1 Chronicles · chapter 29 · verse 14
1 Chronicles 29:14 in Hindi
मैं क्या हूँ? और मेरी प्रजा क्या है? कि हम को इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हम ने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।
Maim kyaa hoon? Aur meree prajaa kyaa hai? Ki ham ko is reeti se apanee ichchhaa se tujhe bhent dene kee shakti mile? Tujhee se to sab kuchh milataa hai, aur ham ne tere haath se paakar tujhe diyaa hai.
1 Chronicles 29:14 in English
- King James Version (KJV)
- But who [am] I, and what [is] my people, that we should be able to offer so willingly after this sort? for all things [come] of thee, and of thine own have we given thee.
- World English Bible (WEB)
- But who am I, and what is my people, that we should be able to offer so willingly as this? For all things come from you, and we have given you of your own.
- American Standard Version (ASV)
- But who am I, and what is my people, that we should be able to offer so willingly after this sort? for all things come of thee, and of thine own have we given thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- But who am I and what is my people, that we have power to give so freely in this way? for all things come from you, and what we have given you is yours.
- Darby Translation (DBY)
- But who am I, and what is my people, that we should be able to offer willingly after this manner? for all is of thee, and of that which is from thy hand have we given thee.
- Webster's Bible (WBS)
- But who [am] I, and what [is] my people, that we should be able to offer so willingly after this sort? for all things [come] from thee, and of thy own have we given thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- yea, because, who [am] I, and who [are] my people, that we retain power to offer thus willingly? but of Thee [is] the whole, and out of Thy hand we have given to Thee;
Read in context
- 12धन और महिमा तेरी ओर से मिलती हैं, और तू सभों के ऊपर प्रभुता करता है। सामर्थ्य और पराक्रम तेरे ही हाथ में हैं, और सब लोगों को बढ़ाना और बल देना तेरे हाथ में है।
- 13इसलिये अब हे हमारे परमेश्वर! हम तेरा ध्न्यवाद और तेरे महिमायुक्त नाम की स्तुति करते हैं।
- 14मैं क्या हूँ? और मेरी प्रजा क्या है? कि हम को इस रीति से अपनी इच्छा से तुझे भेंट देने की शक्ति मिले? तुझी से तो सब कुछ मिलता है, और हम ने तेरे हाथ से पाकर तुझे दिया है।
- 15तेरी दृष्टि में हम तो अपने सब पुरखाओं की नाईं पराए और परदेशी हैं; पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाईं बीते जाते हैं, और हमारा कुछ ठिकाना नहीं।
- 16हे हमारे परमेश्वर यहोवा! वह जो बड़ा संचय हम ने तेरे पवित्र नाम का एक भवन बनाने के लिये किया है, वह तेरे ही हाथ से हमे मिला था, और सब तेरा ही है।
Cross references
- James 1:17 याकूब 1:17क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।
- 2 Corinthians 3:5 2 कुरिन्थियों 3:5यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
- Romans 11:36 रोमियों 11:36क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।।
- 2 Corinthians 12:9–11 2 कुरिन्थियों 12:9–11और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।। मैं मूर्ख तो बना, परन्तु तुम ही ने मुझ से यह बरबस करवाया: तुम्हें तो मेरी प्रशंसा करनी चाहिए थी, क्योंकि यद्यपि मैं कुछ भी नहीं, तौभी उन बड़े से बड़े प्ररितों से किसी बात में कम नहीं हूं।
- Psalm 50:10–12 भजन संहिता 50:10–12क्योंकि वन के सारे जीवजन्तु और हजारों पहाड़ों के जानवर मेरे ही हैं। पहाड़ों के सब पक्षियों को मैं जानता हूं, और मैदान पर चलने फिरनेवाले जानवार मेरे ही हैं।। यदि मैं भूखा होता तो तुझ से न कहता; क्योंकि जगत् और जो कुछ उस में है वह मेरा है।
- Psalm 115:1 भजन संहिता 115:1हे यहोवा, हमारी नहीं, हमारी नहीं, वरन अपने ही नाम की महिमा, अपनी करूणा और सच्चाई के निमित्त कर।
- Philippians 2:13 फिलिप्पियों 2:13क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
- Genesis 32:10 उत्पत्ति 32:10भेड़- बकरियों के गाभिन होने के समय मैं ने स्वप्न में क्या देखा, कि जो बकरे बकरियों पर चढ़ रहे हैं, सो धारीवाले, चित्तीवाले, और धब्बेवाले है।
- 1 Chronicles 29:9 1 इतिहास 29:9तब प्रजा के लोग आनन्दित हुए, क्योंकि हाकिमों ने प्रसन्न हो कर खरे मन और अपनी अपनी इच्छा से यहोवा के लिये भेंट दी थी; और दाऊद राजा बहुत ही आनन्दित हुआ।
- 1 Corinthians 15:9–10 1 कुरिन्थियों 15:9–10क्योंकि मैं प्ररितों में सब से छोटा हूं, बरन प्ररित कहलाने के योग्य भी नहीं, क्योंकि मैं ने परमेश्वर की कलीसिया को सताया था। परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआद्ध परनतु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
- Genesis 28:22 उत्पत्ति 28:22और यह पत्थर, जिसका मैं ने खम्भा खड़ा किया है, परमेश्वर का भवन ठहरेगा: और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्य ही तुझे दिया करूंगा।।
- 2 Samuel 7:18 2 शमूएल 7:18तब दाऊद राजा भीतर जाकर यहोवा के सम्मुख बैठा, और कहने लगा, हे प्रभु यहोवा, क्या कहूं, और मेरा घराना क्या है, कि तू ने मुझे यहां तक पहुंचा दिया है?