Isaiah · chapter 61 · verse 11
Isaiah 61:11 in Hindi
क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
Kyonki jaise bhoomi apanee upaj ko ugaatee, aur baaree mem jo kuchh boyaa jaataa hai usako vah upajaatee hai, vaise hee prabhu yahovaa sab jaatiyom ke saamhane dhaarmikataa aur dhanyavaad ko badhaaegaa..
Isaiah 61:11 in English
- King James Version (KJV)
- For as the earth bringeth forth her bud, and as the garden causeth the things that are sown in it to spring forth; so the Lord GOD will cause righteousness and praise to spring forth before all the nations.
- World English Bible (WEB)
- For as the earth produces its bud, and as the garden causes the things that are sown in it to spring up, so the Lord GOD will cause righteousness and praise to spring up before all the nations.
- American Standard Version (ASV)
- For as the earth bringeth forth its bud, and as the garden causeth the things that are sown in it to spring forth; so the Lord Jehovah will cause righteousness and praise to spring forth before all the nations.
- Bible in Basic English (BBE)
- For as the earth puts out buds, and as the garden gives growth to the seeds which are planted in it, so the Lord will make righteousness and praise to be flowering before all the nations.
- Darby Translation (DBY)
- For as the earth bringeth forth her bud, and as a garden causeth the things that are sown in it to spring forth, so the Lord Jehovah will cause righteousness and praise to spring forth before all the nations.
- Webster's Bible (WBS)
- For as the earth bringeth forth her bud, and as the garden causeth the things that are sown in it to spring forth; so the Lord GOD will cause righteousness and praise to spring forth before all the nations.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, as the earth bringeth forth her shoots, And as a garden causeth its sown things to shoot up, So the Lord Jehovah causeth righteousness and praise To shoot up before all the nations!
Read in context
- 9उनका वंश अन्यजातियों में और उनकी सन्तान देश देश के लोगों के बीच प्रसिद्ध होगी; जितने उनको देखेंगे, पहिचान लेंगे कि यह वह वंश है जिसको परमेश्वर ने आशीष दी है।।
- 10मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण परमेश्वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उस ने मुझे उद्धार के वस्त्रा पहिनाए, और धर्म की च र ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आपको सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है।
- 11क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
Cross references
- Mark 4:26–32 मरकुस 4:26–32फिर उस ने कहा; परमेश्वर का राजय ऐसा है, जैसे कोई मनुष्य भूमि पर बीज छींटे। और रात को सोए, और दिन को जागे और वह बीच ऐसे उगे और बढ़े कि वह न जाने। पृथ्वी आप से आप फल लाती है पलिे अंकुर, तब बाल, और तब बालों में तैयार दाना। परन्तु जब दाना पक जाता है, तब वह तुरन्त हंसिया लगाता है, क्योंकि कटनी आ पहुंची है।। फिर उस ने कहा, हम परमेश्वर के राज्य की उपमा किस से दें, और किस दृष्टान्त से उसका वर्णन करें? वह राई के दाने के समान हैं; कि जब भूमि में बोया जाता है तो भूमि के सब बीजों से छोटा होता है। परन्तु जब बोया गया, तो उगकर सब साग पात से बड़ा हो जाता है, और उसकी ऐसी बड़ी डालियां निकलती हैं, कि आकाश के पक्षी उसकी छाया में बसेरा कर सकते हैं।।
- 1 Peter 2:9 1 पतरस 2:9पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज- पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्रा लोग, और ( परमेश्वर की ) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।
- Isaiah 58:11 यशायाह 58:11और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हडि्डयों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।
- Isaiah 55:10–11 यशायाह 55:10–11जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है, उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।।
- Isaiah 45:8 यशायाह 45:8हे आकाश, ऊपर से धर्म बरसा, आकाशमण्डल से धर्म की वर्षा हो; पृथ्वी खुले कि उद्धार उत्पन्न हो; और धर्म भी उसके संग उगाए; मैं यहोवा ही ने उसे उत्पन्न किया है।।
- Isaiah 62:1 यशायाह 62:1सिरयोन के निमित्त मैं चुप न रहूंगा, और यरूशलेम के निमित्त मैं चैन न लूंगा, जब तक कि उसकी धार्मिकता प्रकाश की नाईं और उसका उद्धार जलते हुए पलीते के समान दिखाई न दे।
- Isaiah 62:7 यशायाह 62:7और, जब तक वह यरूशलेम को स्थिर करके उसकी प्रशंसा पृथ्वी पर न फैला दे, तब तक उसे भी चैन न लेने दो।
- Psalm 85:11 भजन संहिता 85:11पृथ्वी में से सच्चाई उगती और स्वर्ग से धर्म झुकता है।
- Isaiah 60:18 यशायाह 60:18तेरे देश में फिर कभी उपद्रव और तेरे सिवानों के भीतर उत्पात वा अन्धेर की चर्चा न सुनाई पड़ेगी; परन्तु तू अपनी शहरपनाह का नाम उद्धार और अपने फाटकों का नाम यश रखेगी।
- Matthew 13:3 मत्ती 13:3और उस ने उन से दृष्टान्तों में बहुत सी बातें कही, कि देखो, एक बोनेवाला बीज बोने निकला।
- Psalm 72:3 भजन संहिता 72:3पहाडों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, धर्म के द्वारा शान्ति मिला करेगी
Original words (Hebrew)
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- bud · H6780צֶמַח tsemach
- garden · H1593גַּנָּה gannâh
- sown · H2221זֵרוּעַ zêrûwaʻ
- forth · H6779צָמַח tsâmach
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- righteousness · H6666צְדָקָה tsᵉdâqâh
- praise · H8416תְּהִלָּה tᵉhillâh
- forth · H6779צָמַח tsâmach
- nations · H1471גּוֹי gôwy