Zechariah · chapter 2 · verse 4
Zechariah 2:4 in Hindi
उस से कहता है, दौड़कर उस जवान से कह, यरूशलेम मनुष्यों और घरैलू पशुओं की बहुतायत के मारे शहरपनाह के बाहर बाहर भी बसेगी।
Us se kahataa hai, daudakar us javaan se kah, yarooshalem manushyom aur gharailoo pashuom kee bahutaayat ke maare shaharapanaah ke baahar baahar bhee basegee.
Zechariah 2:4 in English
- King James Version (KJV)
- And said unto him, Run, speak to this young man, saying, Jerusalem shall be inhabited [as] towns without walls for the multitude of men and cattle therein:
- World English Bible (WEB)
- and said to him, “Run, speak to this young man, saying, ‘Jerusalem will be inhabited as villages without walls, because of the multitude of men and livestock in it.
- American Standard Version (ASV)
- and said unto him, Run, speak to this young man, saying, Jerusalem shall be inhabited as villages without walls, by reason of the multitude of men and cattle therein.
- Bible in Basic English (BBE)
- Said to him, Go quickly and say to this young man, Jerusalem will be an unwalled town, because of the great number of men and cattle in her.
- Darby Translation (DBY)
- and said unto him, Run, speak to this young man, saying, Jerusalem shall be inhabited as towns without walls for the multitude of men and cattle therein;
- Webster's Bible (WBS)
- And said to him, Run, speak to this young man, saying, Jerusalem shall be inhabited [as] towns without walls for the multitude of men and cattle in it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he saith unto him, 'Run, speak unto this young man, saying: Unwalled villages inhabit doth Jerusalem, From the abundance of man and beast in her midst.
Read in context
- 2तब मैं ने उस से पूछा, तू कहां जाता है? उस ने मुझ से कहा, यरूशलेम को नापने जाता हूं कि देखूं उसकी चौड़ाई कितनी, और लम्बाई कितनी है।
- 3तब मैं ने क्या देखा, कि जो दूत मुझ से बातें करता था वह चला गया, और दूसरा दूत उस से मिलने के लिये आकर,
- 4उस से कहता है, दौड़कर उस जवान से कह, यरूशलेम मनुष्यों और घरैलू पशुओं की बहुतायत के मारे शहरपनाह के बाहर बाहर भी बसेगी।
- 5और याहोवा की यह वाणी है, कि मैं आप उसके चारों ओर आग की से शहरपनाह ठहरूंगा, और उसके बीच में तेजोमय होकर दिखाई दूंगा।।
- 6यहोवा की यह वाणी है, देखो, सुनो उत्तर के देश में से भाग जाओ, क्योंकि मैं ने तुम को आकाश की चारों वायुओं के समान तितर बितर किया है।
Cross references
- Zechariah 1:17 जकर्याह 1:17फिर यह भी पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मेरे नगर फिर उत्तम वस्तुओं से भर जाएंगे, और यहोवा फिर सिरयोन को शान्ति देगा; और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा।।
- Jeremiah 33:22 यिर्मयाह 33:22जैसा आकाश की सेना की गिनती और समुद्र की बालू के किनकों का परिमाण नहीं हो सकता है उसी प्रकार मैं अपने दास दाऊद के वंश और अपने सेवक लेवियों को बढ़ा कर अनगिनित कर दूंगा।
