Romans · chapter 2 · verse 1
Romans 2:1 in Hindi
सो हे दोष लगानेवाले, तू कोई क्यों न हो; तू निरूत्तर है! क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी बात में अपने आप को भी दोषी ठहराता है, इसलिये कि तू जो दोष लगाता है, आप ही वही काम करता है।
So he dosh lagaanevaale, too koee kyom na ho; too niroottar hai! Kyonki jis baat mem too doosare par dosh lagaataa hai, usee baat mem apane aap ko bhee doshee thaharaataa hai, isaliye ki too jo dosh lagaataa hai, aap hee vahee kaam karataa hai.
Romans 2:1 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore thou art inexcusable, O man, whosoever thou art that judgest: for wherein thou judgest another, thou condemnest thyself; for thou that judgest doest the same things.
- World English Bible (WEB)
- Therefore you are without excuse, O man, whoever you are who judge. For in that which you judge another, you condemn yourself. For you who judge practice the same things.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore thou art without excuse, O man, whosoever thou art that judgest: for wherein thou judgest another, thou condemnest thyself; for thou that judgest dost practise the same things.
- Bible in Basic English (BBE)
- So you have no reason, whoever you are, for judging: for in judging another you are judging yourself, for you do the same things.
- Darby Translation (DBY)
- Therefore thou art inexcusable, O man, every one who judgest, for in that in which thou judgest another, thou condemnest thyself; for thou that judgest doest the same things.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore thou art inexcusable, O man, whoever thou art, that judgest: for wherein thou judgest another, thou condemnest thyself; for thou that judgest, doest the same things.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore, thou art inexcusable, O man — every one who is judging — for in that in which thou dost judge the other, thyself thou dost condemn, for the same things thou dost practise who art judging,
Read in context
- 1सो हे दोष लगानेवाले, तू कोई क्यों न हो; तू निरूत्तर है! क्योंकि जिस बात में तू दूसरे पर दोष लगाता है, उसी बात में अपने आप को भी दोषी ठहराता है, इसलिये कि तू जो दोष लगाता है, आप ही वही काम करता है।
- 2और हम जातने हैं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर परमेश्वर की ओर से ठीक ठीक दण्ड की आज्ञा होती है।
- 3और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?
Cross references
- Luke 6:37 लूका 6:37दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हारी भी क्षमा की जाएगी।
- Romans 2:3 रोमियों 2:3और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?
- John 8:7–9 यूहन्ना 8:7–9जब वे उस से पूछते रहे, तो उस ने सीधे होकर उन से कहा, कि तूुम में जो निष्पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे। और फिर झुककर भूमि पर उंगली से लिखने लगा। परन्तु वे यह सुनकर बड़ों से लेकर छोटों तक एक एक करके निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई।
- Romans 2:21–23 रोमियों 2:21–23सो क्या तू जो औरों को सिखाता है, अपने आप को नहीं सिखाता? क्या तू चोरी न करने का उपदेश देता है, आप ही चोरी करता है? तू जो कहता है, व्यभिचार न करना, क्या आप ही व्यभिचार करता है? तू जो मूरतों से घृणा करता है, क्या आप ही मन्दिरों को लूटता है। तू जो व्यवस्था के विषय में घमण्ड करता है, क्या व्यवस्था न मानकर, परमेश्वर का अनादर करता है?
- Matthew 7:1–5 मत्ती 7:1–5दोष मत लगाओ, कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए। क्योंकि जिस प्रकार तुम दोष लगाते हो, उसी प्रकार तुम पर भी दोष लगाया जाएगा; और जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा। तू क्यों अपने भाई की आंख के तिनके को देखता है, और अपनी आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता? और जब तेरी ही आंख मे लट्ठा है, तो तू अपने भाई से क्योंकर कह सकता है, कि ला मैं तेरी आंख से तिनका निकाल दूं। हे कपटी, पहले अपनी आंख में से लट्ठा निकाल ले, तक तू अपने भाई की आंख का तिनका भली भांति देखकर निकाल सकेगा।। पवित्रा वस्तु कुत्तों को न दो, और अपने मोती सूअरों के आगे मत डालो; ऐसा न हो कि वे उन्हें पांवों तले रौंदें और पलटकर तुम को फाड़ डालें।।
- Romans 1:18–20 रोमियों 1:18–20परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं। इसलिये कि परमशॆवर के विषय में ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं।
- 2 Samuel 12:5–7 2 शमूएल 12:5–7तब दाऊद का कोप उस मनुष्य पर बहुत भड़का; और उस ने नातान से कहा, यहोवा के जीवन की शपथ, जिस मनुष्य ने ऐसा काम किया वह प्राण दणड के योग्य है; और उसको वह भेड़ की बच्ची का औगुणा भर देना होगा, क्योंकि उस ने ऐसा काम किया, और कुछ दया नहीं की। तब नातान ने दाऊद से कहा, तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि मैं ने तेरा अभिशेक कराके तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैं ते तुझे शाऊल के हाथ से बचाया;
- Psalm 50:16–20 भजन संहिता 50:16–20परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मरी वाचा की चर्चा क्यों करता है? तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जातना है। जब तू ने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।। तू ने अपना मुंह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है। तू बैठा हुआ अपने भाई के विरूद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है।
- Romans 9:20 रोमियों 9:20हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Matthew 23:29–31 मत्ती 23:29–31हे कपटी शास्त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम भविष्यद्वक्ताओं की कब्रें संवारते और धर्मियों की कब्रें बनाते हो। और कहते हो, कि यदि हम अपने बापदादों के दिनों में होते तो भविष्यद्वक्ताओं की हत्या में उन के साझी न होते। इस से तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के घातकों की सन्तान हो।
- James 4:11 याकूब 4:11हे भाइयों, एक दूसरे की बदनामी न करो, जो अपने भाई की बदनामी करता है, या भाई पर दोष लगाता है, वह व्यवस्था की बदनामी करता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था पर चलनेवाला नहीं, पर उस पर हाकिम ठहरा।
- Luke 19:22 लूका 19:22उस ने उस से कहा; हे दुष्ट दास, मैं तेरे ही मुंह से तुझे दोषी ठहराता हूं: तू मुझे जानता था कि कठोर मनुष्य हूं, जो मैं ने नहीं रखा उसे उठा लेता, और जो मैं ने नहीं बोया, उसे काटता हूं।
Original words (Greek)
- Therefore · G1352διό dió
- art · G1488εἶ eî
- inexcusable · G379ἀναπολόγητος anapológētos
- O · G5599ὦ ō
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- art · G3956πᾶς pâs
- judgest · G2919κρίνω krínō
- for · G1063γάρ gár
- wherein · G1722ἐν en
- judgest · G2919κρίνω krínō
- another · G2087ἕτερος héteros
- condemnest · G2632κατακρίνω katakrínō
- thyself · G4572σεαυτοῦ seautoû
- for · G1063γάρ gár
- judgest · G2919κρίνω krínō
- doest · G4238πράσσω prássō
- things · G846αὐτός autós