Philippians · chapter 1 · verse 18
Philippians 1:18 in Hindi
सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्दित हूं, और आनन्दित रहूंगा भी।
So kyaa huaa? Keval yah, ki har prakaar se chaahe bahaane se, chaahe sachchaaee se, maseeh kee kathaa sunaaee jaatee hai, aur maim is se aanandit hoom, aur aanandit rahoongaa bhee.
Philippians 1:18 in English
- King James Version (KJV)
- What then? notwithstanding, every way, whether in pretence, or in truth, Christ is preached; and I therein do rejoice, yea, and will rejoice.
- World English Bible (WEB)
- What does it matter? Only that in every way, whether in pretense or in truth, Christ is proclaimed. I rejoice in this, yes, and will rejoice.
- American Standard Version (ASV)
- What then? only that in every way, whether in pretence or in truth, Christ is proclaimed; and therein I rejoice, yea, and will rejoice.
- Bible in Basic English (BBE)
- What then? only that in every way, falsely or truly, the preaching of Christ goes on; and in this I am glad, and will be glad.
- Darby Translation (DBY)
- What is it then? at any rate, in every way, whether in pretext or in truth, Christ is announced; and in this I rejoice, yea, also I will rejoice;
- Webster's Bible (WBS)
- What then? notwithstanding, every way, whether in pretense or in truth, Christ is preached; and I therein do rejoice, yes, and will rejoice.
- Young's Literal Translation (YLT)
- what then? in every way, whether in pretence or in truth, Christ is proclaimed — and in this I rejoice, yea, and shall rejoice.
Read in context
- 16कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं।
- 17और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्लेश उत्पन्न करें।
- 18सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्दित हूं, और आनन्दित रहूंगा भी।
- 19क्योंकि मैं जानता हूं, कि तुम्हारी बिनती के द्वारा, और यीशु मसीह की आत्मा के दान के द्वारा इस का प्रतिफल मेरा उद्धार होगा।
- 20मैं तो यही हार्दिक लालसा और आशा रखता हूं, कि मैं किसी बात में लज्जित न होऊं, पर जैसे मेरे प्रबल साहस के कारण मसीह की बड़ाई मेरी देह के द्वारा सदा होती रही है, वैसा ही अब भी हो चाहे मैं जीवित रहूं वा मर जाऊं।
Cross references
- Luke 9:50 लूका 9:50यीशु ने उस से कहा, उसे मना मत करो; क्योंकि जो तुम्हारे विरोध में नहीं, वह तुम्हारी ओर है।।
- Mark 9:38–40 मरकुस 9:38–40तब यूहन्ना ने उस से कहा, हे गुरू हम ने एक मनुष्य को तेरे नाम से दुष्टात्मओं को निकालते देखा और हम उसे मना करने लगे, क्योंकि वह हमारे पीछे नहीं हो लेता था। यीशु ने कहा, उस को मत मना करो; क्योंकि ऐसा कोई नहीं जो मेरे नाम से सामर्थ का काम करे, और जल्दी से मुझे बुरा कह सके। क्योंकि जो हमारे विरोध में नहीं, वह हमारी ओर है।
- 1 Corinthians 15:11 1 कुरिन्थियों 15:11सो चाहे मैं हूं, चाहे वे हों, हम यही प्रचार करते हैं, और इसी पर तुम ने विश्वास भी किया।।
- Philippians 1:14–17 फिलिप्पियों 1:14–17और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं। कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से। कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं। और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्लेश उत्पन्न करें।
- 1 Corinthians 14:15 1 कुरिन्थियों 14:15सो क्या करना चाहिए? मैं आत्मा से भी प्रार्थना करूंगा, और बुद्धि से भी प्रार्थना करूंगा; मैं आत्मा से गाऊंगा, और बुद्धि से भी गाऊंगा।
- Matthew 23:13 मत्ती 23:13हे कपटी शास्त्रियों और फरीसियों तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के विरोध में स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो आप ही उस में प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो।।
- 2 John 1:9–11 2 यूहन्ना 1:9–11जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं: जो कोई उस की शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्रा भी। यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो। क्योंकि जो कोई ऐसे जन को नमस्कार करता है, वह उस के बुरे कामों में साझी होता है।।
- Mark 12:40 मरकुस 12:40वे विधवाओं के घरों को खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं, ये अधिक दण्ड पाएंगे।।
Original words (Greek)
- What · G5101τίς tís
- then · G1063γάρ gár
- notwithstanding · G4133πλήν plḗn
- every · G3956πᾶς pâs
- way · G5158τρόπος trópos
- whether · G1535εἴτε eíte
- pretence · G4392πρόφασις próphasis
- or · G1535εἴτε eíte
- truth · G225ἀλήθεια alḗtheia
- Christ · G5547Χριστός Christós
- preached · G2605καταγγέλλω katangéllō
- and · G2532καί kaí
- I · G5463χαίρω chaírō
- there · G5129τούτῳ toútōi
- in · G1722ἐν en
- rejoice · G5463χαίρω chaírō
- yea · G235ἀλλά allá
- and · G2532καί kaí
- rejoice · G5463χαίρω chaírō