1 Chronicles · chapter 16 · verse 41
1 Chronicles 16:41 in Hindi
और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करें।
Aur unake sang us ne hemaan aur yadootoon aur doosarom ko bhee jo naam lekar chune gae the thaharaa diyaa, ki yahovaa kee sadaa kee karoonaa ke kaaran usakaa dhanyavaad karen.
1 Chronicles 16:41 in English
- King James Version (KJV)
- And with them Heman and Jeduthun, and the rest that were chosen, who were expressed by name, to give thanks to the LORD, because his mercy [endureth] for ever;
- World English Bible (WEB)
- and with them Heman and Jeduthun and the rest who were chosen, who were mentioned by name, to give thanks to the LORD, because his loving kindness endures forever;
- American Standard Version (ASV)
- and with them Heman and Jeduthun, and the rest that were chosen, who were mentioned by name, to give thanks to Jehovah, because his lovingkindness [endureth] for ever;
- Bible in Basic English (BBE)
- And with them Heman and Jeduthun, and the rest who were marked out by name to give praise to the Lord, for his mercy is unchanging for ever;
- Darby Translation (DBY)
- and with them Heman and Jeduthun, and the rest that were chosen, who were expressed by name, to give thanks to Jehovah, because his loving-kindness [endureth] for ever;
- Webster's Bible (WBS)
- And with them Heman and Jeduthun, and the rest that were chosen, who were expressed by name, to give thanks to the LORD, because his mercy [endureth] for ever;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And with them [are] Heman and Jeduthun, and the rest of those chosen, who were defined by name, to give thanks to Jehovah, for to the age [is] His kindness,
Read in context
- 39फिर उस ने सादोक याजक और उसके भाई याजकों को यहोवा के निवास के साम्हने, जो गिबोन के ऊंचे स्थान में था, ठहरा दिया,
- 40कि वे नित्य सवेरे और सांझ को होमबलि की वेदी पर यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और उन सब के अनुसार किया करें, जो यहोवा की रयवस्था में लिखा है, जिसे उस ने इस्राएल को दिया था।
- 41और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करें।
- 42और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून को बजानेवालों के लिये तुरहियां और झांझें और परमेश्वर के गीत गाने के लिये बाजे दिए, और यदूतून के बेटों को फाटक की रखवाली करने को ठहरा दिया।
- 43निदान प्रजा के सब लोग अपने अपने घर चले गए, और दाऊद अपने घराने को आशीर्वाद देने लौट गया।
Cross references
- 2 Chronicles 5:13 2 इतिहास 5:13तो जब तुरहियां बजानेवाले और गानेवाले एक स्वर से यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, और तुरहियां, झांझ आदि बाजे बजाते हुए यहोवा की यह स्तुति ऊंचे शब्द से करने लगे, कि वह भला है और उसकी करूणा सदा की है, तब यहोवा के भवन मे बादल छा गया,
- 1 Chronicles 25:1–6 1 इतिहास 25:1–6फिर दाऊद और सेनापतियोंने आसाप, हेमान और यदूतून के कितने पुत्रोंको सेवकाई के लिथे अलग किया कि वे वीणा, सारंगी और फांफ बजा बजाकर नबूवत करें। और इस सेवकाई के काम करनेवाले मनुष्योंकी गिनती यह यी: अर्यात् आसाप के पुत्रोंमें से तो जक्कूर, योसेप, नतन्याह और अशरेला, आसाप के थे पुत्र आसाप ही की आज्ञा में थे, जो राजा की आज्ञा के अनुसार नबूवत करता या। फिर यदूतून के पुत्रोंमें से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, थे ही छ: अपके पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता या, वीणा बजाते थे। और हेमान के पुत्रोंमें से, मुक्किय्याह, मत्तन्याह, लज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीआता, गिद्दलती, रोममतीएजेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत। परमेश्वर की प्रतिज्ञानुकूल जो उसका नाम बढ़ाने की यी, थे सब हेमान के पुत्र थे जो राजा का दशीं या; क्योंकि परमेश्वर ने हेमान को चौदह बेटे और तीन बेटियां दीं यीं। थे सब यहोवा के भवन में गाने के लिथे अपके अपके पिता के अधीन रहकर, परमेश्वर के भवन, की सेवकाई में फांफ, सारंगी और वीणा बजाते थे। और आसाप, यदूतून और हेमान राजा के अधीन रहते थे।
- 1 Chronicles 16:34 1 इतिहास 16:34यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; उसकी करूणा सदा की है।
- 1 Chronicles 6:33 1 इतिहास 6:33जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात् कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्रा था, और योएल शमुएल का।
- 2 Chronicles 7:3 2 इतिहास 7:3और जब आग गिरी और यहोवा का तेज भवन पर छा गया, तब सब इस्राएली देखते रहे, और फर्श पर झुककर अपना अपना मुंह भूमि की ओर किए हुए दणडवत किया, और यों कहकर यहोवा का धन्यवाद किया कि, वह भला है, उसकी करूणा सदा की है।
- Ezra 3:11 एज्रा 3:11सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करूणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नेब अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जय जयकार किया।
- Numbers 1:17 गिनती 1:17और जिन पुरूषों के नाम ऊपर लिखे हैं उनको साथ लेकर,
- 2 Chronicles 20:21 2 इतिहास 20:21तब उस ने प्रजा के साथ सम्मति करके कितनों को ठहराया, जो कि पवित्राता से शोभायमान होकर हथियारबन्दों के आगे आगे चलते हुए यहोवा के गीत गाएं, और यह कहते हुए उसकी स्तुति करें, कि यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 103:17 भजन संहिता 103:17परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
- Ezra 8:20 एज्रा 8:20और नतीन लोगों में से जिन्हें दाऊद और हाकिमों ने लेवियों की सेवा करने को ठहराया था दो सौ बीस नतिनों को ले आए। इन सभों के नाम लिखे हुए थे।
- Jeremiah 33:11 यिर्मयाह 33:11इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है।
- 1 Chronicles 16:37 1 इतिहास 16:37तब उस ने वहां अर्थात् यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने आसाप और उसके भाइयों को छोड़ दिया, कि प्रतिदिन के प्रयोजन के अनुसार वे सन्दूक के साम्हने नित्य सेवा टहल किया करें!