1 Corinthians · chapter 8 · verse 2
1 Corinthians 8:2 in Hindi
यदि कोई समझे, कि मैं कुछ जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता।
Yadi koee samajhe, ki maim kuchh jaanataa hoom, to jaisaa jaananaa chaahie vaisaa ab tak naheem jaanataa.
1 Corinthians 8:2 in English
- King James Version (KJV)
- And if any man think that he knoweth any thing, he knoweth nothing yet as he ought to know.
- World English Bible (WEB)
- But if anyone thinks that he knows anything, he doesn’t yet know as he ought to know.
- American Standard Version (ASV)
- If any man thinketh that he knoweth anything, he knoweth not yet as he ought to know;
- Bible in Basic English (BBE)
- If anyone seems to himself to have knowledge, so far he has not the right sort of knowledge about anything;
- Darby Translation (DBY)
- If any one think he knows anything, he knows nothing yet as he ought to know [it].
- Webster's Bible (WBS)
- And if any man thinketh that he knoweth any thing, he knoweth nothing yet as he ought to know.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if any one doth think to know anything, he hath not yet known anything according as it behoveth [him] to know;
Read in context
- 1अब मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के विषय में हम जानते हैं, कि हम सब को ज्ञान है: ज्ञान घमण्ड उत्पन्न करता है, परन्तु प्रेम से उन्नति होती है।
- 2यदि कोई समझे, कि मैं कुछ जानता हूं, तो जैसा जानना चाहिए वैसा अब तक नहीं जानता।
- 3परन्तु यदि कोई परमेश्वर से प्रेम रखता है, तो उसे परमेश्वर पहिचानता है।
- 4सो मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के खाने के विषय में हम जानते हैं, कि मूरत जगत में कोई वस्तु नहीं, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं।
Cross references
- 1 Corinthians 13:12 1 कुरिन्थियों 13:12अब हमें दर्पण में धुंधला सा दिखाई देता है; परन्तु उस समय आमने साम्हने देखेंगे, इस समय मेरा ज्ञान अधूरा है; परन्तु उस समय ऐसी पूरी रीति से पहिचानूंगा, जैसा मैं पहिचाना गया हूं।
- 1 Corinthians 3:18 1 कुरिन्थियों 3:18कोई अपन आप को धोखा न दे: यदि तुम में से कोई इस संसार में अपने आप को ज्ञानी समझे, तो मूर्ख बने; कि ज्ञानी हो जाए।
- Proverbs 26:12 नीतिवचन 26:12यदि तू ऐसा मनुष्य देखे जो अपनी दृष्टि में बुद्धिमान बनता हो, तो उस से अधिक आशा मूर्ख ही से है।
- Galatians 6:3 गलातियों 6:3क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है।
- 1 Timothy 6:3–4 1 तीमुथियुस 6:3–4यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देना है; और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है। तो वह अभिमानी हो गया, और कुछ नहीं जानता, बरन उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिन से डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे बुरे सन्देह।
- 1 Corinthians 13:8–9 1 कुरिन्थियों 13:8–9प्रेम कभी टलता नहीं; भविष्यद्वाणियां हों, तो समाप्त हो जाएंगी, भाषाएं हो तो जाती रहेंगी; ज्ञान हो, तो मिट जाएगा। क्योंकि हमारा ज्ञान अधूरा है, और हमारी भविष्यद्वाणी अधूरी।
- Proverbs 30:2–4 नीतिवचन 30:2–4निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्रा का ज्ञान मुझे मिला है। कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- 1 Timothy 1:5–7 1 तीमुथियुस 1:5–7आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और कपटरहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो। इन को छोड़कर कितने लोग फिरकर बकवाद की ओर भटक गए हैं। और व्यवस्थापक तो होना चाहते हैं, पर जो बातें कहते और जिन को दृढ़ता से बोलते हैं, उन को समझते भी नहीं।
- Romans 11:25 रोमियों 11:25हे भाइयों, कहीं ऐसा न हो, कि तुम अपने आप को बुद्धिमान समझ लो; इसलिये मैं नहीं चाहता कि तुम इस भेद से अनजान रहो, कि जब तक अन्यजातियां पूरी रीति से प्रवेश न कर लें, तब तक इस्त्राएल का एक भाग ऐसा ही कठोर रहेगा।