1 Corinthians · chapter 2 · verse 13
1 Corinthians 2:13 in Hindi
जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं।
Jin ko ham manushyom ke jnyaan kee sikhaaee huee baatom mem naheem, parantu aatmaa kee sikhaaee huee baatom mem, aatmik baatem aatmik baatom se milaa milaakar sunaate hain.
1 Corinthians 2:13 in English
- King James Version (KJV)
- Which things also we speak, not in the words which man’s wisdom teacheth, but which the Holy Ghost teacheth; comparing spiritual things with spiritual.
- World English Bible (WEB)
- We also speak these things, not in words which man’s wisdom teaches but which the Holy Spirit teaches, comparing spiritual things with spiritual things.
- American Standard Version (ASV)
- Which things also we speak, not in words which man’s wisdom teacheth, but which the Spirit teacheth; combining spiritual things with spiritual [words].
- Bible in Basic English (BBE)
- And these are the things which we say, not in the language of man's wisdom, but in words given to us by the Spirit, judging the things of the spirit by the help of the Spirit.
- Darby Translation (DBY)
- which also we speak, not in words taught by human wisdom, but in those taught by the Spirit, communicating spiritual [things] by spiritual [means].
- Webster's Bible (WBS)
- Which things also we speak, not in the words which man's wisdom teacheth, but which the Holy Spirit teacheth; comparing spiritual things with spiritual.
- Young's Literal Translation (YLT)
- which things also we speak, not in words taught by human wisdom, but in those taught by the Holy Spirit, with spiritual things spiritual things comparing,
Read in context
- 11मनुष्यों में से कौन किसी मनुष्य की बातें जानता, केवल मनुष्य की बातें भी कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आत्मा।
- 12परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं।
- 13जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं।
- 14परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।
- 15आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
Cross references
- 1 Corinthians 2:14 1 कुरिन्थियों 2:14परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है।
- 1 Corinthians 2:4 1 कुरिन्थियों 2:4ओर मेरे वचन, और मेरे प्रचार में ज्ञान की लुभानेवाली बातें नहीं; परन्तु आत्मा और सामर्थ का प्रमाण था।
- 1 Corinthians 1:17 1 कुरिन्थियों 1:17क्योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने को नहीं, बरन सुसमाचार सुनाने को भेजा है, और यह भी शब्दों के ज्ञान के अनुसार नहीं, ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
- 1 Corinthians 12:1–3 1 कुरिन्थियों 12:1–3हे भाइयों, मैं नहीं चाहता कि तुम आत्मिक बरदानों के विषय में अज्ञात रहो। तुम जानते हो, कि जब तुम अन्यजाति थे, तो गूंगी मूरतों के पीछे जेसे चलाए जाते थे वैसे चलते थे। इसलिये मैं तुम्हें चितौनी देता हूं कि जो कोई परमेश्वर की आत्मा की अगुआई से बोलता है, वह नहीं कहता कि यीशु स्त्रापित है; और न कोई पवित्रा आत्मा के बिना कह सकता है कि यीशु प्रभु है।।
- 1 Corinthians 2:1 1 कुरिन्थियों 2:1और हे भाइयों, जब मैं परमेश्वर का भेद सुनाता हुआ तुम्हारे पास आया, तो वचन या ज्ञान की उत्तमता के साथ नहीं आया।
- Colossians 3:16 कुलुस्सियों 3:16मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
- 1 Peter 1:12 1 पतरस 1:12उन पर यह प्रगट किया गया, कि वे अपनी नहीं वरन तुम्हारी सेवा के लिये ये बातें कहा करते थे, जिन का समाचार अब तुम्हें उन के द्वारा मिला जिन्हों ने पवित्र आत्मा के द्वारा जो स्वर्ग से भेजा गया: तुम्हें सुसमाचार सुनाया, और इन बातों को स्वर्गदूत भी ध्यान से देखने की लालसा रखते हैं॥
- Luke 12:12 लूका 12:12क्योंकि पवित्रा आत्मा उसी घड़ी तुम्हें सिखा देगा, कि क्या कहना चाहिए।।
- 2 Peter 1:16 2 पतरस 1:16क्योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था बरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था।
- 1 Corinthians 10:3–5 1 कुरिन्थियों 10:3–5और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया। और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चटान से पीते थे, जो उन के साथ- साथ चलती थी; और वह चटान मसीह था। परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए।
- 1 Corinthians 9:11 1 कुरिन्थियों 9:11सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें।
- Ephesians 5:19 इफिसियों 5:19और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो।
Original words (Greek)
- things · G3739ὅς hós
- also · G2532καί kaí
- speak · G2980λαλέω laléō
- not · G3756οὐ ou
- in · G1722ἐν en
- words · G3056λόγος lógos
- man’s · G442ἀνθρώπινος anthrṓpinos
- wisdom · G4678σοφία sophía
- teacheth · G1318διδακτός didaktós
- but · G235ἀλλά allá
- which · G1722ἐν en
- Holy · G40ἅγιος hágios
- Ghost · G4151πνεῦμα pneûma
- teacheth · G1318διδακτός didaktós
- comparing · G4793συγκρίνω synkrínō
- things · G4152πνευματικός pneumatikós
- spiritual · G4152πνευματικός pneumatikós