Romans · chapter 7 · verse 16
Romans 7:16 in Hindi
और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।
Aur yadi, jo maim naheem chaahataa vahee karataa hoom, to maim maan letaa hoom, ki vyavasthaa bhalee hai.
Romans 7:16 in English
- King James Version (KJV)
- If then I do that which I would not, I consent unto the law that [it is] good.
- World English Bible (WEB)
- But if what I don’t desire, that I do, I consent to the law that it is good.
- American Standard Version (ASV)
- But if what I would not, that I do, I consent unto the law that it is good.
- Bible in Basic English (BBE)
- But, if I do that which I have no mind to do, I am in agreement with the law that the law is good.
- Darby Translation (DBY)
- But if what I do not will, this I practise, I consent to the law that [it is] right.
- Webster's Bible (WBS)
- If then I do that which I would not, I consent to the law that [it is] good.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And if what I do not will, this I do, I consent to the law that [it is] good,
Read in context
- 14क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।
- 15और जो मैं करता हूं, उस को नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।
- 16और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।
- 17तो ऐसी दशा में उसका करनेवाला मैं नहीं, बरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।
- 18क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात् मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।
Cross references
- Romans 7:12 रोमियों 7:12इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है।
- Romans 7:14 रोमियों 7:14क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।
- 1 Timothy 1:8 1 तीमुथियुस 1:8पर हम जानते हैं, कि यदि कोई व्यवस्था को व्यवस्था की रीति पर काम में लाए, तो वह भली है।
- Romans 7:22 रोमियों 7:22क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
- Psalm 119:127–128 भजन संहिता 119:127–128इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूं। इसी कारण मैं तेरे सब उपदेशों को सब विषयों में ठीक जानता हूं; और सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।।