Psalms · chapter 92 · verse 1
Psalm 92:1 in Hindi
यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना;
Yahovaa kaa dhanyavaad karanaa bhalaa hai, he paramapradhaan, tere naam kaa bhajan gaanaa;
Psalm 92:1 in English
- King James Version (KJV)
- A Psalm [or] Song for the sabbath day. [It is a] good [thing] to give thanks unto the LORD, and to sing praises unto thy name, O most High:
- World English Bible (WEB)
- A Psalm. A song for the Sabbath day. It is a good thing to give thanks to the LORD, to sing praises to your name, Most High,
- American Standard Version (ASV)
- A Psalm, a Song for the sabbath day. It is a good thing to give thanks unto Jehovah, And to sing praises unto thy name, O Most High;
- Bible in Basic English (BBE)
- A Psalm. A Song for the Sabbath. It is a good thing to give praise to the Lord, and to make melody to your name, O Most High;
- Darby Translation (DBY)
- A Psalm, a Song, for the Sabbath day. It is good to give thanks unto Jehovah, and to sing psalms unto thy name, O Most High;
- Webster's Bible (WBS)
- A Psalm [or] Song for the sabbath day. [It is a] good [thing] to give thanks to the LORD, and to sing praises to thy name, O Most High.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A Psalm. — A Song for the sabbath-day. Good to give thanks to Jehovah, And to sing praises to Thy name, O Most High,
Read in context
- 1यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना;
- 2प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना,
- 3दस तारवाले बाजे और सारंगी पर, और वीणा पर गम्भीर स्वर से गाना भला है।
Cross references
- Psalm 147:1 भजन संहिता 147:1याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करनी मनभावनी है।
- Psalm 107:1 भजन संहिता 107:1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है!
- Psalm 107:21–22 भजन संहिता 107:21–22लोग यहोवा की करूणा के कारण और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें! और वे धन्यवादबलि चढ़ाएं, और जयजयकार करते हुए, उसके कामों का वर्णन करें।।
- Ephesians 5:19 इफिसियों 5:19और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो।
- Psalm 135:3 भजन संहिता 135:3याह की स्तुति करो, क्योंकि यहोवा भला है; उसके नाम का भजन गाओ, क्योंकि यह मनभाऊ है!
- Psalm 33:1 भजन संहिता 33:1हे धर्मियों यहोवा के कारण जयजयकार करो् क्योंकि धर्मी लोगों को स्तुति करनी सोहती है।
- Psalm 73:28 भजन संहिता 73:28परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; मैं ने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, जिस से मैं तेरे सब कामों को वर्णन करूं।।
- Psalm 107:8 भजन संहिता 107:8लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!
- Daniel 4:34–37 दानिय्येल 4:34–37उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आंखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कहकर करने लगा: उसकी प्रभुता सदा की है और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहनेवाला है। पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है? उसी समय, मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; और मेरे राज्य की महिमा के लिये मेरा प्रताप और मुकुट मुझ पर फिर आ गया। और मेरे मन्त्री और प्रधान लोग मुझ से भेंट करने के लिये आने लगे, और मैं राज्य में स्थिर हो गया; और मेरी और अधिक प्रशंसा होने लगी। अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।।
- Psalm 54:6 भजन संहिता 54:6मैं तुझे स्वेच्छाबलि चढ़ाऊंगा; हे यहोवा, मैं तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा, क्योंकि यह उत्तम है।
- Daniel 5:18 दानिय्येल 5:18हे राजा, परमप्रधान परमेश्वर ने तेरे पिता नबूकदनेस्सर को राज्य, बड़ाई, प्रतिष्ठा और प्रताप दिया था;
- Isaiah 58:13–14 यशायाह 58:13–14यदि तू विश्रामदिन को अशुद्ध न करे अर्थात् मेरे उस पवित्रा दिन में अपनी इच्छा पूरी करने का यत्न न करे, और विश्रामदिन को आनन्द का दिन और यहोवा का पवित्रा किया हुआ दिन समझकर माने; यदि तू उसका सन्मान करके उस दिन अपने मार्ग पर न चले, अपनी इच्छा पूरी न करे, और अपनी ही बातें न बोले, तो तू यहोवा के कारण सुखी होगा, और मैं तुझे देश के ऊंचे स्थानों पर चलने दूंगा; मैं तेरे मूलपुरूष याकूब के भाग की उपज में से तुझे खिलाऊंगा, क्योंकि यहोवा ही के मुख से यह वचन निकला है।।