Romans · chapter 15 · verse 5
Romans 15:5 in Hindi
और धीरज, और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हें यह बरदान दे, कि मसीह यीशु के अनुसार आपस में एक मन रहो।
Aur dheeraj, aur shaanti kaa daataa parameshvar tumhem yah baradaan de, ki maseeh yeeshu ke anusaar aapas mem ek man raho.
Romans 15:5 in English
- King James Version (KJV)
- Now the God of patience and consolation grant you to be likeminded one toward another according to Christ Jesus:
- World English Bible (WEB)
- Now the God of perseverance and of encouragement grant you to be of the same mind with one another according to Christ Jesus,
- American Standard Version (ASV)
- Now the God of patience and of comfort grant you to be of the same mind one with another according to Christ Jesus:
- Bible in Basic English (BBE)
- Now may the God who gives comfort and strength in waiting make you of the same mind with one another in harmony with Christ Jesus:
- Darby Translation (DBY)
- Now the God of endurance and of encouragement give to you to be like-minded one toward another, according to Christ Jesus;
- Webster's Bible (WBS)
- Now the God of patience and consolation grant you to be like-minded one towards another according to Christ Jesus:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And may the God of the endurance, and of the exhortation, give to you to have the same mind toward one another, according to Christ Jesus;
Read in context
- 3क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।
- 4जितनी बातें पहिले से लिखी गईं, वे हमारी ही शिक्षा के लिये लिखी गईं हैं कि हम धीरज और पवित्रा शास्त्रा की शान्ति के द्वारा आशा रखें।
- 5और धीरज, और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हें यह बरदान दे, कि मसीह यीशु के अनुसार आपस में एक मन रहो।
- 6ताकि तुम एक मन औश्र एक मुंह होकर हमारे प्रभु यीशु मसीह कि पिता परमेश्वर की बड़ाई करो।
- 7इसलिये, जैसा मसीह ने भी परमेश्वर की महिमा के लिये तुम्हें ग्रहण किया है, वैसे ही तुम भी एक दूसरे को ग्रहण करो।
Cross references
- Philippians 2:4–5 फिलिप्पियों 2:4–5हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।
- Romans 15:13 रोमियों 15:13सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- 1 Peter 3:8 1 पतरस 3:8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- Ephesians 5:2 इफिसियों 5:2और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट करके बलिदान कर दिया।
- Romans 12:16 रोमियों 12:16आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
- 2 Corinthians 13:11 2 कुरिन्थियों 13:11निदान, हे भाइयो, आनन्दित रहो; सिद्ध बनते जाओ; ढाढ़स रखो; एक ही मन रखो; मेल से रहो, और प्रेम और शान्ति का दाता परमेश्वर तुम्हारे साथ होगा।
- Psalm 86:5 भजन संहिता 86:5क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करनेवाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
- 1 Corinthians 1:10 1 कुरिन्थियों 1:10हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
- Exodus 34:6 निर्गमन 34:6और यहोवा उसके साम्हने होकर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,
- Philippians 2:2 फिलिप्पियों 2:2तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
- Philippians 1:27 फिलिप्पियों 1:27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
- Philippians 4:2 फिलिप्पियों 4:2मैं यूआदिया को भी समझाता हूं, और सुन्तुखे को भी, कि वे प्रभु में एक मन रहें।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- God · G2316θεός theós
- patience · G5281ὑπομονή hypomonḗ
- and · G2532καί kaí
- consolation · G3874παράκλησις paráklēsis
- grant · G1325δίδωμι dídōmi
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- likeminded · G5426φρονέω phronéō
- one · G1722ἐν en
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn
- to · G2596κατά katá
- Christ · G5547Χριστός Christós
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs