1 Corinthians · chapter 12 · verse 2
1 Corinthians 12:2 in Hindi
तुम जानते हो, कि जब तुम अन्यजाति थे, तो गूंगी मूरतों के पीछे जेसे चलाए जाते थे वैसे चलते थे।
Tum jaanate ho, ki jab tum anyajaati the, to goongee mooratom ke peechhe jese chalaae jaate the vaise chalate the.
1 Corinthians 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- Ye know that ye were Gentiles, carried away unto these dumb idols, even as ye were led.
- World English Bible (WEB)
- You know that when you were heathen, you were led away to those mute idols, however you might be led.
- American Standard Version (ASV)
- Ye know that when ye were Gentiles [ye were] led away unto those dumb idols, howsoever ye might be led.
- Bible in Basic English (BBE)
- You are conscious that when you were Gentiles, in whatever way you were guided, you went after images without voice or power.
- Darby Translation (DBY)
- Ye know that when ye were [of the] nations [ye were] led away to dumb idols, in whatever way ye might be led.
- Webster's Bible (WBS)
- Ye know that ye were Gentiles, carried away to these dumb idols, even as ye were led.
- Young's Literal Translation (YLT)
- ye have known that ye were nations, unto the dumb idols — as ye were led — being carried away;
Read in context
- 1हे भाइयों, मैं नहीं चाहता कि तुम आत्मिक बरदानों के विषय में अज्ञात रहो।
- 2तुम जानते हो, कि जब तुम अन्यजाति थे, तो गूंगी मूरतों के पीछे जेसे चलाए जाते थे वैसे चलते थे।
- 3इसलिये मैं तुम्हें चितौनी देता हूं कि जो कोई परमेश्वर की आत्मा की अगुआई से बोलता है, वह नहीं कहता कि यीशु स्त्रापित है; और न कोई पवित्रा आत्मा के बिना कह सकता है कि यीशु प्रभु है।।
- 4बरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है।
Cross references
- 1 Peter 4:3 1 पतरस 4:3क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
- 1 Thessalonians 1:9 1 थिस्सलुनीकियों 1:9क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम क्योंकि मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरें ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
- Psalm 115:5 भजन संहिता 115:5उनक मुंह तो रहता है परन्तु वे बोल नहीं सकती; उनके आंखें तो रहती हैं परन्तु वे देख नहीं सकतीं।
- Galatians 4:8 गलातियों 4:8भला, तक तो तुम परमेश्वर को न जानकर उनके दास थे जो स्वभाव से परमेश्वर नहीं।
- Ephesians 2:11–12 इफिसियों 2:11–12इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतनावाले कहलाते हैं, वे तुम को खतनारहित कहते हैं)। तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्त्राए की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे।
- 1 Corinthians 6:11 1 कुरिन्थियों 6:11और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्रा हुए और धर्मी ठहरे।।
- Habakkuk 2:18–19 हबक्कूक 2:18–19खुदी हुई मूरत में क्या लाभ देखकर बनानेवाले ने उसे खोदा है? फिर झूठ सिखानेवाली और ढली हुई मूरत में क्या लाभ देखकर ढालनेवाले ने उस पर इतना भरोसा रखा है कि न बोलनेवाली और निकम्मी मूरत बनाए? हाय उस पर जो काठ से कहता है, जाग, वा अबोल पत्थर से, उठ! क्या वह सिखाएगा? देखो, वह सोने चान्दी में मढ़ा हुआ है, परन्तु उस में आत्मा नहीं है।।
- Jeremiah 10:5 यिर्मयाह 10:5वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।
- Ephesians 4:17–18 इफिसियों 4:17–18इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं।
- Psalm 115:7 भजन संहिता 115:7उनके हाथ तो रहते हैं, परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकतीं; उनके पांव तो रहते हैं, परन्तु वे चल नहीं सकतीं; और उनके कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकतीं।
- Titus 3:3 तीतुस 3:3क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
- Isaiah 46:7 यशायाह 46:7वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।