Zechariah · chapter 9 · verse 1
Zechariah 9:1 in Hindi
हद्राक देश के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन जो दमिश्क पर भी पड़ेगा। क्योंकि यहोवा की दृष्टि मनुष्य जाति की, और इस्राएल के सब गोत्रों की ओर लगी है;
Hadraak desh ke vishay mem yahovaa kaa kahaa huaa bhaaree vachan jo damishk par bhee padegaa. Kyonki yahovaa kee drushti manushy jaati kee, aur israael ke sab gotrom kee or lagee hai;
Zechariah 9:1 in English
- King James Version (KJV)
- The burden of the word of the LORD in the land of Hadrach, and Damascus [shall be] the rest thereof: when the eyes of man, as of all the tribes of Israel, [shall be] toward the LORD.
- World English Bible (WEB)
- A revelation. The LORD’s word is against the land of Hadrach, and will rest upon Damascus— for the eye of man and of all the tribes of Israel is toward the LORD—
- American Standard Version (ASV)
- The burden of the word of Jehovah upon the land of Hadrach, and Damascus [shall be] its resting-place (for the eye of man and of all the tribes of Israel is toward Jehovah);
- Bible in Basic English (BBE)
- A word of the Lord: The Lord has come to the land of Hadrach, and Damascus is his resting-place: for the towns of Aram are the Lord's,
- Darby Translation (DBY)
- The burden of the word of Jehovah, in the land of Hadrach, and [on] Damascus shall it rest; (for Jehovah hath an eye upon men, and upon all the tribes of Israel;)
- Webster's Bible (WBS)
- The burden of the word of the LORD in the land of Hadrach, and Damascus [shall be] the rest of it: when the eyes of man, as of all the tribes of Israel, [shall be] towards the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The burden of a word of Jehovah against the land of Hadrach, and Demmeseh — his place of rest: (When to Jehovah [is] the eye of man, And of all the tribes of Israel.)
Read in context
- 1हद्राक देश के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन जो दमिश्क पर भी पड़ेगा। क्योंकि यहोवा की दृष्टि मनुष्य जाति की, और इस्राएल के सब गोत्रों की ओर लगी है;
- 2हमात की ओर जो दमिश्क के निकट है, और सोर और सीदोन की ओर, ये तो बहुत ही बुद्धिमान् हैं।
- 3सोर ने अपने लिये एक गढ़ बनाया, और धूलि के किनकों की नाईं चान्दी, और सड़कों की कीच के समान चोखा सोना बटोर रखा है।
Cross references
- Isaiah 9:8–21 यशायाह 9:8–21प्रभु ने याकूब के पास एक संदेश भेजा है, और वह इस्राएल पर प्रगट हुआ है; और सारी प्रजा को, एप्रैमियों और शोमरोनवासियों को मालूम हो जाएगा जो गर्व और कठोरता से बोलते हैं: ईंटें तो गिर गई हैं, परन्तु हम गढ़ें हुए पत्थरों से घर बनाएंगे; गूलर के वृक्ष तो कट गए हैं परन्तु हम उनकी सन्ती देवदारों से काम लेंगे। इस कारण यहोवा उन पर रसीन के बैरियों को प्रबल करेगा, और उनके शत्रुओं को अर्थात् पहिले आराम को और तब पलिश्तियों को उभारेगा, और वे मुंह खोलकर इस्राएलियों को निगल लेंगे। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।। तौभी ये लोग अपने मारनेवाले की ओर नहीं फिरे और न सेनाओं के यहोवा की खोज करते हैं। इस कारण यहोवा इस्राएल में से सिर और पूंछ को, खजूर की डालियों और सरकंडे को, एक ही दिन में काट डालेगा। पुरनिया और प्रतिष्ठित पुरूष तो सिर हैं, और झूठी बातें सिखानेवाला नबी पूंछ है; क्योंकि जो इन लोगों की अगुवाई करते हैं वे इनको भटका देते हैं, और जिनकी अगुवाई होती है वे नाश हो जाते हैं। इस कारण प्रभु न तो इनके जवानों से प्रसन्न होगा, और न इनके अनाथ बालकों और विधवाओं पर दया करेगा; क्योंकि हर एक के मुख से मूर्खता की बातें निकलती हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।। क्योंकि दुष्टता आग की नाई धधकती है, वह ऊंटकटारों और कांटों को भस्म करती है, वरन वह घने वन की झाड़ियों में आग लगाती है और वह धुंआ में चकरा चकराकर ऊपर की ओर उठती है। सेनाओं के यहोवा के रोष के मारे यह देश जलाया गया है, और ये लोग आग की ईंधन के समान हैं; वे आपस में एक दूसरे