1 Chronicles · chapter 9 · verse 26
1 Chronicles 9:26 in Hindi
क्योंकि चारों प्रधान द्वारपाल जो लेवीय थे, वे विश्वासयोग्य जानकर परमेश्वर के भवन की कोठरियों और भण्डारों के अधिकारी ठहराए गए थे।
Kyonki chaarom pradhaan dvaarapaal jo leveey the, ve vishvaasayogy jaanakar parameshvar ke bhavan kee kothariyom aur bhandaarom ke adhikaaree thaharaae gae the.
1 Chronicles 9:26 in English
- King James Version (KJV)
- For these Levites, the four chief porters, were in [their] set office, and were over the chambers and treasuries of the house of God.
- World English Bible (WEB)
- for the four chief gatekeepers, who were Levites, were in an office of trust, and were over the rooms and over the treasuries in God’s house.
- American Standard Version (ASV)
- for the four chief porters, who were Levites, were in an office of trust, and were over the chambers and over the treasuries in the house of God.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the four chief door-keepers, who were Levites, had a special position, looking after the rooms and the store-houses of the house of God.
- Darby Translation (DBY)
- For in their trust these four were the chief doorkeepers: they were Levites; and they were over the chambers and over the treasuries of the house of God;
- Webster's Bible (WBS)
- For these Levites, the four chief porters, were in [their] set office, and were over the chambers and treasuries of the house of God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For in office [are] the four chiefs of the gatekeepers, they are Levites, and they have been over the chambers, and over the treasuries of the house of God,
Read in context
- 24द्वारपाल पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्खिन, चारों दिशा की ओर चौकी देते थे।
- 25ओर उनके भाई जो गांवों में रहते थे, उनको सात सात दिन के बाद बारी बारी से उनके संग रहने के लिये आना पड़ता था।
- 26क्योंकि चारों प्रधान द्वारपाल जो लेवीय थे, वे विश्वासयोग्य जानकर परमेश्वर के भवन की कोठरियों और भण्डारों के अधिकारी ठहराए गए थे।
- 27और वे परमेश्वर के भवन के आसपास इसलिये रात बिताते थे, कि उसकी रक्षा उन्हें सौंपी गई थी, और भोर- भोर को उसे खोलना उन्हीं का काम था।
- 28और उन में से कुछ उपासना के पात्रों के अधिकारी थे, क्योंकि ये गिनकर भीतर पहुंचाए, और गिनकर बाहर तिकाले भी जाते थे।
Cross references
- 1 Chronicles 26:20–27 1 इतिहास 26:20–27फिर लेवियों में से अहिरयाह परमेश्वर के भवन और पवित्रा की हुई वस्तुओं, दोनों के भण्डारों का अधिकारी नियुक्त हुआ। ये लादान की सन्तान के थे, अर्थात् गेर्शेनियों की सन्तान जो लादान के कुल के थे, अर्थात् लादान और गेर्शेनी के पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष थे, अर्थात् यहोएली। यहोएली के पुत्रा ये थे, अर्थात् जेताम और उसका भाई योएल जो यहोवा के भवन के खजाने के अधिकारी थे। अम्रामियों, यिसहारियों, हेब्रोनियों और उज्जीएलियों में से। और शबूएल जो मूसा के पुत्रा गेर्शेम के वंश का था, वह खजानों का मुख्य अधिकारी था। और उसके भाइयों का वृत्तान्त यह है: एलीआजर के कुल में उसका पुत्रा रहब्याह, रहब्याह का पुत्रा यशायाह, यशायाह का पुत्रा योराम, योराम का पुत्रा जिक्री, और जिक्री का पुत्रा शलोमोत था। यही शलोमोत अपने भाइयों समेत उन सब पवित्रा की हुई पस्तुओं के भण्डारों का अधिकारी था, जो राजा दाऊद और पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूषों और सहस्रपतियों और शतपतियों और मुख्य सेनापतियों ने पवित्रा की थीं। जो लूट लड़ाइयों में मिलती थी, उस में से उन्हों ने यहोवा का भवन दृढ़ करने के लिये कुछ पवित्रा किया।
- Nehemiah 10:38–39 नहेमायाह 10:38–39और जब जब लेवीय दशमांश लें, तब तब उनके संग हारून की सन्तान का कोई याजक रहा करे; और लेवीय दशमांशों का दशमांश हमारे परमेश्वर के भवन की कोठरियों में अर्थात् भणडार में पहुंचाया करेंगे। क्योंकि जिन कोठरियों में पवित्रा स्थान के पात्रा और सेवा टहल करनेवाले याजक और द्वारपाल और गवैये रहते हैं, उन में इस्राएली और लेवीय, अनाज, नये दाखपधु, और टटके तेल की उठाई हुई भेंटे पहुंचाएंगे। निदान हम अपने परमेश्वर के भवन को न छोड़ेंगे।
- 2 Chronicles 31:5–12 2 इतिहास 31:5–12यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भांति की पहिली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे। और जो इस्राएली और यहूदी, यहूदा के नगरों में रहते थे, वे भी बैलों और भेड़- बकरियों का दशमांश, और उन पवित्रा वस्तुओं का दशमांश, जो उनके परमेश्वर यहोवा के निमित्त पवित्रा की गई थीं, लाकर ढेर ढेर करके रखने लगे। इस प्रकार ढेर का लगाना उन्हों ने तीसरे महीने में आरम्भ किया और सातवें महीने में पूरा किया। जब हिजकिरयाह और हाकिमों ने आकर उन ढेरों को देखा, तब यहोवा को और उसकी प्रजा इस्राएल को धन्य धन्य कहा। तब हिजकिरयाह ने याजकों और लेवियों से उन ढेरों के विषय पूछा। और अजर्याह महायाजक ने जो सादोक के घराने का था, उस से कहा, जब से लोग यहोवा के भवन में उठाई हुई भेंटें लाने लगे हैं, तब से हम लोग पेट भर खाने को पाते हैं, वरन बहुत बचा भी करता है; क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को आशीष दी है, और जो शेष रह गया है, उसी का यह बड़ा ढेर है। तब हिजकिरयाह ने यहोवा के भवन में कोठरियां तैयार करने की आज्ञा दी, और वे तैयार की गई। तब लोगों ने उठाई हुई भेंटें, दशमांश और पवित्रा की हुई वस्तुएं, सच्चाई से पहुंचाई और उनके मुख्य अधिकारी तो कोनन्याह नाम एक लेवीय और इसरा उसका भाई शिमी नायब था।
- Nehemiah 13:5 नहेमायाह 13:5उस ने तोबिरयाह के लिये एक बड़ी कोठरी तैयार की थी जिस में पहिले अन्नबलि का सामान और लोबान और पात्रा और अनाज, नये दाखमधु और टटके तेल के दशमांश, जिन्हें लेवियों, गवैयों और द्वारपालों को देने की आज्ञा थी, रखी हुई थी; और याजकों के लिये उठाई हुई भेंट भी रखी जाती थीं।