1 Chronicles · chapter 13 · verse 12
1 Chronicles 13:12 in Hindi
और उस दिन दाऊद परमेश्वर से डरकर कहने लगा, मैं परमेश्वर के सन्दूक को अपने यहां कैसे ले आऊं?
Aur us din daaood parameshvar se darakar kahane lagaa, maim parameshvar ke sandook ko apane yahaam kaise le aaoom?
1 Chronicles 13:12 in English
- King James Version (KJV)
- And David was afraid of God that day, saying, How shall I bring the ark of God [home] to me?
- World English Bible (WEB)
- David was afraid of God that day, saying, “How can I bring God’s ark home to me?”
- American Standard Version (ASV)
- And David was afraid of God that day, saying, How shall I bring the ark of God home to me?
- Bible in Basic English (BBE)
- And so great was David's fear of God that day, that he said, How may I let the ark of God come to me?
- Darby Translation (DBY)
- And David was afraid of God that day, saying, How shall I bring the ark of God to me?
- Webster's Bible (WBS)
- And David was afraid of God that day, saying, How shall I bring the ark of God [home] to me?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David feareth God on that day, saying, 'How do I bring in unto me the ark of God?'
Read in context
- 10तब यहोवा का कोप उज्जा पर भड़क उठा; और उस ने उस को मारा क्योंकि उस ने सन्दूक पर हाथ लगाया था; वह वहीं परमेश्वर के साम्हने मर गया।
- 11तब दाऊद अप्रसन्न हुआ, इसलिये कि यहोवा उज्जा पर टूट पड़ा था; और उस ने उस स्थान का नाम पेरेसुज्जा रखा, यह नाम आज तक बना है।
- 12और उस दिन दाऊद परमेश्वर से डरकर कहने लगा, मैं परमेश्वर के सन्दूक को अपने यहां कैसे ले आऊं?
- 13तब दाऊद ने सन्दूक को अपने यहां दाऊदपुर में न लाया, परन्तु ओबेदेदोम नाम गती के यहां ले गया।
- 14और परमेश्वर का सन्दूक ओबेदेदोम के यहां उसके घराने के पास तीन महीने तक रहा, और यहोवा ने ओबेदेदोम के घराने पर और जो कुछ उसका था उस पर भी आशीष दी।
Cross references
- Psalm 119:120 भजन संहिता 119:120तेरे भय से मेरा शरीर कांप उठता है, और मैं तेरे नियमों से डरता हूं।।
- 1 Samuel 6:20 1 शमूएल 6:20तब बेतशेमेश के लोग कहने लगे, इस पवित्रा परमेश्वर यहोवा के साम्हने कौन खड़ा रह सकता है? और वह हमारे पास से किस के पास चला जाए?
- Numbers 17:12–13 गिनती 17:12–13तब इस्त्राएली मूसा से कहने लगे, देख, हमारे प्राण निकला चाहते हैं, हम नष्ट हुए, हम सब के सब नष्ट हुए जाते हैं। जो कोई यहोवा के निवास के समीप जाता है वह मारा जाता है। तो क्या हम सब के सब मर ही जाएंगे॥
- 1 Kings 8:27 1 राजा 8:27क्या परमेश्वर सचमुच पृथ्वी पर वास करेगा, स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में क्योंकर समाएगा।
- 1 Samuel 5:10–11 1 शमूएल 5:10–11तब उन्हों ने परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन को भेजा और ज्योंही परमेश्वर का सन्दूक एक्रोन में पहुंचा त्योंही एक्रोनी यह कहकर चिल्लाने लगे, कि इस्राएल के देवता का सन्दूक घुमाकर हमारे पास इसलिये पहुंचाया गया है, कि हम और हमारे लोगों को मरवा डाले। तब उन्हों ने पलिश्तियों के सब सरदारों को इकट्ठा किया, और उन से कहा, इस्राएल के देवता के सन्दूक को निकाल दो, कि वह अपेन स्थान पर लौट जाए, और हम को और हमारे लोगों को मार डालने न पाए। उस समस्त नगर में तो मृत्यु के भय की हलचल मच रही थी, और परमेश्वर का हाथ वहां बहुत भारी पड़ा था।
- Job 25:5–6 अय्यूब 25:5–6देख, उसकी दृष्टि में चन्द्रमा भी अन्धेरा ठहरता, और तारे भी निर्मल नहीं ठहरते। फिर मनुष्य की क्या गिनती जो कीड़ा है, और आदमी कहां रहा जो केंचुआ है!
- Luke 5:8–9 लूका 5:8–9यह देखकर शमौन पतरस यीशु के पांवों पर गिरा, और कहा; हे प्रभु, मेरे पास से जा, क्योंकि मैं पापी मनुष्य हूं। क्योंकि इतनी मछलियों के पकड़े जाने से उसे और उसके साथियों को बहुत अचम्भा हुआ।
- Isaiah 6:5 यशायाह 6:5तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नाश हूआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठवाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठवाले मनुष्यों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा महाराजाधिराज को अपनी आंखों से देखा है!
- Matthew 25:24 मत्ती 25:24तब जिस को एक तोड़ा मिला था, उस ने आकर कहा; हे स्वामी, मैं तुझे जानता था, कि तू कठोर मनुष्य है, और जहां नहीं छीटता वहां से बटोरता है।