2 John · chapter 1 · verse 5
2 John 1:5 in Hindi
अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।
Ab he shreematee, maim tujhe koee naee aajnyaa naheem, par vahee jo aarambh se hamaare paas hai, likhataa hoom; aur tujh se binatee karataa hoom, ki ham ek doosare se prem rakhen.
2 John 1:5 in English
- King James Version (KJV)
- And now I beseech thee, lady, not as though I wrote a new commandment unto thee, but that which we had from the beginning, that we love one another.
- World English Bible (WEB)
- Now I beg you, dear lady, not as though I wrote to you a new commandment, but that which we had from the beginning, that we love one another.
- American Standard Version (ASV)
- And now I beseech thee, lady, not as though I wrote to thee a new commandment, but that which we had from the beginning, that we love one another.
- Bible in Basic English (BBE)
- And now, my sister, I make a request to you, not sending you a new law, but the law which we had from the first, that we have love for one another.
- Darby Translation (DBY)
- And now I beseech thee, lady, not as writing to thee a new commandment, but that which we have had from [the] beginning, that we should love one another.
- Webster's Bible (WBS)
- And now I beseech thee, lady, not as though I wrote a new commandment to thee, but that which we had from the beginning, that we love one another.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and now I beseech thee, Kyria, not as writing to thee a new command, but which we had from the beginning, that we may love one another,
Read in context
- 3परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्रा यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।।
- 4मैं बहुत आनन्दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के- बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।
- 5अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।
- 6और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।
- 7क्योंकि बहुत से ऐसे भरमानेवाले जगत में निकल आए हैं, जो यह नहीं मानते, कि यीशु मसीह शरीर में होकर आया: भरमानेवाला और मसीह का विरोधी यही है।
Cross references
- John 13:34–35 यूहन्ना 13:34–35मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।।
- 1 John 3:11 1 यूहन्ना 3:11क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से बैर रखे।
- John 15:12 यूहन्ना 15:12मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।
- 1 Thessalonians 4:9 1 थिस्सलुनीकियों 4:9किन्तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है।
- 1 John 3:23 1 यूहन्ना 3:23और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
- 1 John 4:20 1 यूहन्ना 4:20यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उस ने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उस ने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
- 1 John 3:14–18 1 यूहन्ना 3:14–18हम जानते हैं, कि हम मृत्यु से पार होकर जीवन में पहुंचे हैं; क्योंकि हम भाइयों से प्रेम रखते हैं: जो प्रेम नहीं रखता, वह मृत्यु की दशा में रहता है। जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह हत्यारा है; और तुम जानते हो, कि किसी हत्यारे में अनन्त जीवन नहीं रहता। हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- 1 Peter 4:8 1 पतरस 4:8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- 2 Peter 1:7 2 पतरस 1:7और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
- Hebrews 13:1 इब्रानियों 13:1भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
- 1 John 4:7–12 1 यूहन्ना 4:7–12हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है। जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्रा को जगत में भेजा है, कि हम उसे द्वारा जीवन पाएं। प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्रा को भेजा। हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
- 1 Peter 1:22–23 1 पतरस 1:22–23सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो। क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- now · G3568νῦν nŷn
- beseech · G2065ἐρωτάω erōtáō
- thee · G4571σέ sé
- lady · G2959Κυρία Kyría
- not · G3756οὐ ou
- as · G5613ὡς hōs
- wrote · G1125γράφω gráphō
- new · G2537καινός kainós
- commandment · G1785ἐντολή entolḗ
- thee · G4671σοί soí
- but · G235ἀλλά allá
- that · G2443ἵνα hína
- which · G3739ὅς hós
- had · G2192ἔχω échō
- from · G575ἀπό apó
- beginning · G746ἀρχή archḗ
- that · G2443ἵνα hína
- love · G25ἀγαπάω agapáō
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn