Romans · chapter 4 · verse 18
Romans 4:18 in Hindi
उस ने निराशा में भी आशा रखकर विश्वास किया, इसलिये कि उस वचन के अनुसार कि तेरा वंश ऐसा होगा वह बहुत सी जातियों का पिता हो।
Us ne niraashaa mem bhee aashaa rakhakar vishvaas kiyaa, isaliye ki us vachan ke anusaar ki teraa vansh aisaa hogaa vah bahut see jaatiyom kaa pitaa ho.
Romans 4:18 in English
- King James Version (KJV)
- Who against hope believed in hope, that he might become the father of many nations; according to that which was spoken, So shall thy seed be.
- World English Bible (WEB)
- Against hope, Abraham in hope believed, to the end that he might become a father of many nations, according to that which had been spoken, “So will your offspring be.”
- American Standard Version (ASV)
- Who in hope believed against hope, to the end that he might become a father of many nations, according to that which had been spoken, So shall thy seed be.
- Bible in Basic English (BBE)
- Who without reason for hope, in faith went on hoping, so that he became the father of a number of nations, as it had been said, So will your seed be.
- Darby Translation (DBY)
- who against hope believed in hope to his becoming father of many nations, according to that which was spoken, So shall thy seed be:
- Webster's Bible (WBS)
- Who against hope believed with hope, that he should become the father of many nations; according to that which was spoken, So shall thy seed be.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Who, against hope in hope did believe, for his becoming father of many nations according to that spoken: 'So shall thy seed be;'
Read in context
- 16इसी कारण वह विश्वास के द्वारा मिलती है, कि अनुग्रह की रीति पर हो, कि प्रतिज्ञा सब वंश के लिये दृढ़ हो, न कि केवल उसक लिये जो व्यवस्थावाला है, बरन उन के लिये भी जो इब्राहीम के समान विश्वासवाले हैं: वही तो हम सब का पिता है।
- 17(जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है) उस परमशॆवर के साम्हने जिस पर उस ने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं।
- 18उस ने निराशा में भी आशा रखकर विश्वास किया, इसलिये कि उस वचन के अनुसार कि तेरा वंश ऐसा होगा वह बहुत सी जातियों का पिता हो।
- 19और वह जो एक सौ वर्ष का था, अपने मरे हुए से शरीर और सारा के गर्भ की मरी हुई की सी दशा जानकर भी विश्वास में निर्बल न हुआ।
- 20और न अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ होकर परमेश्वर की महिमा की।
Cross references
- Romans 8:24 रोमियों 8:24आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा?
- Genesis 15:5–6 उत्पत्ति 15:5–6और उस ने उसको बाहर ले जाके कहा, आकाश की ओर दृष्टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है? फिर उस ने उस से कहा, तेरा वंश ऐसा ही होगा। उस ने यहोवा पर विश्वास किया; और यहोवा ने इस बात को उसके लेखे में धर्म गिना।
- Romans 5:5 रोमियों 5:5और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- Acts 27:25 प्रेरितों के काम 27:25इसलिये, हे सज्जनों ढाढ़स बान्धों; क्योंकि मैं परमेश्वर की प्रतीति करता हूं, कि जैसा मुझ से कहा गया है, वैसा ही होगा।
- Proverbs 13:12 नीतिवचन 13:12जब आशा पूरी होने से विलम्ब होता है, तो मन शिथिल होता है, परन्तु जब लालसा पूरी होती है, तब जीवन का वृक्ष लगता है।
- Mark 5:35–36 मरकुस 5:35–36वह यह कह ही रहा था, कि आराधनालय के सरदार के घर से लोगों ने आकर कहा, कि तेरी बेटी तो मर गई; अब गुरू को क्यों दुख देता है? जो बात वे कह रहे थे, उस को यीशु ने अनसुनी करके, आराधनालय के सरदार से कहा; मत डर; केवल विश्वास रख।
- Romans 4:17 रोमियों 4:17(जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है) उस परमशॆवर के साम्हने जिस पर उस ने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं।
- Ezekiel 37:11 यहेजकेल 37:11फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, ये हडि्डयां इस्राएल के सारे घराने की उपमा हैं। वे कहत हैं, हमारी हडि्डयां सूख गई, और हमारी आशा जाती रही; हम पूरी रीति से कट चूके हैं।
- Ruth 1:11–13 रूत 1:11–13नाओमी ने कहा, हे मेरी बेटियों, लौट जाओ, तुम क्यों मेरे संग चलोगी? क्या मेरी कोख में और पुत्रा हैं जो तुम्हारे पति हों? हे मेरी बेटियों, लौटकर चली जाओ, क्योंकि मैं पति करने को बूढ़ी हूं। और चाहे मैं कहती भी, कि मुझे आशा है, और आज की रात मेरे पति होता भी, और मेरे पुत्रा भी होते, तौभी क्या तुम उनके सयाने होने तक आशा लगाए ठहरी रहतीं? और उनके निमित्त पति करने से रूकी रहतीं? हे मेरी बेटियों, ऐसा न हो, क्योंकि मेरा दु:ख तुम्हारे दु:ख से बहुत बढ़कर है; देखो, यहोवा का हाथ मेरे विरूद्ध उठा है।
- Luke 1:18 लूका 1:18जकरयाह ने स्वर्गदूत से पूछा; यह मैं कैसे जानूं? क्योंकि मैं तो बूढ़ा हूं; और मेरी पत्नी भी बूढ़ी हो गई है।
- Romans 4:19 रोमियों 4:19और वह जो एक सौ वर्ष का था, अपने मरे हुए से शरीर और सारा के गर्भ की मरी हुई की सी दशा जानकर भी विश्वास में निर्बल न हुआ।
Original words (Greek)
- Who · G3739ὅς hós
- against · G3844παρά pará
- hope · G1680ἐλπίς elpís
- believed · G4100πιστεύω pisteúō
- in · G1909ἐπί epí
- hope · G1680ἐλπίς elpís
- that · G1519εἰς eis
- he · G846αὐτός autós
- become · G1096γίνομαι gínomai
- father · G3962πατήρ patḗr
- many · G4183πολύς polýs
- nations · G1484ἔθνος éthnos
- to · G2596κατά katá
- spoken · G2046ἐρέω eréō
- So · G3779οὕτω hoútō
- shall · G2071ἔσομαι ésomai
- thy · G4675σοῦ soû
- seed · G4690σπέρμα spérma
- be · G2071ἔσομαι ésomai