1 Corinthians · chapter 3 · verse 9
1 Corinthians 3:9 in Hindi
क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
Kyonki ham parameshvar ke sahakarmee haim; tum parameshvar kee khetee aur parameshvar kee rachanaa ho.
1 Corinthians 3:9 in English
- King James Version (KJV)
- For we are labourers together with God: ye are God’s husbandry, [ye are] God’s building.
- World English Bible (WEB)
- For we are God’s fellow workers. You are God’s farming, God’s building.
- American Standard Version (ASV)
- For we are God’s fellow-workers: ye are God’s husbandry, God’s building.
- Bible in Basic English (BBE)
- For we are workers with God: you are God's planting, God's building.
- Darby Translation (DBY)
- For we are God's fellow-workmen; ye are God's husbandry, God's building.
- Webster's Bible (WBS)
- For we are laborers together with God: ye are God's husbandry, [ye are] God's building.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for of God we are fellow-workmen; God's tillage, God's building ye are.
Read in context
- 7इसलिये न तो लगानेवाला कुछ है, और न सींचनेवाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ानेवाला है।
- 8लगानेवाला और सींचनेवाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
- 9क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
- 10परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझै दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिद्दी की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रस्रा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रस्रा रखता है।
- 11क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।
Cross references
- 1 Peter 2:5 1 पतरस 2:5तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।
- Ephesians 2:20–22 इफिसियों 2:20–22और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिस के कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्रा मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।।
- 2 Corinthians 6:1 2 कुरिन्थियों 6:1और हम जो उसके सहकर्मी हैं यह भी समझाते हैं, कि परमेश्वर का अनुगंह जो तुम पर हुआ, व्यर्थ न रहने दो।
- 1 Corinthians 3:16 1 कुरिन्थियों 3:16क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है?
- Mark 16:20 मरकुस 16:20और उन्होंने निकलकर हर जगह प्रचार किया, और प्रभु उन के साथ काम करता रहा, और उन चिन्हों के द्वारा जो साथ साथ होते थे वचन को, दृढ़ करता रहा। आमीन॥
- Ephesians 2:10 इफिसियों 2:10क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।।
- Matthew 9:37 मत्ती 9:37तब उस ने अपने चेलों से कहा, पक्के खेत तो बहुत हैं पर मजदूर थोड़े हैं।
- Isaiah 61:11 यशायाह 61:11क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
- 1 Corinthians 3:6 1 कुरिन्थियों 3:6मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया।
- John 4:35–38 यूहन्ना 4:35–38क्या तुम नहीं कहते, कि कटनी होने में अब भी चार महीने पड़े हैं? देखो, मैं तुम से कहता हूं, अपनी आंखे उठाकर खेतों पर दृष्टि डालो, कि वे कटनी के लिये पक चुके हैं। और काटनेवाला मजदूरी पाता, और अनन्त जीवन के लिये फल बटोरता है; ताकि बोनेवाला और काटनेवाला दोनों मिलकर आनन्द करें। क्योंकि इस पर यह कहावत ठीक बैठती है कि बानेवाला और है और काटनेवाला और। मैं ने तुम्हें वह खेत काटने के लिये भेजा, जिस में तुम ने परिश्रम नहीं किया: औरों ने परिश्रम किया और तुम उन के परिश्रम के फल में भागी हुए।।
- 1 Corinthians 6:19 1 कुरिन्थियों 6:19क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
- John 15:1–8 यूहन्ना 15:1–8सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है। जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा। मेरे पिता की महिमा इसी से होती है, कि तुम बहुत सा फल लाओ, तब ही तुम मेरे चेले ठहरोगे।