिड़ियां अपने घोंसले बनाती हैं; लगलग का बसेरा सनौवर के वृक्षों में होता है।
- 18ऊंचे पहाड़ जंगली बकरों के लिये हैं; और चट्टानें शापानों के शरणस्थान हैं।
- 19उस ने नियत समयों के लिये चन्द्रमा को बनाया है; सूर्य अपने अस्त होने का समय जानता है।
- 20तू अन्धकार करता है, तब रात हो जाती है; जिस में वन के सब जीव जन्तु घूमते फिरते हैं।
- 21जवान सिंह अहेर के लिये गरजते हैं, और ईश्वर से अपना आहार मांगते हैं।
Cross references
- Jeremiah 31:35 यिर्मयाह 31:35जिसने दिन को प्रकाश देने के लिये सूर्य को और रात को प्रकाश देने के लिये चन्द्रमा और तारागण के नियम ठहराए हैं, जो समुद्र को उछालता और उसकी लहरों को गरजाता है, और जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है, वही यहोवा यों कहता है:
- Genesis 1:14–18 उत्पत्ति 1:14–18फिर परमेश्वर ने कहा, दिन को रात से अलग करने के लिये आकाश के अन्तर में ज्योतियां हों; और वे चिन्हों, और नियत समयों, और दिनों, और वर्षों के कारण हों। और वे ज्योतियां आकाश के अन्तर में पृथ्वी पर प्रकाश देनेवाली भी ठहरें; और वैसा ही हो गया। तब परमेश्वर ने दो बड़ी ज्योतियां बनाईं; उन में से बड़ी ज्योति को दिन पर प्रभुता करने के लिये, और छोटी ज्योति को रात पर प्रभुता करने के लिये बनाया: और तारागण को भी बनाया। परमेश्वर ने उनको आकाश के अन्तर में इसलिये रखा कि वे पृथ्वी पर प्रकाश दें, तथा दिन और रात पर प्रभुता करें और उजियाले को अन्धियारे से अलग करें: और परमेश्वर ने देखा कि अच्छा है।
- Psalm 136:7–9 भजन संहिता 136:7–9उस ने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है। दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करूणा सदा की है। और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
- Job 38:12 अय्यूब 38:12क्या तू ने जीवन भर में कभी भोर को आज्ञा दी, और पौ को उसका स्थान जताया है,
- Psalm 8:3 भजन संहिता 8:3जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तरागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;
- Psalm 19:6 भजन संहिता 19:6वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सबको पहुंचती है।।
- Job 31:26–28 अय्यूब 31:26–28वा सूर्य को चमकते वा चन्द्रमा को महाशोभा से चलते हुए देखकर मैं मन ही मन मोहित हो गया होता, और अपने मुंह से अपना हाथ चूम लिया होता; तो यह भी न्यायियों से दणड पाने के योग्य अधर्म का काम होता; क्योंकि ऐसा करके मैं ने सर्वश्रेष्ठ ईश्वर का इनकार किया होता।
- Deuteronomy 4:19 व्यवस्थाविवरण 4:19वा जब तुम आकाश की ओर आंखे उठाकर, सूर्य, चंद्रमा, और तारों को, अर्थात् आकाश का सारा तारागण देखो, तब बहककर उन्हें दण्डवत् करके उनकी सेवा करने लगो जिनको तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने धरती पर के सब देशवालों के लिये रखा है।