1 John · chapter 1 · verse 4
1 John 1:4 in Hindi
और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।।
Aur ye baatem ham isaliye likhate haim, ki hamaaraa aanand pooraa ho jaae..
1 John 1:4 in English
- King James Version (KJV)
- And these things write we unto you, that your joy may be full.
- World English Bible (WEB)
- And we write these things to you, that our joy may be fulfilled.
- American Standard Version (ASV)
- and these things we write, that our joy may be made full.
- Bible in Basic English (BBE)
- And we are writing these things to you so that our joy may be made complete.
- Darby Translation (DBY)
- And these things write we to you that your joy may be full.
- Webster's Bible (WBS)
- And these things we write to you, that your joy may be full.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and these things we write to you, that your joy may be full.
Read in context
- 2(यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)।
- 3जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो; और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्रा यीशु मसीह के साथ है।
- 4और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्द पूरा हो जाए।।
- 5जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है; कि परमेश्वर ज्योति हैं: और उस में कुछ भी अन्धकार नहीं।
- 6यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते।
Cross references
- John 15:11 यूहन्ना 15:11मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि मेरा आनन्द तुम में बना रहे, और तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।
- John 16:24 यूहन्ना 16:24अब तक तुम ने मेरे नाम से कुछ नहीं मांगा; मांगो तो पाओगे ताकि तुम्हारा आनन्द पूरा हो जाए।।
- 2 John 1:12 2 यूहन्ना 1:12मुझे बहुत सी बातें तुम्हें लिखनी हैं, पर कागज और सियाही से लिखना नहीं चाहता; पर आशा है, कि मैं तुम्हारे पास आऊंगा, और सम्मुख होकर बातचीत करूंगा: जिस से तुम्हारा आनन्द पूरा हो।
- 2 Corinthians 1:24 2 कुरिन्थियों 1:24यह नहीं, कि हम विश्वास के विषय में तुम पर प्रभुता जताना चाहते हैं; परन्तु तुम्हारे आनन्द में सहायक हैं क्योंकि तुम विश्वास ही से स्थिर रहते हो।
- Habakkuk 3:17–18 हबक्कूक 3:17–18क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में फूल न लगें, और न दाखलताओं में फल लगें, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़- बकरियां न रहें, और न थानों में गाय बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूंगा, और अपने उद्धारकर्त्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूंगा।।
- Ephesians 3:19 इफिसियों 3:19और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।।
- John 3:29 यूहन्ना 3:29जिस की दुलहिन है, वही दूल्हा है: परन्तु दूल्हे का मित्रा जो खड़ा हुआ उस की सुनता है, दूल्हे के शब्द से बहुत हर्षित होता है; अब मेरा यह हर्ष पूरा हुआ है।
- Philippians 1:25–26 फिलिप्पियों 1:25–26और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, बरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो। और जो घमण्ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
- Isaiah 61:10 यशायाह 61:10मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण परमेश्वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उस ने मुझे उद्धार के वस्त्रा पहिनाए, और धर्म की च र ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आपको सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है।