1 Peter · chapter 3 · verse 18
1 Peter 3:18 in Hindi
इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
Isaliye ki maseeh ne bhee, arthaat adharmiyom ke liye dharmee ne paapom ke kaaran ek baar dukh uthaayaa, taaki hamem parameshvar ke paas pahunchaae: vah shareer ke bhaav se to ghaat kiyaa gayaa, par aatmaa ke bhaav se jilaayaa gayaa.
1 Peter 3:18 in English
- King James Version (KJV)
- For Christ also hath once suffered for sins, the just for the unjust, that he might bring us to God, being put to death in the flesh, but quickened by the Spirit:
- World English Bible (WEB)
- Because Christ also suffered for sins once, the righteous for the unrighteous, that he might bring you to God, being put to death in the flesh, but made alive in the Spirit,
- American Standard Version (ASV)
- Because Christ also suffered for sins once, the righteous for the unrighteous, that he might bring us to God; being put to death in the flesh, but made alive in the spirit;
- Bible in Basic English (BBE)
- Because Christ once went through pain for sins, the upright one taking the place of sinners, so that through him we might come back to God; being put to death in the flesh, but given life in the Spirit;
- Darby Translation (DBY)
- for Christ indeed has once suffered for sins, [the] just for [the] unjust, that he might bring us to God; being put to death in flesh, but made alive in [the] Spirit,
- Webster's Bible (WBS)
- For Christ also hath once suffered for sins, the just for the unjust, that he might bring us to God, being put to death in the flesh, but made alive by the Spirit:
- Young's Literal Translation (YLT)
- because also Christ once for sin did suffer — righteous for unrighteous — that he might lead us to God, having been put to death indeed, in the flesh, and having been made alive in the spirit,
Read in context
- 16और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों।
- 17क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
- 18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 19उसी में उस ने जाकर कैदी आत्माओं को भी प्रचार किया।
- 20जिन्हों ने उस बीते समय में आज्ञा न माना जब परमेश्वर नूह के दिनों में धीरज धरकर ठहरा रहा, और वह जहाज बन रहा था, जिस में बैठकर थोड़े लोग अर्थात् आठ प्राणी पानी के द्वारा बच गए।
Cross references
- Hebrews 9:28 इब्रानियों 9:28वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उस की बाट जोहते हैं, उन के उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा।।
- Hebrews 9:26 इब्रानियों 9:26नहीं तो जगत की उत्पत्ति से लेकर उस को बार बार दुख उठाना पड़ता; पर अब युग के अन्त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे।
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- 1 Peter 4:6 1 पतरस 4:6क्योंकि मरे हुओं को भी सुसमाचार इसी लिये सुनाया गया, कि शरीर में तो मनुष्यों के अनुसार उन का न्याय हो, पर आत्मा में वे परमेश्वर के अनुसार जीवित रहें।।
- Titus 2:14 तीतुस 2:14जिस ने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध करके अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो।।
- Romans 5:6–8 रोमियों 5:6–8क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो दुर्लभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
- 1 John 1:9 1 यूहन्ना 1:9यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।
- Colossians 1:21–22 कुलुस्सियों 1:21–22और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे। ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्रा और निष्कलंक, और निर्दोष बनाकर उपस्थित करे।
- Romans 4:25 रोमियों 4:25वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया।।
- Romans 8:3 रोमियों 8:3क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया, अर्थात् अपने ही पुत्रा को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी।
- 1 Peter 4:1 1 पतरस 4:1सो जब कि मसीह ने शरीर में होकर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण करके हथियार बान्ध लो क्योंकि जिस शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया।
- Galatians 3:13 गलातियों 3:13मसीह ने जो हमारे लिये स्त्रापित बना, हमें मोल लेकर व्यवस्था के स्त्राप से छुड़ाया क्योंकि लिखा है, जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह स्त्रापित है।
Original words (Greek)
- For · G3754ὅτι hóti
- Christ · G5547Χριστός Christós
- also · G2532καί kaí
- hath · G3958πάσχω páschō
- once · G530ἅπαξ hápax
- suffered · G3958πάσχω páschō
- for · G4012περί perí
- sins · G266ἁμαρτία hamartía
- just · G1342δίκαιος díkaios
- for · G5228ὑπέρ hypér
- unjust · G94ἄδικος ádikos
- that · G2443ἵνα hína
- bring · G4317προσάγω proságō
- us · G2248ἡμᾶς hēmâs
- God · G2316θεός theós
- death · G2289θανατόω thanatóō
- flesh · G4561σάρξ sárx
- but · G1161δέ dé
- quickened · G2227ζωοποιέω zōopoiéō
- Spirit · G4151πνεῦμα pneûma