1 Corinthians · chapter 10 · verse 25
1 Corinthians 10:25 in Hindi
जो कुछ कस्साइयों के यहां बिकता है, वह खाओ और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
Jo kuchh kassaaiyom ke yahaam bikataa hai, vah khaao aur vivek ke kaaran kuchh na poochho.
1 Corinthians 10:25 in English
- King James Version (KJV)
- Whatsoever is sold in the shambles, [that] eat, asking no question for conscience sake:
- World English Bible (WEB)
- Whatever is sold in the butcher shop, eat, asking no question for the sake of conscience,
- American Standard Version (ASV)
- Whatsoever is sold in the shambles, eat, asking no question for conscience’ sake;
- Bible in Basic English (BBE)
- Whatever meat may be had at the public market, take as food without question of right or wrong;
- Darby Translation (DBY)
- Everything sold in the shambles eat, making no inquiry for conscience sake.
- Webster's Bible (WBS)
- Whatever is sold in the provision market, [that] eat, asking no question for conscience' sake:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whatever in the meat-market is sold eat ye, not inquiring, because of the conscience,
Read in context
- 23सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब लाभ की नहीं: सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुओं से उन्नित नहीं।
- 24कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, बरन औरों की।
- 25जो कुछ कस्साइयों के यहां बिकता है, वह खाओ और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
- 26क्योकि पृथ्वी और उसकी भरपूरी प्रभु की है।
- 27और यदि अविश्वायिों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
Cross references
- 1 Timothy 4:4 1 तीमुथियुस 4:4क्योंकि परमेश्वर की सृजी हुई हर एक वस्तु अच्छी है: और कोई वस्तु अस्वीकार करने के योग्य नहीं; पर यह कि धन्यवाद के साथ खाई जाए।
- 1 Corinthians 8:7 1 कुरिन्थियों 8:7परन्तु सब को यह ज्ञान नही; परन्तु कितने तो अब तक मूरत को कुछ समझने के कारण मूरतों के साम्हने बलि की हुई को कुछ वस्तु समझकर खाते हैं, और उन का विवेक निर्बल होकर अशुद्ध होता है।
- Titus 1:15 तीतुस 1:15शुद्ध लोगों के लिये सब वस्तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: बरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
- Romans 14:14 रोमियों 14:14मैं जानता हूं, और प्रभु यीशु से मुझे निश्चय हुआ है, कि कोई वस्तु अपने आप से अशुद्ध नहीं, परन्तु जो उस को अशुद्ध समझता है, उसके लिये अशुद्ध है।
- Romans 13:5 रोमियों 13:5इसलिये अधीन रहना न केवल उस क्रोध से परन्तु डर से अवश्य है, वरन विवेक भी यही गवाही देता है।
- 1 Corinthians 10:27–29 1 कुरिन्थियों 10:27–29और यदि अविश्वायिों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो। परन्तु यदि कोई तुम से कहे, यह तो मूरत को बलि की हुई वस्तु है, तो उसी बतानेवाले के कारण, और विवेक के कारण न खाओ। मेरा मतलब, तेरा विवेक नहीं, परन्तु उस दूसरे का। भला, मेरी स्वतंत्राता दूसरे के विचार से क्यों परखी जाए:
- Acts 10:15 प्रेरितों के काम 10:15फिर दूसरी बार उसे शब्द सुनाईं दिया, कि जो कुछ परमेश्वर ने शुद्ध ठहराया है, उसे तू अशुद्ध मत कह।