- Ezekiel 38:11 यहेजकेल 38:11और तू कहेगा कि मैं बिन शहरपनाह के गांवों के देश पर चढ़ाई करूंगा; मैं उन लोगों के पास जाऊंगा जो चैन से निडर रहते हैं; जो सब के सब बिना शहरपनाह ओर बिना बेड़ों और पल्लों के बसे हुए हैं;
- Micah 7:11 मीका 7:11तेरे बाड़ों के बान्धने के दिन उसकी सीमा बढ़ाई जाएगी।
- Zechariah 8:4–5 जकर्याह 8:4–5सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यरूशलेम के चौकों में फिर बूढ़े और बूढ़ियां बहुत आयु की होने के कारण, अपने अपने हाथ में लाठी लिए हुए बैठा करेंगी। और नगर में चौक खेलनेवाले लड़कों और लड़कियों से भरे रहेंगे।
- Ezekiel 36:10–11 यहेजकेल 36:10–11और मैं तुम पर बहुत मनुष्य अर्थात् इस्राएल के सारे घराने को बसाऊंगा; और नगर फिर बसाए और खण्डहर फिर बनाएं जाएंगे। और मैं तुम पर मनुष्य और पशु दोनों को बहुत बढ़ाऊंगा; और वे बढ़ेंगे और फूलें- फलेंगे; और मैं तुम को प्राचीनकाल की नाई बसाऊंगा, और पहिले से अधिक तुम्हारी भलाई करूंगा। तब तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Isaiah 49:20 यशायाह 49:20तेरे पुत्रा जो तुझ से ले लिए गए वे फिर तेरे कान में कहने पाएंगे कि यह स्थान हमारे लिये सकेत है, हमें और स्थान दे कि उस में रहें।
- Zechariah 14:10–11 जकर्याह 14:10–11गेबा से लेकर यरूशलेम की दक्खिन ओर के रिम्मोन तक सब भूमि अराबा के समान हो जाएगी। परन्तु वह ऊंची होकर बिन्यामीन के फाटक से लेकर पहिले फाटक के स्थान तक, और कोनेवाले फाटक तक, और हननेल के गुम्मट से लेकर राजा के दाखरसकुण्ड़ों तक अपने स्थान में बसेगी। और लोग उस में बसेंगे क्योंकि फिर सत्यानाश का शाप न होगा; और यरूशलेम बेखटके बसी रहेगी।
- Jeremiah 31:27 यिर्मयाह 31:27देख, यहोवा की यह वाणी है, कि ऐसे दिन आने वाले हैं जिन में मैं इस्राएल और यहूदा के घरानों के लड़के-बाले और पशु दोनों को बहुत बढ़ाऊंगा।
- Isaiah 44:26 यशायाह 44:26और अपने दास के वचन को पूरा करता और अपने दूतों की युक्ति को सुफल करता हूं; जो यरूशलेम के विषय कहता है, वह फिर बसाई जाएगी और यहूदा के नगरों के विषय, वे फिर बनाए जाएंगे और मैं उनके खण्डहरों को सुधारूंगा;
- Zechariah 12:6 जकर्याह 12:6उस समय मैं यहूदा के अधिपतियों को ऐसा कर दूंगा, जैसी लकड़ी के ढेर में आग भरी अंगेठी वा पूले में जलती हुई मशाल होती है, अर्थात् वे दहिने बांए चारों ओर के सब लोगों को भस्म कर डालेंगे; और यरूशलेम जहां अब बसी है, वहीं बसी रहेगी, यरूशलेम में।।
- Jeremiah 30:18–19 यिर्मयाह 30:18–19यहोवा कहता हैे मैं याकूब के तम्बू को बंधुआई से लौटाता हूँ और उसके घरों पर दया करूंगा; ओर नगर अपने ही खण्डहर पर फिर बसेगा, और राजभवन पहिले के अनुसार फिर बन जाएगा। तब उन में से धन्य कहने, और आनन्द करने का शब्द सुनाई पड़ेगा।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Run · H7323רוּץ rûwts
- speak · H1696דָבַר dâbar
- this · H1975הַלָּז hallâz
- man · H5288נַעַר naʻar
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- inhabited · H3427יָשַׁב yâshab
- walls · H6519פְּרָזָה pᵉrâzâh
- multitude · H7230רֹב rôb
- men · H120אָדָם ʼâdâm
- cattle · H929בְּהֵמָה bᵉhêmâh
- therein · H8432תָּוֶךְ tâvek