1 Corinthians · chapter 1 · verse 26
1 Corinthians 1:26 in Hindi
हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए।
He bhaaiyo, apane bulaae jaane ko to socho, ki na shareer ke anusaar bahut jnyaanavaan, aur na bahut saamarthee, aur na bahut kuleen bulaae gae.
1 Corinthians 1:26 in English
- King James Version (KJV)
- For ye see your calling, brethren, how that not many wise men after the flesh, not many mighty, not many noble, [are called]:
- World English Bible (WEB)
- For you see your calling, brothers, that not many are wise according to the flesh, not many mighty, and not many noble;
- American Standard Version (ASV)
- For behold your calling, brethren, that not many wise after the flesh, not many mighty, not many noble, [are called]:
- Bible in Basic English (BBE)
- For you see God's design for you, my brothers, that he has not taken a great number of the wise after the flesh, not the strong, not the noble:
- Darby Translation (DBY)
- For consider your calling, brethren, that [there are] not many wise according to flesh, not many powerful, not many high-born.
- Webster's Bible (WBS)
- For ye see your calling, brethren, that not many wise men after the flesh, not many mighty, not many noble [are called] :
- Young's Literal Translation (YLT)
- for see your calling, brethren, that not many [are] wise according to the flesh, not many mighty, not many noble;
Read in context
- 24परन्तु जो बुलाए हुए हैं क्या यहूदी, क्या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
- 25क्योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।।
- 26हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए।
- 27परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञानवालों को लज्जित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्जित करे।
- 28और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, बरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।
Cross references
- James 2:5 याकूब 2:5हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धर्मी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उस ने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
- 1 Corinthians 3:18–20 1 कुरिन्थियों 3:18–20कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए। क्योंकि इस संसार का ज्ञान परमेश्वर के निकट मूर्खता है, जैसा लिखा है; कि वह ज्ञानियों को उन की चतुराई में फंसा देता है। और फिर प्रभु ज्ञानियों की चिन्ताओं को जानता है, कि व्यर्थ हैं।
- James 1:9–11 याकूब 1:9–11दीन भाई अपने ऊंचे पद पर घमण्ड करे। और धनवान अपनी नीच दशा पर: क्योंकि वह घास के फूल की नाई जाता रहेगा। क्योंकि सूर्य उदय होते ही कड़ी धूप पड़ती है और घास को सुखा देती है, और उसका फूल झड़ जाता है, और उस की शोभा जाती रहती है; उसी प्रकार धनवान भी अपने मार्ग पर चलते चलते धूल में मिल जाएगा।
- 1 Corinthians 2:8 1 कुरिन्थियों 2:8जिसे इस संसार के हाकिमों में से किसी ने नहीं जाना, क्योंकि यदि जानते, तो तेजोमय प्रभु को क्रूस पर न चढ़ाते।
- Matthew 11:25–26 मत्ती 11:25–26उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा दखा, और बालकों पर प्रगट किया है। हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
- Luke 18:24–25 लूका 18:24–25यीशु ने उसे देखकर कहा; धनवानों का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है? परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है।
- 1 Corinthians 1:20 1 कुरिन्थियों 1:20कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
- Luke 10:21 लूका 10:21उसी घड़ी वह पवित्रा आत्मा में होकर आनन्द से भर गया, और कहा; हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया: हां, हे पित, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
- Zephaniah 3:12 सपन्याह 3:12क्योंकि मैं तेरे बीच में दीन और कंगाल लोगों का एक दल बचा रखूंगा, और वे यहोवा के नाम की शरण लेंगे।
- 1 Corinthians 2:13 1 कुरिन्थियों 2:13जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं।
- Luke 1:3 लूका 1:3इसलिये हे श्रीमान थियुफिलुस मुझे भी यह उचित मालूम हुआ कि उन सब बातों का सम्पूर्ण हाल आरम्भ से ठीक ठीक जांच करके उन्हें तेरे लिये क्रमानुसार लिखूं।
- 1 Corinthians 2:3–6 1 कुरिन्थियों 2:3–6और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा। ओर मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभानेवाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ का प्रमाण था। इसलिये कि तुम्हारा विश्वास मनुष्यों के ज्ञान पर नहीं, परन्तु परमेश्वर की सामर्थ पर निर्भर हो।। फिर भी सिद्ध लोगों में हम ज्ञान सुनाते हैं: परन्तु इस संसार का और इस संसार के नाश होनेवाले हाकिमों का ज्ञान नहीं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- see · G991βλέπω blépō
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- calling · G2821κλῆσις klēsis
- brethren · G80ἀδελφός adelphós
- that · G3754ὅτι hóti
- not · G3756οὐ ou
- many · G4183πολύς polýs
- men · G4680σοφός sophós
- after · G2596κατά katá
- flesh · G4561σάρξ sárx
- not · G3756οὐ ou
- many · G4183πολύς polýs
- mighty · G1415δυνατός dynatós
- not · G3756οὐ ou
- many · G4183πολύς polýs
- noble · G2104εὐγενής eugenḗs