Revelation · chapter 22 · verse 2
Revelation 22:2 in Hindi
और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे।
Aur nadee ke is paar; aur us paar, jeevan kaa ped thaa: us mem baarah prakaar ke phal lagate the, aur vah har maheene phalataa thaa; aur us ped ke pattom se jaati jaati ke log change hote the.
Revelation 22:2 in English
- King James Version (KJV)
- In the midst of the street of it, and on either side of the river, [was there] the tree of life, which bare twelve [manner of] fruits, [and] yielded her fruit every month: and the leaves of the tree [were] for the healing of the nations.
- World English Bible (WEB)
- in the middle of its street. On this side of the river and on that was the tree of life, bearing twelve kinds of fruits, yielding its fruit every month. The leaves of the tree were for the healing of the nations.
- American Standard Version (ASV)
- in the midst of the street thereof. And on this side of the river and on that was the tree of life, bearing twelve [manner of] fruits, yielding its fruit every month: and the leaves of the tree were for the healing of the nations.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the middle of its street. And on this side of the river and on that was the tree of life, having twelve sorts of fruits, giving its fruit every month; and the leaves of the tree give life to the nations.
- Darby Translation (DBY)
- In the midst of its street, and of the river, on this side and on that side, [the] tree of life, producing twelve fruits, in each month yielding its fruit; and the leaves of the tree for healing of the nations.
- Webster's Bible (WBS)
- In the midst of the street of it, and on each side of the river, [was there] the tree of life, which bore twelve [kinds of] fruits, [and] yielded her fruit every month: and the leaves of the tree [were] for the healing of the nations.
- Young's Literal Translation (YLT)
- in the midst of its broad place, and of the river on this side and on that, [is] a tree of life, yielding twelve fruits, in each several month rendering its fruits, and the leaves of the tree [are] for the service of the nations;
Read in context
- 1फिर उस ने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकलकर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी।
- 2और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे।
- 3और फिर स्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे।
- 4और उसका मुंह देखेंगे, और उसका नाम उन के माथों पर लिखा हुआ होगा।
Cross references
- Revelation 22:1 प्रकाशितवाक्य 22:1फिर उस ने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकलकर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी।
- 1 Peter 2:24 1 पतरस 2:24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- Revelation 2:7 प्रकाशितवाक्य 2:7जिस के कान हों, वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है: जो जय पाए, मैं उसे उस जीवन के पेड़ में से जो परमेश्वर के स्वर्गलोक में है, फल खाने को दूंगा।।
- Ezekiel 47:8–12 यहेजकेल 47:8–12तब उस ने मुझ से कहा, यह सोता पूव देश की ओर बह रहा है, और अराबा में उतरकर ताल की ओर बहेगा; और यह भवन से निकला हुआ सीधा ताल में मिल जाएगा; और उसका जल मीठा हो जाएगा। और जहां जहां यह नदी बहे, वहां वहां सब प्रकार के बहुत अण्डे देनेवाले जीवजन्तु जीएंगे और मछलियां भी बहुत हो जाएंगी; क्योंकि इस सोते का जल वहां पहुंचा है, और ताल का जल मीठा हो जाएगा; और जहा कहीं यह नदी पहुंचेगी वहां सब जन्तु जीएंगे। ताल के तीर पर मछवे खड़े रहेंगे, और एनगदी से लेकर ऐनेग्लैम तक वे जाल फैलाए जाएंगे, और उन्हें महासागर की सी भांति भांति की अनगिनित मछलियां मिलेंगी। परन्तु ताल के पास जो दलदल ओर गड़हे हैं, उनका जल मीठा न होगा; वे खारे ही रहेंगे। और नदी के दोनों तीरों पर भांति भांति के खाने योग्य फलदाई पृक्ष उपजेंगे, जिनके पत्ते न मुर्झाएंगे और उनका फलना भी कभी बन्द न होगा, क्योंकि नदी का जल पवित्रा स्थान से तिकला है। उन में महीने महीने, नये नये फल लगेंगे। उनके फल तो खाने के, ओर पत्ते औषधि के काम आएंगे।
- Genesis 2:9 उत्पत्ति 2:9और यहोवा परमेश्वर ने भूमि से सब भांति के वृक्ष, जो देखने में मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे हैं उगाए, और बाटिका के बीच में जीवन के वृक्ष को और भले या बुरे के ज्ञान के वृक्ष को भी लगाया।
- Revelation 22:14 प्रकाशितवाक्य 22:14धन्य वे हैं, जो अपने वस्त्रा धो लेते हैं, क्योंकि उन्हें जीवन के पेड़ के पास आने का अधिकार मिलेगा, और वे फाटकों से होकर नगर में प्रवेश करेंगे।
- Genesis 3:22–24 उत्पत्ति 3:22–24फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, मनुष्य भले बुरे का ज्ञान पाकर हम में से एक के समान हो गया है: इसलिये अब ऐसा न हो, कि वह हाथ बढ़ाकर जीवन के वृक्ष का फल भी तोड़ के खा ले और सदा जीवित रहे। तब यहोवा परमेश्वर ने उसको अदन की बाटिका में से निकाल दिया कि वह उस भूमि पर खेती करे जिस मे से वह बनाया गया था। इसलिये आदम को उस ने निकाल दिया और जीवन के वृक्ष के मार्ग का पहरा देने के लिये अदन की बाटिका के पूर्व की ओर करूबों को, और चारों ओर घूमनेवाली ज्वालामय तलवार को भी नियुक्त कर दिया।।
- Revelation 22:19 प्रकाशितवाक्य 22:19और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्रा नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्तक में है, उसका भाग निकाल देगा।।
- Proverbs 3:18 नीतिवचन 3:18जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।।
- Revelation 21:24 प्रकाशितवाक्य 21:24और जाति जाति के लोग उस की ज्योति में चले फिरेंगे, और पृथ्वी के राजा अपने अपने तेज का सामान उस में लाएंगे।
- Malachi 4:2 मलाकी 4:2परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकलकर पाले हुए बछड़ों की नाई कूदोगे और फांदोगे।
- Isaiah 57:18–19 यशायाह 57:18–19मैं उसकी चाल देखता आया हूं, तौभी अब उसको चंगा करूंगा; मैं उसे ले चलूंगा और विशेष करके उसके शोक करनेवालों को शान्ति दूंगा। मैं मुंह के फल का सृजनहार हूं; यहोवा ने कहा है, जो दूर और जो निकट हैं, दोनों को पूरी शान्ति मिले; और मैं उसको चंगा करूंगा।
Original words (Greek)
- In · G1722ἐν en
- midst · G3319μέσος mésos
- street · G4113πλατεῖα plateîa
- it · G846αὐτός autós
- and · G2532καί kaí
- side · G1782ἐντεῦθεν enteûthen
- river · G4215ποταμός potamós
- tree · G3586ξύλον xýlon
- life · G2222ζωή zōḗ
- bare · G4160ποιέω poiéō
- twelve · G1427δώδεκα dṓdeka
- fruits · G2590καρπός karpós
- yielded · G591ἀποδίδωμι apodídōmi
- her · G846αὐτός autós
- fruit · G2590καρπός karpós
- every · G1538ἕκαστος hékastos
- month · G3376μήν mḗn
- and · G2532καί kaí
- leaves · G5444φύλλον phýllon
- tree · G3586ξύλον xýlon
- for · G1519εἰς eis
- healing · G2322θεραπεία therapeía
- nations · G1484ἔθνος éthnos