Zechariah · chapter 8 · verse 4
Zechariah 8:4 in Hindi
सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यरूशलेम के चौकों में फिर बूढ़े और बूढ़ियां बहुत आयु की होने के कारण, अपने अपने हाथ में लाठी लिए हुए बैठा करेंगी।
Senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai, yarooshalem ke chaukom mem phir boodhe aur boodhiyaam bahut aayu kee hone ke kaaran, apane apane haath mem laathee lie hue baithaa karengee.
Zechariah 8:4 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD of hosts; There shall yet old men and old women dwell in the streets of Jerusalem, and every man with his staff in his hand for very age.
- World English Bible (WEB)
- The LORD of Armies says: “Old men and old women will again dwell in the streets of Jerusalem, every man with his staff in his hand because of their old age.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah of hosts: There shall yet old men and old women dwell in the streets of Jerusalem, every man with his staff in his hand for very age.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what the Lord of armies has said: There will again be old men and old women seated in the open spaces of Jerusalem, every man with his stick in his hand because he is so old.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah of hosts: There shall yet old men and old women sit in the streets of Jerusalem, each one with his staff in his hand for multitude of days.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD of hosts; There shall yet old men and old women dwell in the streets of Jerusalem, and every man with his staff in his hand for very age.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thus said Jehovah of Hosts: Again dwell do old men and old women, In broad places of Jerusalem, And each his staff in his hand, Because of abundance of days.
Read in context
- 2सेनाओं का यहोवा यों कहता है: सिरयोन के लिये मुझे बड़ी जलन हुई वरन बहुत ही जलजलाहट मुझ में उत्पन्न हुई है।
- 3यहोवा यों कहता है, मैं सिरयोन में लौट आया हूं, और यरूशेलम के बीच में वास किए रहूंगा, और यरूशलेम की सच्चाई का नगर कहलाएगा, और सेनाओं के यहोवा का पर्वत, पवित्रा पर्वत कहलाएगा।
- 4सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यरूशलेम के चौकों में फिर बूढ़े और बूढ़ियां बहुत आयु की होने के कारण, अपने अपने हाथ में लाठी लिए हुए बैठा करेंगी।
- 5और नगर में चौक खेलनेवाले लड़कों और लड़कियों से भरे रहेंगे।
- 6सेनाओं का याहोवा यों कहता है, चाहे उन दिनों में यह बात इन बचे हुओं की दृष्टि में अनोखी ठहरे, परन्तु क्या मेरी दृष्टि में भी यह अनोखी ठहरेगी, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है?
Cross references
- Isaiah 65:20–22 यशायाह 65:20–22उस में फिर न तो थोड़े दिन का बच्चा, और न ऐसा बूढ़ा जाता रहेगा जिस ने अपनी आयु पूरी न की हो; क्योंकि जो लड़कपन में मरनेवाला है वह सौ वर्ष का होकर मरेगा, परन्तु पापी सौ वर्ष का होकर श्रापित ठहरेगा। वे घर बनाकर उन में बसेंगे; वे दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि वे बनाएं और दूसरा बसे; वा वे लगाएं, और दूसरा खाए; क्योंकि मेरी प्रजा की आयु वृक्षों की सी होगी, और मेरे चुने हुए अपने कामों का पूरा लाभ उठाएंगे।
- Job 42:17 अय्यूब 42:17निदान अरयूब वृद्धावस्था में दीर्घायु होकर मर गया।
- 1 Samuel 2:31 1 शमूएल 2:31सुन, वे दिन आते हैं, कि मैं तेरा भुजबल और तेरे मूलपुरूष के घराने का भुजबल ऐसा तोड़ डालूंगा, कि तेरे घराने में कोई बूढ़ा होने न पाएगा।
- Hebrews 12:22 इब्रानियों 12:22पर तुम सिरयोन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्वर्गीय यरूशलेम के पास।
- Lamentations 5:11–15 विलापगीत 5:11–15सिरयोन में स्त्रियां, और यहूदा के नगरों में कुमारियां भ्रष्ट की गई हैं। हाकिम हाथ के बल टांगे गए हैं; और पुरनियों का कुछ भी आदर नहीं किया गया। जवानों को चक्की चलानी पड़ती है; और लड़केबाले लकड़ी का बोझ उठाते हुए लडखड़ाते हैं। अब फाटक पर पुरनिये नहीं बैठते, न जवानों का गीत सुनाई पड़ता है। हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है।
- Job 5:26 अय्यूब 5:26जैसे पूलियों का ढेर समय पर खलिहान में रखा जाता है, वैसे ही तू पूरी अवस्था का होकर क़ब्र को पहुंचेगा।
- Lamentations 2:20–22 विलापगीत 2:20–22हे यहोवा दृष्टि कर, और ध्यान से देख कि तू ने यह सब दु:ख किस को दिया है? क्या स्त्रियां अपना फल अर्थात् अपनी गोद के बच्चों को खा डालें? हे प्रभु, क्या याजक और भविष्यद्वक्ता तेरे पवित्रास्थान में घात किए जएं? सड़कों में लड़के और बूढ़े दोनों भूमि पर पड़े हैं; मेरी कुमारियां और जवान लोग तलवार से गिर गए हैं; तू ने कोप करने के दिन उन्हें घात किया; तू ने निठुरता के साथ उनका वध किया है। तू ने मेरे भय के कारणों के नियत पर्व की भीड़ के समान चारों ओर से बुलाया है; और यहोवा के कोप के दिन न तो कोई भाग निकला और न कोई बच रहा है; जिन को मैं ने गोद में लिया और पाल- पोसकर बढ़ाया था, मेरे शत्रु ने उनका अन्त कर डाला है।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- men · H2205זָקֵן zâqên
- women · H2205זָקֵן zâqên
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- streets · H7339רְחֹב rᵉchôb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- staff · H4938מִשְׁעֵנָה mishʻênâh
- hand · H3027יָד yâd
- very · H7230רֹב rôb
- age · H3117יוֹם yôwm