Romans · chapter 6 · verse 10
Romans 6:10 in Hindi
क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
Kyonki vah jo mar gayaa to paap ke liye ek hee baar mar gayaa; parantu jo jeevit hai, to parameshvar ke liye jeevit hai.
Romans 6:10 in English
- King James Version (KJV)
- For in that he died, he died unto sin once: but in that he liveth, he liveth unto God.
- World English Bible (WEB)
- For the death that he died, he died to sin one time; but the life that he lives, he lives to God.
- American Standard Version (ASV)
- For the death that he died, he died unto sin once: but the life that he liveth, he liveth unto God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For his death was a death to sin, but his life now is a life which he is living to God.
- Darby Translation (DBY)
- For in that he has died, he has died to sin once for all; but in that he lives, he lives to God.
- Webster's Bible (WBS)
- For in that he died, he died to sin once: but in that he liveth, he liveth to God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for in that he died, to the sin he died once, and in that he liveth, he liveth to God;
Read in context
- 8सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी।
- 9क्योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठकर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की।
- 10क्योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया; परन्तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
- 11ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।
- 12इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
Cross references
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- 1 Peter 4:6 1 पतरस 4:6क्योंकि मरे हुओं को भी सुसमाचार इसी लिये सुनाया गया, कि शरीर में तो मनुष्यों के अनुसार उन का न्याय हो, पर आत्मा में वे परमेश्वर के अनुसार जीवित रहें।।
- 1 Peter 3:18 1 पतरस 3:18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 2 Corinthians 5:15 2 कुरिन्थियों 5:15और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
- Hebrews 9:26–28 इब्रानियों 9:26–28नहीं तो जगत की उत्पत्ति से लेकर उस को बार बार दुख उठाना पड़ता; पर अब युग के अन्त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे। और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है। वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उस की बाट जोहते हैं, उन के उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा।।
- Romans 14:7–9 रोमियों 14:7–9क्योंकि हम में से न तो कोई पअने लिये जीता है, और न कोई अपने लिये मरता है। क्योंकि यदि हम जीवित हैं, तो प्रभु के लिये जीवित हैं; और यदि मरते हैं, तो प्रभु के लिये मरते हैं; सो हम जीएं या मरें, हम प्रभु ही के हैं। क्योंकि मसीह इसी लिये मरा और जी भी उठा कि वह मरे हुओं और जीवतों, दोनों का प्रभु हो।
- Romans 8:3 रोमियों 8:3क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया, अर्थात् अपने ही पुत्रा को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी।
- Luke 20:38 लूका 20:38परमेश्वर तो मुरदों का नहीं परन्तु जीवतों का परमेश्वर है: क्योंकि उसके निकट सब जीवित हैं।
- Romans 6:11 रोमियों 6:11ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।