1 Corinthians · chapter 16 · verse 13
1 Corinthians 16:13 in Hindi
जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरूषार्थ करो, बलवन्त होओ।
Jaagate raho, vishvaas mem sthir raho, purooshaarth karo, balavant hoo.
1 Corinthians 16:13 in English
- King James Version (KJV)
- Watch ye, stand fast in the faith, quit you like men, be strong.
- World English Bible (WEB)
- Watch! Stand firm in the faith! Be courageous! Be strong!
- American Standard Version (ASV)
- Watch ye, stand fast in the faith, quit you like men, be strong.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be on the watch, unmoved in the faith, and be strong like men.
- Darby Translation (DBY)
- Be vigilant; stand fast in the faith; quit yourselves like men; be strong.
- Webster's Bible (WBS)
- Watch ye, stand fast in the faith, acquit yourselves like men, be strong.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Watch ye, stand in the faith; be men, be strong;
Read in context
- 11इसलिये कोई उसे तुच्छ न जाने, परन्तु उसे कुशल से इस ओर पहुंचा देना, कि मेरे पास आ जाए; क्योंकि मैं उस की बाट जोह रहा हूं, कि वह भाइयों के साथ आए।
- 12और भाई अपुल्लोस से मैं ने बहुत बिनती की है कि तुम्हारे पास भाइयों के साथ जाए; परन्तु उस ने उस समय जाने की कुछ भी इच्छा न की, परन्तु जब अवसर पाएगा, तब आ जाएगा।
- 13जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरूषार्थ करो, बलवन्त होओ।
- 14जो कुछ करते हो प्रेम से करो।।
- 15हे भाइयो, तुम स्तिफनास के घराने को जानते हो, कि वे अखया के पहिले फल हैं, और पवित्रा लोगों की सेवा के लिये तैयार रहते हैं।
Cross references
- Joshua 1:9 यहोशू 1:9क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।।
- Ephesians 6:13–18 इफिसियों 6:13–18इसलिये परमेश्वर के सारे हथियार बान्ध लो, कि तुम बुरे दिन में साम्हना कर सको, और सब कुछ पूरा करके स्थिर रह सको। सो सत्य से अपनी कमर कसकर, और धार्मीकता की झिलम पहिन कर। और पांवों में मेल के सुसमाचार की तैयारी के जूते पहिन कर। और उन सब के साथ विश्वास की ढाल लेकर स्थिर रहो जिस से तुम उस दुष्ट के सब जलते हुए तीरों को बुझा सको। और उद्धार का टोप, और आत्मा की तलवार जो परमेश्वर का वचन है, ले लो। और हर समय और हर प्रकार से आत्मा में प्रार्थना, और बिनती करते रहो, और इसी लिये जागते रहो, कि सब पवित्रा लोगों के लिये लगातार बिनती किया करो।
- Ephesians 6:10 इफिसियों 6:10निदान, प्रभु में और उस की शक्ति में बलवन्त बनो।
- 1 Corinthians 15:58 1 कुरिन्थियों 15:58सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।।
- 2 Corinthians 12:9–10 2 कुरिन्थियों 12:9–10और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- Galatians 5:1 गलातियों 5:1मसीह ने स्वतंत्राता के लिये हमें स्वतंत्रा किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्व के जूए में फिर से न जुतो।।
- Psalm 27:14 भजन संहिता 27:14यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!
- Philippians 4:13 फिलिप्पियों 4:13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- 2 Thessalonians 2:15 2 थिस्सलुनीकियों 2:15इसलिये, ये भाइयों, स्थिर; और जो जो बातें तुम ने क्या वचन, क्या पत्री के द्वारा हम से सीखी है, उन्हें थामे रहो।।
- Joshua 1:6–7 यहोशू 1:6–7इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ होकर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सुफल होगा।
- Philippians 1:27 फिलिप्पियों 1:27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
- Philippians 4:1 फिलिप्पियों 4:1इसलिये हे मेरे प्रिय भाइयों, जिन में मेरा जी लगा रहता है जो मेरे आनन्द और मुकुट हो, हे प्रिय भाइयो, प्रभु में इसी प्रकार स्थिर रहो।।