1 John · chapter 2 · verse 27
1 John 2:27 in Hindi
और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो।
Aur tumhaaraa vah abhishek, jo us kee or se kiyaa gayaa, tum mem banaa rahataa hai; aur tumhem is kaa prayojan nahee, ki koee tumhem sikhaae, baran jaise vah abhishek jo us kee or se kiyaa gayaa tumhem sab baatem sikhaataa hai, aur yah sachchaa hai, aur jhoothaa naheem: aur jaisaa us ne tumhem sikhaayaa hai vaise hee tum us mem bane rahate ho.
1 John 2:27 in English
- King James Version (KJV)
- But the anointing which ye have received of him abideth in you, and ye need not that any man teach you: but as the same anointing teacheth you of all things, and is truth, and is no lie, and even as it hath taught you, ye shall abide in him.
- World English Bible (WEB)
- As for you, the anointing which you received from him remains in you, and you don’t need for anyone to teach you. But as his anointing teaches you concerning all things, and is true, and is no lie, and even as it taught you, you will remain in him.
- American Standard Version (ASV)
- And as for you, the anointing which ye received of him abideth in you, and ye need not that any one teach you; but as his anointing teacheth you concerning all things, and is true, and is no lie, and even as it taught you, ye abide in him.
- Bible in Basic English (BBE)
- As for you, the Spirit which he gave you is still in you, and you have no need of any teacher; but as his Spirit gives you teaching about all things, and is true and not false, so keep your hearts in him, through the teaching which he has given you.
- Darby Translation (DBY)
- and yourselves, the unction which ye have received from him abides in you, and ye have not need that any one should teach you; but as the same unction teaches you as to all things, and is true and is not a lie, and even as it has taught you, ye shall abide in him.
- Webster's Bible (WBS)
- But the anointing which ye have received from him abideth in you, and ye need not that any man should teach you: but as the same anointing teacheth you concerning all things, and is truth, and is no lie, and even as it hath taught you, ye shall abide in him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and you, the anointing that ye did receive from him, in you it doth remain, and ye have no need that any one may teach you, but as the same anointing doth teach you concerning all, and is true, and is not a lie, and even as was taught you, ye shall remain in him.
Read in context
- 25और जिस की उस ने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है।
- 26मैं ने ये बातें तुम्हें उस के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं।
- 27और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो।
- 28निदान, हे बालको, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्जित न हों।
- 29यदि तुम जानते हो, कि वह धार्मिक है, तो यह भी जानते हो, कि जो कोई धर्म का काम करता है, वह उस से जन्मा है।
Cross references
- John 14:26 यूहन्ना 14:26परन्तु सहायक अर्थात् पवित्रा आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
- 1 John 2:20–21 1 यूहन्ना 2:20–21और तुम्हारा तो उस पवित्रा से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो। मैं ने तुम्हें इसलिये नहीं लिखा, कि तुम सत्य को नहीं जानते, पर इसलिये, कि उसे जानते हो, और इसलिये कि कोई झूठ, सत्य की ओर से नहीं।
- 1 Corinthians 2:13 1 कुरिन्थियों 2:13जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं।
- John 16:13 यूहन्ना 16:13परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा।
- Jeremiah 31:33–34 यिर्मयाह 31:33–34परन्तु जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्राएल के घराने से बान्धूंगा, वह यह है: मैं अपनी व्यवस्था उनके मन में समवाऊंगा, और उसे उनके हृदय पर लिखूंगा; और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, यहोवा की यह वाणी है। और तब उन्हें फिर एक दूसरे से यह न कहना पड़ेगा कि यहोवा को जानो, क्योंकि, यहोवा की यह वाणी है कि छोटे से ले कर बड़े तक, सब के सब मेरा ज्ञान रखेंगे; क्योंकि मैं उनका अधर्म क्षमा करूंगा, और उनका पाप फिर स्मरण न करूंगा।
- Hebrews 8:10–11 इब्रानियों 8:10–11फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे। और हर एक अपने देश वाले को और अपने भाई को यह शिक्षा न देगा, कि तू प्रभु को पहिचान क्योंकि छोटे से बड़े तक सब मुझे जान लेंगे।
- 1 Thessalonians 2:13 1 थिस्सलुनीकियों 2:13इसलिये हम भी परमेश्वर का धन्यवाद निरन्तर करते हैं; कि जब हमारे द्वारा परमेश्वर के सुसमाचार का वचन तुम्हारे पास पहुंचा, तो तुम ने उस मनुष्यों का नहीं, परन्तु परमेश्वर का वचन समझकर (और सचमुच यह ऐसा ही है) ग्रहण किया: और वह तुम में जो विश्वास रखते हो, प्रभावशाली है।
- John 15:4–7 यूहन्ना 15:4–7तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है; और लोग उन्हें बटोरकर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं। यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
- John 8:31–32 यूहन्ना 8:31–32तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे। और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्रा करेगा।
- John 14:17 यूहन्ना 14:17अर्थात् सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है: तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।
- 2 Peter 1:16–17 2 पतरस 1:16–17क्योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था बरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था। कि उस ने परमेश्वर पिता से आदर, और महिमा पाई जब उस प्रतापमय महिमा में से यह वाणी आई कि यह मेरा प्रिय पुत्रा है जिस से मैं प्रसन्न हूं।
- 1 John 2:28 1 यूहन्ना 2:28निदान, हे बालको, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्जित न हों।
Original words (Greek)
- But · G2532καί kaí
- anointing · G5545χρῖσμα chrîsma
- which · G3739ὅς hós
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- received · G2983λαμβάνω lambánō
- of · G575ἀπό apó
- him · G846αὐτός autós
- abideth · G3306μένω ménō
- in · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- and · G2532καί kaí
- need · G2192ἔχω échō
- not · G3756οὐ ou
- that · G2443ἵνα hína
- man · G5100τὶς tìs
- teach · G1321διδάσκω didáskō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- but · G235ἀλλά allá
- as · G5613ὡς hōs
- same · G846αὐτός autós
- anointing · G5545χρῖσμα chrîsma
- teacheth · G1321διδάσκω didáskō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- of · G4012περί perí
- things · G3956πᾶς pâs
- and · G2532καί kaí
- is · G2076ἐστί estí
- truth · G227ἀληθής alēthḗs
- and · G2532καί kaí
- is · G2076ἐστί estí
- no · G3756οὐ ou
- lie · G5579ψεῦδος pseûdos
- and · G2532καί kaí
- as · G2531καθώς kathṓs
- taught · G1321διδάσκω didáskō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- abide · G3306μένω ménō
- in · G1722ἐν en
- him · G846αὐτός autós