Romans · chapter 11 · verse 7
Romans 11:7 in Hindi
सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।
So parinaam kyaa huaa? Yah ki istraaelee jis kee khoj mem haim, vah un ko naheem milaa; parantu chune huom ko milaa aur shesh log kathor kie gae hain.
Romans 11:7 in English
- King James Version (KJV)
- What then? Israel hath not obtained that which he seeketh for; but the election hath obtained it, and the rest were blinded
- World English Bible (WEB)
- What then? That which Israel seeks for, that he didn’t obtain, but the chosen ones obtained it, and the rest were hardened.
- American Standard Version (ASV)
- What then? That which Israel seeketh for, that he obtained not; but the election obtained it, and the rest were hardened:
- Bible in Basic English (BBE)
- What then? That which Israel was searching for he did not get, but those of the selection got it and the rest were made hard.
- Darby Translation (DBY)
- What [is it] then? What Israel seeks for, that he has not obtained; but the election has obtained, and the rest have been blinded,
- Webster's Bible (WBS)
- What then? Israel hath not obtained that which he seeketh for; but the election hath obtained it, and the rest were blinded.
- Young's Literal Translation (YLT)
- What then? What Israel doth seek after, this it did not obtain, and the chosen did obtain, and the rest were hardened,
Read in context
- 5सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं।
- 6यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।
- 7सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।
- 8जैसा लिखा है, कि परमेश्वर ने उन्हें आज के दिन तक भारी नींद में डाल रखा है और ऐसी आंखें दी जो न देखें और ऐसे कान जो न सुनें।
- 9और दाऊद कहता है; उन का भोजन उन के लिये जाल, और फन्दा, और ठोकर, और दण्ड का कारण हो जाए।
Cross references
- Romans 9:18 रोमियों 9:18सो वह जिस पर चाहता है, उस पर दया करता है; और जिसे चाहता है, उसे कठोर कर देता है।
- 2 Corinthians 4:4 2 कुरिन्थियों 4:4और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
- Romans 11:5 रोमियों 11:5सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं।
- Romans 11:25 रोमियों 11:25हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।
- 2 Thessalonians 2:10–14 2 थिस्सलुनीकियों 2:10–14और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता। और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें। और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।। पर हे भाइयो, और प्रभु के प्रिय लोगो चाहिये कि हम तुम्हारे विषय में सदा परमेश्वर का धन्यवाद करते रहें, कि परमेश्वर ने आदि से तुम्हें चुन लिया; कि आत्मा के द्वारा पवित्रा बनकर, और सत्य की प्रतीति करके उद्धार पाओ। जिस के लिये उस ने तुम्हें हमारे सुसमाचार के द्वारा बुलाया, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को प्राप्त करो।
- Romans 9:31–32 रोमियों 9:31–32परन्तु इस्त्राएली; जो धर्म की व्यवस्था की खोज करते हुए उस व्यवस्था तक नहीं पहुंचे। किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई।
- Romans 9:23 रोमियों 9:23और दया के बरतनों पर जिन्हें उस ने महिमा के लिये पहिले से तैयार किया, अपने महिमा के धन को प्रगट करने की इच्छा की?
- Ephesians 1:4 इफिसियों 1:4जैसा उस ने हमें जगत की उत्पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्रा और निर्दोष हों।
- 2 Corinthians 3:14 2 कुरिन्थियों 3:14परन्तु वे मतिमन्द हो गए, क्योंकि आज तक पुराने नियम के पढ़ते समय उन के हृदयों पर वही परदा पड़ा रहता है; पर वह मसीह में उठ जाता है।
- Romans 8:28–30 रोमियों 8:28–30और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। क्योंकि जिन्हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्रा के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। फिर जिन्हें उन से पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।।
- John 12:40 यूहन्ना 12:40कि उस ने उन की आंखें अन्धी, और उन का मन कठोर किया है; कहीं ऐसा न हो, कि आंखों से देखें, और मन से समझें, और फिरें, और मैं उन्हें चंगा करूं।
- Philippians 1:18 फिलिप्पियों 1:18सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्दित हूं, और आनन्दित रहूंगा भी।
Original words (Greek)
- What · G5101τίς tís
- then · G3767οὖν oûn
- Israel · G2474Ἰσραήλ Israḗl
- hath · G2013ἐπιτυγχάνω epitynchánō
- not · G3756οὐ ou
- obtained · G2013ἐπιτυγχάνω epitynchánō
- that · G5127τούτου toútou
- which · G3739ὅς hós
- for · G1934ἐπιζητέω epizētéō
- but · G1161δέ dé
- election · G1589ἐκλογή eklogḗ
- it · G2013ἐπιτυγχάνω epitynchánō
- and · G1161δέ dé
- rest · G3062λοιποί loipoí
- blinded · G4456πωρόω pōróō