Philippians · chapter 1 · verse 25
Philippians 1:25 in Hindi
और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, बरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो।
Aur isaliye ki mujhe is kaa bharosaa hai so maim jaanataa hoom ki maim jeevit rahoongaa, baran tum sab ke saath rahoongaa jis se tum vishvaas mem drudh hote jaao aur us mem aanandit raho.
Philippians 1:25 in English
- King James Version (KJV)
- And having this confidence, I know that I shall abide and continue with you all for your furtherance and joy of faith;
- World English Bible (WEB)
- Having this confidence, I know that I will remain, yes, and remain with you all for your progress and joy in the faith,
- American Standard Version (ASV)
- And having this confidence, I know that I shall abide, yea, and abide with you all, for your progress and joy in the faith;
- Bible in Basic English (BBE)
- And being certain of this, I am conscious that I will go on, yes, and go on with you all, for your growth and joy in the faith;
- Darby Translation (DBY)
- and having confidence of this, I know that I shall remain and abide along with you all, for your progress and joy in faith;
- Webster's Bible (WBS)
- And having this confidence, I know that I shall abide and continue with you all for your furtherance and joy of faith;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and of this being persuaded, I have known that I shall remain and continue with you all, to your advancement and joy of the faith,
Read in context
- 23क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच करके मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
- 24परन्तु शरीर में रहना तुम्हारे कारण और भी आवश्यक है।
- 25और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, बरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो।
- 26और जो घमण्ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
- 27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
Cross references
- Philippians 2:24 फिलिप्पियों 2:24और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा।
- Ephesians 4:11–13 इफिसियों 4:11–13और उस ने कितनों को भविष्यद्वकता नियुक्त करके, और कितनों को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया। जिस से पवित्रा लोग सिद्ध जो जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्रा की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।
- 2 Corinthians 1:24 2 कुरिन्थियों 1:24यह नहीं, कि हम विश्वास के विषय में तुम पर प्रभुता जताना चाहते हैं; परन्तु तुम्हारे आनन्द में सहायक हैं क्योंकि तुम विश्वास ही से स्थिर रहते हो।
- Acts 20:25 प्रेरितों के काम 20:25और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिन से मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे।
- Romans 15:13 रोमियों 15:13सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- Romans 5:2 रोमियों 5:2जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
- Romans 1:11–12 रोमियों 1:11–12क्योंकि मै। तुम से मिलने की लालसा करता हूं, कि मैं तुम्हें कोई आत्मिक बरदान दूं जिस से तुम स्थिर हो जाओ। अर्थात् यह, कि मैं तुम्हारे बीच में होकर तुम्हारे साथ उस विश्वास के द्वारा जो मुझ में, और तुम में है, शान्ति पाऊं।
- 1 Peter 1:8 1 पतरस 1:8उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- John 21:15–17 यूहन्ना 21:15–17भोजन करने के बाद यीशु ने शमौन पतरस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू इन से बढ़कर मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उस से कहा, हां प्रभु तू तो जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरे मेमनों को चरा। उस ने फिर दूसरी बार उस से कहा, हे शमौन यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? उस ने उन से कहा, हां, प्रभु तू जानता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: उस ने उस से कहा, मेरी भेड़ों की रखवाली कर। उस ने तीसरी बार उस से कहा, हे शमौन, यूहन्ना के पुत्रा, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? पतरस उदास हुआ, कि उस ने उसे तीसरी बार ऐसा कहा; कि क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? और उस से कहा, हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है: तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं: यीशु ने उस से कहा, मेरी भेड़ों को चरा।
- Acts 11:23 प्रेरितों के काम 11:23वह वहां पहुंचकर, और परमेश्वर के अनुग्रह को देखकर आनन्दित हुआ; और सब को उपदेश दिया कि तन मन लगाकर प्रभु से लिपटे रहो।
- Luke 22:32 लूका 22:32परन्तु मैं ने तेरे लिये बिनती की, कि तेरा विश्वास जाता न रहे: और जब तू फिरे, तो अपने भाइयों को स्थिर करना।
- Psalm 60:6 भजन संहिता 60:6परमेश्वर पवित्राता के साथ बोला है मैं प्रफुल्लित हूंगा; मैं शकेम को बांट लूंगा, और सुक्कोत की तराई को नपवाऊंगा।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- having · G3982πείθω peíthō
- this · G5124τοῦτο toûto
- confidence · G3982πείθω peíthō
- know · G1492εἴδω eídō
- that · G3754ὅτι hóti
- abide · G3306μένω ménō
- and · G2532καί kaí
- with · G4839συμπαραμένω symparaménō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- all · G3956πᾶς pâs
- for · G1519εἰς eis
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- furtherance · G4297προκοπή prokopḗ
- and · G2532καί kaí
- joy · G5479χαρά chará
- faith · G4102πίστις pístis