Romans · chapter 4 · verse 16
Romans 4:16 in Hindi
इसी कारण वह विश्वास के द्वारा मिलती है, कि अनुग्रह की रीति पर हो, कि प्रतिज्ञा सब वंश के लिये दृढ़ हो, न कि केवल उसक लिये जो व्यवस्थावाला है, बरन उन के लिये भी जो इब्राहीम के समान विश्वासवाले हैं: वही तो हम सब का पिता है।
Isee kaaran vah vishvaas ke dvaaraa milatee hai, ki anugrah kee reeti par ho, ki pratijnyaa sab vansh ke liye drudh ho, na ki keval usak liye jo vyavasthaavaalaa hai, baran un ke liye bhee jo ibraaheem ke samaan vishvaasavaale haim: vahee to ham sab kaa pitaa hai.
Romans 4:16 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore [it is] of faith, that [it might be] by grace; to the end the promise might be sure to all the seed; not to that only which is of the law, but to that also which is of the faith of Abraham; who is the father of us all,
- World English Bible (WEB)
- For this cause it is of faith, that it may be according to grace, to the end that the promise may be sure to all the offspring, not to that only which is of the law, but to that also which is of the faith of Abraham, who is the father of us all.
- American Standard Version (ASV)
- For this cause [it is] of faith, that [it may be] according to grace; to the end that the promise may be sure to all the seed; not to that only which is of the law, but to that also which is of the faith of Abraham, who is the father of us all
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason it is of faith, so that it may be through grace; and so that the word of God may be certain to all the seed; not only to that which is of the law, but to that which is of the faith of Abraham, who is the father of us all,
- Darby Translation (DBY)
- Therefore [it is] on the principle of faith, that [it might be] according to grace, in order to the promise being sure to all the seed, not to that only which [is] of the law, but to that also which [is] of Abraham's faith, who is father of us all,
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore [it is] of faith, that [it might be] by grace; to the end the promise might be sure to all the seed, not to that only which is of the law, but to that also which is of the faith of Abraham, who is the father of us all;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Because of this [it is] of faith, that [it may be] according to grace, for the promise being sure to all the seed, not to that which [is] of the law only, but also to that which [is] of the faith of Abraham,
Read in context
- 14क्योंकि यदि व्यवस्थावाले वारिस हैं, तो विश्वास व्यर्थ और प्रतिज्ञा निष्फल ठहरी।
- 15व्यवस्था तो क्रोध उपजाती है और जहां व्यवस्था नहीं वहां उसका टालना भी नहीं।
- 16इसी कारण वह विश्वास के द्वारा मिलती है, कि अनुग्रह की रीति पर हो, कि प्रतिज्ञा सब वंश के लिये दृढ़ हो, न कि केवल उसक लिये जो व्यवस्थावाला है, बरन उन के लिये भी जो इब्राहीम के समान विश्वासवाले हैं: वही तो हम सब का पिता है।
- 17(जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है) उस परमशॆवर के साम्हने जिस पर उस ने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं।
- 18उस ने निराशा में भी आशा रखकर विश्वास किया, इसलिये कि उस वचन के अनुसार कि तेरा वंश ऐसा होगा वह बहुत सी जातियों का पिता हो।
Cross references
- Romans 3:24–26 रोमियों 3:24–26परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे। बरन इसी समय उस की धार्मिकता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहरानेवाला हो।
- Ephesians 2:8 इफिसियों 2:8क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर का दान है।
- Romans 9:8 रोमियों 9:8अर्थात् शरीर की सन्तान परमेश्वर की सन्तान नहीं, परन्तु प्रतिज्ञा के सन्तान वंश गिने जाते हैं।
- Galatians 3:22 गलातियों 3:22परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।।
- Titus 3:7 तीतुस 3:7जिस से हम उसके अनुग्रह से धर्मी ठहरकर, अनन्त जीवन की आशा के अनुसार वारिस बनें।
- Romans 15:8 रोमियों 15:8मैं कहता हूं, कि जो प्रतिज्ञाएं बापदादों को दी गई थीं, उन्हें दृढ़ करने के लिये मसीह, परमेश्वर की सच्चाई का प्रमाण देने के लिये खतना किए हुए लोगों का सेवक बना।
- Ephesians 2:5 इफिसियों 2:5जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
- Romans 5:1 रोमियों 5:1से जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
- Isaiah 51:2 यशायाह 51:2अपने मूलपुरूष इब्राहीम और अपनी माता सारा पर ध्यान करो; जब वह अकेला था, तब ही से मैं ने उसको बुलाया और आशीष दी और बढ़ा दिया।
- Galatians 3:7–12 गलातियों 3:7–12तो यह जान लो, कि जो विश्वास करनेवाले हैं, वे ही इब्राहीम की सन्तान हैं। और पवित्राशास्त्रा ने पहिले ही से यह जानकर, कि परमेश्वर अन्यजातियों को विश्वास से धर्मी ठहराएगा, पहिले हीे से इब्राहीम को यह सुसमाचार सुना दिया, कि तुझ में सब जातियां आशीष पाएंगी। तो जो विश्वास करनेवाले हैं, वे विश्वासी इब्राहीम के साथ आशीष पाते हैं। सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है। पर यह बात प्रगट है, कि व्यवस्था के द्वारा परमेश्वर के यहां कोई धर्मी नहीं ठहरता क्योंकि धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा। पर व्यवस्था का विश्वास से कुछ सम्बन्ध नहीं; पर जो उन को मानेगा, वह उन के कारण जीवित रहेगा।
- 2 Peter 1:10 2 पतरस 1:10इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
- Hebrews 6:13–19 इब्रानियों 6:13–19और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खाकर कहा। कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्तान को बढ़ाता जाऊंगा। और इस रीति से उस ने धीरज धरकर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्त की। मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया। ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।
Original words (Greek)
- Therefore · G1223διά diá
- of · G1537ἐκ ek
- faith · G4102πίστις pístis
- that · G2443ἵνα hína
- by · G2596κατά katá
- grace · G5485χάρις cháris
- end · G1519εἰς eis
- promise · G1860ἐπαγγελία epangelía
- be · G1511εἶναι eînai
- sure · G949βέβαιος bébaios
- all · G3956πᾶς pâs
- seed · G4690σπέρμα spérma
- not · G3756οὐ ou
- that · G3588ὁ ho
- only · G3440μόνον mónon
- of · G1537ἐκ ek
- law · G3551νόμος nómos
- but · G235ἀλλά allá
- that · G3588ὁ ho
- also · G2532καί kaí
- of · G1537ἐκ ek
- faith · G4102πίστις pístis
- Abraham · G11Ἀβραάμ Abraám
- who · G3739ὅς hós
- is · G2076ἐστί estí
- father · G3962πατήρ patḗr
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- all · G3956πᾶς pâs