से दया का व्यवहार नहीं करते। वे दहिनी ओर से भोजनवस्तु छीनकर भी भूखे रहते, और बायें ओर से खाकर भी तृप्त नहीं होते; उन में से प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी बांहों का मांस खाता है, मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Amos 1:3–5 आमोस 1:3–5यहोवा यों कहता है, दमिश्क के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उन्हों ने गिलाद को लोहे के दांवनेवाले यन्त्रों से रौंद डाला है। इसलिये मैं हजाएल के राजभवन में आग जलाऊंगा, और उस से बेन्हदद के राजभवन भी भस्म हो जाएंगे। मैं दमिश्क के बेण्डों को तोड़ डालूंगा, और आवेन नाम तराई के रहनेवालों को और एदेन के घर में रहनेवाले राजदण्डधारी को नाश करूंगा; और अराम के लोग बंधुए होकर कीर को जाएंगे, यहोवा का यही वचन है।।
- Psalm 25:15 भजन संहिता 25:15मेरी आंखे सदैव यहोवा पर टकटकी लगाए रहती हैं, क्योंकि वही मेरे पांवों को जाल में से छुड़ाएगा।।
- Jeremiah 49:23–27 यिर्मयाह 49:23–27दमिश्क के विषय, हमात और अर्पद की आश टूटी है, क्योंकि उन्हों ने बुरा समाचार सुना है, वे गल गए हैं; समुद्र पर चिन्ता है, वह शान्त नहीं हो सकता। दमिश्क बलहीन होकर भागने को फिरती है, परन्तु कंपकंपी ने उसे पकड़ा है, जच्चा की सी पीडें उसे उठी हैं। हाय, वह नगर, वह प्रशंसा योग्य पुरी, जो मेरे हर्ष का कारण है, वह छोड़ा जाएगा! सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, कि उसके जवान चौकों में गिराए जाएंगे, और सब योद्वाओं का बोलना बन्द हो जाएगा। और मैं दमिश्क की शहरपनाह में आग लगाऊंगा जिस से बेन्हदद के राजभवन भस्म हो जाएंगे।
- Jeremiah 16:19 यिर्मयाह 16:19हे यहोवा, हे मेरे बल और दृढ़ गढ़, संकट के समय मेरे शरणस्थान, जातिजाति के लोग पृथ्वी की चहुंओर से तेरे पास आकर कहेंगे, निश्चय हमारे पुरखा झूठी, व्यर्थ और निष्फल वस्तुओं को अपनाते आए हैं।
- Malachi 1:1 मलाकी 1:1मलाकी के द्वारा इस्राएल के विषय में कहा हुआ यहोवा का भारी वचन।।
- Isaiah 17:7–8 यशायाह 17:7–8उस समय मनुष्य अपने कर्ता की ओर दृष्टि करेगा, और उसकी आंखें इस्राएल के पवित्रा की ओर लगी रहेंगी; वह अपनी बनाई हुई वेदियों की ओर दृष्टि न करेगा, और न अपनी बनाई हुई अशेरा नाम मूरतों वा सूर्य की प्रतिमाओं की ओर देखेगा।
- Psalm 145:15 भजन संहिता 145:15सभों की आंखें तेरी ओर लगी रहती हैं, और तू उनको आहार समय पर देता है।
- Isaiah 52:10 यशायाह 52:10यहोवा ने सारी जातियों के साम्हने अपनी पवित्रा भुजा प्रगट की है; और पृथ्वी के दूर दूर देशों के सब लोग हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार निश्चय देख लेंगे।।
- Genesis 14:15 उत्पत्ति 14:15और अपने दासों के अलग अलग दल बान्धकर रात को उन पर चढ़ाई करके उनको मार लिया और होबा तक, जो दमिश्क की उत्तर ओर है, उनका पीछा किया।
- Zechariah 5:4 जकर्याह 5:4सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, मैं उसको ऐसा चलाऊंगा कि वह चोर के घर में और मेरे नाम की झूठी शपथ खानेवाले के घर में घुसकर ठहरेगा, और उसको लकड़ी और पत्थरों समेत नाश कर देगा।।
- Jeremiah 23:33–38 यिर्मयाह 23:33–38यदि साधारण लोगों में से कोई जन वा कोई भविष्यद्वक्ता वा याजक तुम से पूछे कि यहोवा ने क्या प्रभवशाली वचन कहा है, तो उस से कहना, क्या प्रभवशाली वचन? यहोवा की यह वाणी है, मैं तुम को त्याग दूंगा। और जो भविष्यद्वक्ता वा याजक वा साधारण मनुष्य "यहोवा का कहा हुआ भारी वचन" ऐसा कहता रहे, उसको घराने समेत मैं दण्ड दूंगा। तुम लोग एक दूसरे से और अपने अपने भाई से यों पुछना, यहोवा ने क्या उत्तर दिया? वा, यहोवा ने क्या कहा है? "यहोवा का कहा हुआ भारी वचन", इस प्रकार तुम भविष्य में न कहना नहीं तो तुम्हारा ऐसा कहना ही दण्ड का कारण हो जाएगा; क्योंकि हमारा परमेश्वर सेनाओं का यहोवा जो जीवित परमेश्वर है, तुम लोगों ने उसके वचन बिगाड़ दिए हैं। तू भविष्यद्वक्ता से यां पूछ कि यहोवा ने तुझे क्या उत्तर दिया? वा, यहोवा ने क्या कहा है? यदि तुम "यहोवा का कहा हुआ प्रभावशाली वचन"े इसी प्रकार कहोगे, तो यहोवा का यह वचन सुनो, मैं ने तो तुम्हारे पास कहला भेजा है, भविष्य में ऐसा न कहना कि "यहोवा का कहा हुआ प्रभावशाली वचन।" परन्तु तुम यह कहते ही रहते हो, कि "यहोवा का कहा हुआ प्रभावशाली वचन।"